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65 लाख का घर, नया फार्महाउस और स्कॉर्पियो की बुकिंग, सिर्फ 15 हजार सैलरी, आखिर कहां से आई इतनी दौलत?

Ram Mandir Cash: अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनुकल्प मिश्रा अब सिर्फ दान चोरी के आरोपों ही नहीं, बल्कि अपनी आलीशान संपत्तियों को लेकर भी जांच के घेरे में हैं. करीब 15 हजार रुपये मासिक सैलरी पाने वाले 22 वर्षीय अनुकल्प के नाम पर 65 लाख रुपये का मकान, पैतृक गांव में नया फार्महाउस, एक लाख रुपये से अधिक कीमत की मोटरसाइकिल और महिंद्रा स्कॉर्पियो की बुकिंग जैसी जानकारियों ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींच लिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों के लिए धन कहां से आया. कैसे खुला राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मास्टरमाइंड का राज? राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा है. वह बैंक की एक आउटसोर्सिंग एजेंसी का कर्मचारी था, जिसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान पेटियों से निकलने वाली नकदी की गिनती और प्रबंधन करने वाली टीम में तैनात किया गया था. SIT जांच और ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर जून 2026 में अयोध्या पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा और उसके साले लवकुश मिश्रा समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. फार्महाउस, स्कॉर्पियो और आलीशान घर की जांच अनुकल्प मिश्रा के पास एक शानदार फार्महाउस, महंगी स्कॉर्पियो SUV और 65 लाख रुपये का घर है. पुलिस सूत्रों के अनुसार अनुकल्प मिश्रा ने गिरफ्तारी से कुछ समय पहले महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी. कौशलपुरी स्थित अनुकल्प मिश्रा के आवास पर की गई तलाशी के दौरान पुलिस को संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज मिले थे. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत की जांच की जा रही है. आय से ज्यादा संपत्ति और भव्य धार्मिक आयोजन पर नजर अनुकल्प मिश्रा की आधिकारिक मासिक सैलरी महज 14,500 रुपये बताई जा रही है, लेकिन उसकी संपत्तियों ने जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया है. पुलिस उन सूचनाओं की भी पुष्टि कर रही है जिनके अनुसार अनुकल्प ने इसी वर्ष अप्रैल में अपने गांव में सात दिनों तक चलने वाले एक भव्य धार्मिक आयोजन किया था, जिसमें कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं. कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया है कि पिछले कुछ वर्षों में परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ था. गुप्त कैमरों से खुलासा, बेनामी संपत्तियों की तलाश जारी पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई को आगे बढ़ाया है. अनुकल्प की संपत्तियों पर नजर रखी जा रही है और जांचकर्ताओं का एक दल उसकी बैंकिंग गतिविधियों का भी अध्ययन कर रहा है. यह सब कुछ तब हो रहा है जब राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि भक्तों के चढ़ावे का सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए. बतादें कि ट्रस्ट अधिकारियों को मई 2026 के आखिरी हफ्ते में दान राशि में बार-बार आ रही कमी के चलते शक हुआ था, जिसके बाद वहां गुप्त कैमरे लगाए गए. इस मामले में अब तक की छापेमारी में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों (जैसे टिन्नू यादव) के ठिकानों से लाखों रुपये कैश बरामद कर चुकी है. SIT और स्थानीय पुलिस अब अनुकल्प मिश्रा की अन्य बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों को खंगाल रही है. यह भी पढ़ें: राम मंदिर फंड विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने किया तत्काल सुनवाई से इनकार, कहा- आसमान नहीं टूट पड़ेगा…इतनी क्या जल्दी है The post 65 लाख का घर, नया फार्महाउस और स्कॉर्पियो की बुकिंग, सिर्फ 15 हजार सैलरी, आखिर कहां से आई इतनी दौलत? appeared first on Naya Vichar.

