पानागढ़.
पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा ब्लॉक के विद बिहार और बीरभूम जिले के जयदेव केंदुली के बीच अजय नदी पर बने अस्थायी सेतु को फिर से चालू करने की मांग को लेकर बुधवार को विद बिहार के स्थानीय लोगों ने विरोध जताया.
जयदेव मेला और तीर्थयात्रियों की सुविधा का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कांकसा से जयदेव मेला जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह अस्थायी सेतु बेहद महत्वपूर्ण है. इस मार्ग से न केवल दूरी कम हो जाती है, बल्कि यह एक प्राचीन रास्ता भी है, जिसके सहारे एक जिले से दूसरे जिले में स्थित ऐतिहासिक जयदेव मेला और अखाड़ा तक सीधा आवागमन संभव होता है.
स्थायी सेतु बनने के बाद बंद किया गया अस्थायी मार्ग
हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर अजय नदी पर कुछ दूरी पर एक स्थायी सेतु का निर्माण किया गया है और उस पर आवागमन भी शुरू हो चुका है. इसके बाद प्रशासन ने अस्थायी सेतु को बंद कर दिया. लेकिन इस वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले जयदेव मेले से पहले अखाड़ा लगाने वाले लोगों में इसे लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि फिलहाल अजय नदी में जलस्तर काफी कम है. ऐसे में अस्थायी सेतु को फिर से चालू किया जा सकता है. उनका आरोप है कि जयदेव मेला और इस अस्थायी सेतु का ऐतिहासिक और पारंपरिक जुड़ाव है, जिसे प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है.
पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी का विरोध
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अस्थायी सेतु बंद होने से उन्हें करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर स्थायी सेतु से जाना पड़ता है. जबकि अस्थायी सेतु से सीधे जयदेव मेला और अखाड़ा पहुंचा जा सकता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है.
पंचायत मंत्री ने समाधान का दिया आश्वासन
मामले को लेकर पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि उन्हें इस विषय की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि विधायक से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जायेगी.
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