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इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा या मैं… इमरान हाशमी की ‘Awarapan 2’ का पहला टीजर देख फैंस बोले- ब्लॉकबस्टर

Awarapan 2 Teaser: साल 2007 में इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन’ रिलीज हुई थी, जिसमें उनका किरदार शिवम पंडित लोगों के दिलों में बस गया था. इस फिल्म की कहानी और गानों ने इसे एक कल्ट फिल्म बना दिया था. अब पूरे 19 साल बाद उसी कहानी का अगला हिस्सा ‘आवारापन 2’ वापस आ रहा है. आज, 29 जून को इसका पहला टीजर रिलीज किया गया है, जिसमें दर्शकों को भरपूर नॉस्टैल्जिया, इमोशन और एक्शन देखने को मिल रहा है. Awarapan 2 Teaser Explained: टीजर में क्या-क्या दिखाया गया? आवारापन 2 में इमरान हाशमी, फोटो- यूट्यूब टीजर की शुरुआत इमरान हाशमी की वॉइसओवर से होती है. वह कहते हैं, “कुछ लोगों की कहानियां उनकी अपनी मर्जी से खत्म नहीं होतीं, बल्कि उनकी कहानी दूसरों के लिए लिखी जाती है.” इसी डायलॉग के चलते हुए स्क्रीन पर इमरान हाशमी की एंट्री दिखाई देती है, जहां वह बाइक पर आते हुए नजर आते हैं. माहौल पूरी तरह साइलेंट, डार्क और इमोशनल दिखाया गया है, जिससे उनके किरदार का दर्द साफ महसूस होता है. इसके बाद वह एक कब्र के पास पहुंचते हैं और वहां रुककर एक गुलाब का फूल रखते हैं. यह कब्र उनकी पुरानी प्रेमिका आलिया (श्रीया सरन) की है. फिर आगे उनका एक इंटेंस और इमोशनल डायलॉग आता है, “मौत भी अजीब है, उसने मुझे छुआ लेकिन अपनाया नहीं. दर्द से मेरा पुराना रिश्ता है, इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा या मैं.” टीजर के दौरान बैकग्राउंड में फिल्म ‘आवारापन’ का सुपरहिट गाना ‘तो फिर आओ’ भी लगातार सुनाई देता है. पुराने गाने का यह म्यूजिक पूरे वीडियो में नॉस्टैल्जिया का एहसास कराता है. Awarapan 2 Cast: इस बार फिल्म में नए किरदारों की एंट्री शबाना आजमी और दिशा पटानी, फोटो- यूट्यूब इस बार इमरान हाशमी के साथ कई नए चेहरे भी कहानी का हिस्सा बने हैं. टीजर में शबाना आजमी की दमदार एंट्री दिखाई गई है, जो इस फिल्म में ‘नफीसा’ नाम की एक मजबूत विलेन का किरदार निभा रही हैं. इसके अलावा टीजर में दिशा पाटनी भी नजर आती हैं, जो बेहद शांत अंदाज में वायलिन बजाती हुई दिखती हैं, जिससे उनका किरदार रहस्यमय और अलग लगता है. इन दोनों के साथ-साथ टीजर में इमरान हाशमी एक फाइटर के रूप में भी दिखाई देते हैं. वह बिना किसी हथियार के बड़े-बड़े गुंडों से भिड़ते नजर आते हैं, जिससे साफ पता चलता है कि इस बार फिल्म में पहले से ज्यादा दमदार एक्शन और इंटेंस सीक्वेंस देखने को मिलेंगे. Fans Reaction: टीजर देख फैंस बोले- ‘ब्लॉकबस्टर’ Awarapan 2 Release Date: कब रिलीज होगी आवारापन 2? यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी. यह भी पढ़ें: Emraan Hashmi Rooh: 5 साल बाद हॉरर जॉनर में लौटे इमरान हाशमी, नई फिल्म ‘रूह’ के 52 सेकंड के फर्स्ट लुक वीडियो ने उड़ाए होश यह भी पढ़ें: Awarapan 2 में विलेन का किरदार निभाएंगी ये दिग्गज अभिनेत्री, इमरान हाशमी संग होगा मुकाबला The post इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा या मैं… इमरान हाशमी की ‘Awarapan 2’ का पहला टीजर देख फैंस बोले- ब्लॉकबस्टर appeared first on Naya Vichar.

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Cylinder Blast: एक धमाका और देखते ही देखते राख हो गए 6 घर, गांव में मची चीख-पुकार

शिवहर के तरियानी से मधुरेंद्र कुमार की रिपोर्ट Sheohar Cylinder Blast: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक घर में अचानक गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ. धमाके के बाद आग की लपटें तेजी से आसपास के घरों तक पहुंच गईं. देखते ही देखते कई घर आग की चपेट में आ गए और गांव में चीख-पुकार मच गई. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला और तुरंत अग्निशमन विभाग व पुलिस को सूचना दी. मौके पर अग्निशमन विभाग की टीम, फोटो- नया विचार छह घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति खाक सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. ग्रामीणों की मदद से काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. हालांकि तब तक छह घर पूरी तरह जल चुके थे. अगलगी के बाद बिखरा पड़ा घर का मलबा, फोटो- नया विचार अगलगी में घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन, नकदी समेत लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई. प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने और खाने की भी समस्या खड़ी हो गई है. चार लोग झुलसे, दो की हालत गंभीर हादसे में झुलसे चार लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. चिकित्सकों के अनुसार दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है. पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही तरियानी छपरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई. पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित कराया और आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की मदद की. फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है. वहीं प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजा और तत्काल राहत देने की मांग की है. यह भी पढ़ें: अगर आप भी रेलवे ट्रैक के पास मॉर्निंग वॉक करते हैं, तो दरभंगा की यह समाचार जरूर पढ़िए The post Cylinder Blast: एक धमाका और देखते ही देखते राख हो गए 6 घर, गांव में मची चीख-पुकार appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी के एनकाउंटर का फोन से पता चलेगा सच? पुलिस ने लोगों से मांगे वीडियो

Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी के एनकाउंटर के सच का पता लगाने के लिए पुलिस अब फोन का सहारा ले रही है. भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद उसका फोन पुलिस ने जब्त कर लिया था. इसकी मांग परिजनों की तरफ से लगातार की जा रही है. लेकिन भरत के फोन की फिलहाल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. साथ ही फोन का सारा डेटा भी कोर्ट में पेश किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस पूरी घटना की जांच में जुटी है. यूट्यूबर या सोशल मीडिया यूजर्स से की अपील दूसरी तरफ, परिजनों का कहना है कि भरत के फोन में पुलिस प्रशासन के खिलाफ सबूत हैं. यह आशंका जताई जा रही है कि पुलिस उन सबूतों को मिटा सकती है. इसलिए परिजन लगातार फोन वापस करने की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने घटना के सच का पता लगाने के लिए दूसरे लोगों से वीडियो उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. स्पष्ट कहा गया है कि अगर किसी भी यूट्यूबर या सोशल मीडिया यूजर के पास घटना से जुड़ा वीडियो है तो उसे उपलब्ध कराया जाए. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 3 पिस्टलों की भी हो रही जांच मिली जानकारी के मुताबिक, घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए 3 पिस्टल की भी जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि एनकाउंटर को लेकर सस्पेंड किए गए थानाध्यक्ष राजेश मालाकार और एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की पिस्टल समेत 3 पिस्टलों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. इसमें एक पिस्टल भरत तिवारी के पास से बरामद किया गया है. इसके अलावा मौके से बरामद किए गए दो जिंदा कारतूस और खोखे को भी मिलान के लिए भेजा गया है. परिजन लगातार कर रहे ये मांग इस तरह से फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भरत को किस पिस्टल से गोली मारी गई. 17 जून की सुबह भरत तिवारी का एनकाउंटर किया गया था. इसके बाद से परिजन फेक एनकाउंटर का आरोप लगा रहे हैं. इसके साथ ही वे दोषी पुलिसकर्मियों को सजा और मामले में सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं. इस बीच फोन से सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. देखना होगा कि फॉरेंसिक जांच में क्या कुछ खुलासे होते हैं. Also Read: बिहार में 19 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला, मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली प्रशासनिक व्यवस्था The post भरत तिवारी के एनकाउंटर का फोन से पता चलेगा सच? पुलिस ने लोगों से मांगे वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Ram : विवादों से परे सांस्कृतिक एकता का सूत्र

Ram : इतिहास में कुछ यात्राएं सिर्फ तारीखों में दर्ज नहीं होतीं. वे पीढ़ियों की यादों, लोक-कथाओं, आस्था और सामूहिक चेतना में अपनी एक खास जगह बनाती हैं. राम की गाथा ऐसी ही एक यात्रा है. यह सिर्फ आराध्य तक नहीं है. राम नाम इस अखंड भूभाग के सांस्कृतिक पहचान है. उस पहचान में संवाद की भाषा है. उस भाषा में एहसास की शैली है. और फिर उस शैली में आराध्य की पहचान है. यही राम है. राम किसी एक मंदिर, एक नगर या एक कालखंड में सीमित नहीं हैं. वे हिंदुस्तान की सांस्कृतिक स्मृति के उन दुर्लभ प्रतीकों में हैं जो समय के साथ और अधिक व्यापक होते गए. वे केवल आराध्य नहीं, बल्कि मर्यादा के मानक हैं. केवल देवत्व नहीं, बल्कि मनुष्यता की सर्वोच्च संभावना हैं. करुणा में राम हैं, त्याग में राम हैं, कर्तव्य में राम हैं, सत्य के आग्रह में राम हैं और लोकमंगल की प्रत्येक आकांक्षा में राम हैं. कालातीत राम हिंदुस्तानीय जनजीवन में राम का नाम किसी धार्मिक उद्घोष से कहीं अधिक एक सांस्कृतिक अभिवादन, नैतिक विश्वास और सामाजिक आत्मीयता का पर्याय बन गया है. इसीलिए जब कोई हिंदुस्तानीय ‘राम’ कहता है, तो वह केवल एक देवता का स्मरण नहीं करता. वह एक ऐसी जीवन- दर्शन का उच्चारण करता है जिसमें शक्ति के साथ संवेदना, शासन के साथ न्याय, विजय के साथ विनम्रता और धर्म के साथ लोककल्याण का समन्वय है. यही कारण है कि रामकथा हिंदुस्तान की सीमाओं से निकलकर नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस और सम्पूर्ण दक्षिण-पूर्व एशिया तक विविध रूपों में जीवित रही. भाषा बदली, पात्रों के नाम बदले, कथानक की शैली बदली, पर राम का आदर्श लोकमानस में बना रहा. श्री राम मंदिर से जुड़ा विवाद असाधारण है. जो तथ्य निकल कर आ रहें है वो भी सोच से परे है. पर जिसे सबसे ज्यादा ठेस पहुंची है, वो जनभावना है जो राम नाम के इर्द-गिर्द घूमती है. राम किसी एक निर्णय की परिणति नहीं, बल्कि उस अनश्वर सांस्कृतिक यात्रा का नाम हैं. इसने सहस्राब्दियों से (हजारों सालों से) हिंदुस्तानीय समाज को एक साझा भाषा, साझा संवेदना और साझा नैतिक आधार प्रदान किया है. विवाद समय के साथ इतिहास बन जाते हैं, किंतु सभ्यताओं को जीवित रखने वाले मूल्य कालातीत (जो समय से परे हो) होते हैं. राम उसी कालातीत हिंदुस्तानीय आत्मा के सबसे उज्ज्वल और स्थायी प्रतीकों में से एक हैं. Ram : मर्यादा से महिमा तक हिंदुस्तानीय संस्कृति में राम का एक खास स्थान है क्योंकि वे न केवल एक पूजनीय देवता हैं, बल्कि एक आदर्श इंसान भी हैं. वाल्मीकि रामायण में राम को एक ऐसे राजकुमार के रूप में दिखाया गया है जो निजी खुशी से ज़्यादा अपने कर्तव्य को महत्व देते हैं. वे एक आज्ञाकारी बेटे, स्नेही भाई, समर्पित पति, भरोसेमंद दोस्त और न्यायप्रिय राजा के रूप में सामने आते हैं. इसी वजह से हिंदुस्तान में ‘राम’ नाम एक खास चरित्र, मूल्यों के समूह और जीवन-दर्शन का प्रतीक बन गया है. तुलसीदास की रामचरितमानस ने इस भावना को और बढ़ाया, और आम बोलचाल की भाषा के जरिए इस कहानी को बहुत मर्मस्पर्शी (दिल को छूनेवाला) और आम लोगों तक पहुंचाया. उन्होंने राम को केवल दिव्यता के ऊंचे दर्जे पर ही नहीं रखा, बल्कि उन्हें हर घर की आत्मा में बसा दिया. उनके लिए, राम की कहानी सिर्फ एक कथा नहीं, बल्कि जीवन के जरुरी मूल्यों को विकसित करने का एक जरिया है. रामचरितमानस का मुख्य संदेश यह है कि मानव जीवन को तभी सही अर्थ मिलता है जब उसमें भक्ति, विनम्रता, सेवा, सच्चाई और आत्म-संयम का तालमेल हो. तुलसीदास की यह सोच लंबे समय तक हिंदुस्तानीय समाज में नैतिक चेतना का आधार बनी रही. कबीर के राम भक्ति साहित्य में कबीर के ‘राम का महत्व और भी गहरा हो जाता है. कबीर के लिए, राम केवल बाहरी रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ का विषय नहीं हैं, बल्कि वे आंतरिक शुद्धि और आत्म-साक्षात्कार (अपने सच्चे स्वरूप को पहचानने) के प्रतीक हैं. वे दिखावे के बजाय सच्ची आध्यात्मिक साधना को अधिक महत्व देते हैं. कबीर की रचनाओं में राम कई रूपों में दिखाई देते हैं, जैसे ‘निर्गुण ब्रह्म’ (निराकार परम सत्य), आत्मा में वास करने वाला सत्य, और उस परम सत्य का नाम जो जाति, धर्म और बाहरी भेदों से परे है. इस प्रकार, कबीर के राम सामाजिक विभाजनों के विरुद्ध खड़े आध्यात्मिक एकता के प्रतीक के रूप में भी उभरते हैं. हमारी भाषा और मूल्यों में रचे-बसे राम हिंदुस्तानीयों की रोजमर्रा की जीवन में राम शब्द का इस्तेमाल अक्सर होता है. कोई व्यक्ति दूसरों का अभिवादन जय श्री राम, या जय सिया राम कहकर कर सकता है. किसी को मिलवाने के लिए लोग राम-सलाम यानि अभिवादन करते है. शांति और भरोसे के साथ राम का नाम ले सकता है, या अपने बच्चों में नैतिक मूल्य जगाने के लिए राम का उदाहरण दे सकता है. आमतौर पर मौत के समय राम नाम सत्य है कहा जाता है. कोई व्यक्ति किसी के प्रति नाराजगी जाहिर करने के लिए राम राम कह सकता है. गांधी जी के आखिरी शब्द थे हे ​​राम. इस तरह, राम सिर्फ पूजा की चीज नहीं हैं, बल्कि हमारी भाषाई संस्कृति का एक अहम हिस्सा बन गए हैं. किसी को राम जैसा बताना तारीफ मानी जाती है, जिसका मतलब है ऐसा स्वभाव जो सरल, संयमित, गरिमापूर्ण और नेक हो. इससे साफ पता चलता है कि हिंदुस्तानीय समाज के मूल्यों और भाषा में राम कितनी गहराई से रचे-बसे हैं. मर्यादा और कर्तव्य: राम के जीवन का सार राम का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक भी है. उनके जीवन में वनवास, विछोह, संघर्ष, त्याग और विजय शामिल हैं, फिर भी, हर परिस्थिति में वे मर्यादा का पालन करते हैं. उचित आचरण का यह पालन ही हिंदुस्तानीय जीवन-दर्शन का मुख्य आधार है. राम हमें सिखाते हैं कि सच्ची महानता केवल सफलता से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में भी अपने आचरण की गरिमा बनाए रखने से मिलती है. इसीलिए, हिंदुस्तानीय समाज में राम को धैर्य, आत्म-संयम और कर्तव्य-पालन के सर्वोच्च आदर्श के रूप में पूजा जाता है. ‘रामराज्य’ की अवधारणा इसी आदर्श का विस्तार है. इसका अर्थ केवल शासन का कोई धार्मिक स्वरूप नहीं है, बल्कि एक ऐसा समाज है जहां अन्याय कम से कम हो, लोगों का

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₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के पुराने नोट 1 जुलाई से बंद ? RBI ने वायरल दावे पर बताई पूरी सच्चाई

Fact Check : सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर इन दिनों एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 1 जुलाई 2026 से ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के पुराने नोट बंद कर दिए जाएंगे. इस समाचार ने आम जनता के मन में डर पैदा कर दिया है कि कहीं उनके पास रखे पैसे बेकार तो नहीं हो जाएंगे. यदि आप भी इस समाचार को लेकर असमंजस में हैं, तो यह लेख आपके लिए है. आइए, इस दावे का पूरा सच और प्रशासन की आधिकारिक स्थिति को समझते हैं. क्या है वायरल पोस्ट का सच? सोशल मीडिया पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लोगो का इस्तेमाल करके एक पोस्टर शेयर किया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि आरबीआई ने पुराने नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला किया है. वास्तविकता यह है कि यह पूरी तरह से नकली (Fake) समाचार है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल दावे का ‘फैक्ट चेक’ किया है. PIB के अनुसार, प्रशासन या आरबीआई की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी ऐसी किसी आधिकारिक सूचना को जारी करने से साफ इनकार किया है. 🚨Do not fall for fake news! A notice allegedly issued by Bank of Maharashtra is being shared online, falsely stating that, as per RBI directives, ₹10, ₹20, ₹50, and ₹100 banknotes printed before 2005 will not be accepted from July 1, 2026#PIBFactCheck: ❌ This claim is… https://t.co/mF7fdyQWvm — PIB India (@PIB_India) June 27, 2026 RBI के पुराने नोटों पर नियम क्या हैं? अक्सर लोग पुराने नोटों की वैधता को लेकर भ्रमित हो जाते हैं. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर पुराने नोटों को सिस्टम से हटाता है, लेकिन इसे ‘नोटबंदी’ नहीं कहा जा सकता. वर्तमान में आपके पास मौजूद ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के सभी नोट पूरी तरह से वैध (Legal Tender) हैं. कई साल पहले आरबीआई ने 2005 से पहले छपे नोटों को धीरे-धीरे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन वे अभी भी बैंकों में बदले जा सकते हैं. उनका वैध होना खत्म नहीं हुआ है, बस बैंक उन्हें वापस जमा करवाकर नए नोट जारी करते हैं. ऐसी अफवाहें क्यों फैलती हैं? सोशल मीडिया पर ऐसी समाचारें अक्सर ‘क्लिकबेट’ (Clickbait) पाने के लिए फैलाई जाती हैं. इसका असर यह होता है. लोग बिना सोचे-समझे अपने पास जमा कैश को बदलने के लिए बैंकों की ओर भागने लगते हैं.दुकानदार कई बार भ्रम के कारण पुराने दिखने वाले नोट लेने से मना कर देते हैं, जो कि गलत है.ऐसी समाचारों के साथ कई बार फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिनसे आपकी निजी जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है. निवेशकों और आम नागरिकों के लिए सलाह अगर आप ऐसी कोई समाचार देखते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें. आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: आरबीआई (rbi.org.in) या पीआईबी फैक्ट चेक (pib.gov.in) की वेबसाइट ही सही जानकारी देती हैं. बैंक पर जाकर पूछें: यदि आपको किसी नोट की वैधता पर संदेह है, तो बैंक शाखा जाकर पूछें, न कि सोशल मीडिया की सुनी-सुनाई बातों पर. नोट न बदलें: बिना किसी आधिकारिक प्रशासनी आदेश के अपने नोटों को किसी भी अनौपचारिक स्थान पर न बदलें. Also Read : US-ईरान तनाव के बीच संभला कच्चे तेल का बाजार, ब्रेंट क्रूड 73.39 डॉलर पर पहुंचा The post ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के पुराने नोट 1 जुलाई से बंद ? RBI ने वायरल दावे पर बताई पूरी सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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Video: हाथ जोड़कर गणपति के दरबार पहुंचे पीएम मोदी, सेशेल्स से आया खास वीडियो

Video : प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर का दौरा किया. यह द्वीपीय देश का एकमात्र तमिल हिंदू मंदिर है और वहां हिंदुस्तानीय समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी का प्रतीक माना जाता है. भगवान गणेश को समर्पित यह मंदिर अपनी आकर्षक द्रविड़ शैली की वास्तुकला और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. सेशेल्स का यह मंदिर स्थानीय लोगों और हिंदुस्तानीय समुदाय के लिए एक खास पहचान रखता है. प्रधानमंत्री के दौरे ने हिंदुस्तान और सेशेल्स के बीच गहरे सांस्कृतिक तथा लोगों के आपसी संबंधों को भी उजागर किया. डीडी न्यूज ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में दिख रहा है कि मंदिर के पुजारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विधि-विधान से पूजा करवाई. पीएम मोदी ने मंदिर में प्रवेश कर भगवान गणेश के सामने माथा टेका. उनके हाथ में पूजा सामग्री से भरी एक टोकरी भी नजर आई. इस दौरान पुजारी मंत्रोच्चार करते दिखाई दिए. बाद में पुजारी ने आरती की और पीएम मोदी को आरती दी. इसके बाद प्रधानमंत्री श्रद्धा भाव से झुककर भगवान गणेश की प्रतिमा को प्रणाम करते नजर आए. देखें वीडियो. #WATCH | Prime Minister @narendramodi visited the Arul Mihu Navashakti Vinayagar Temple in Victoria, Seychelles, the archipelago’s only Tamil Hindu temple and a symbol of the Indian community’s enduring presence. Dedicated to Lord Vinayagar (Ganesha), the temple is renowned for… pic.twitter.com/Y2GT5sa5wR — DD News (@DDNewslive) June 29, 2026 यह भी पढ़ें : पीएम मोदी को मिला सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, किसी भी देश द्वारा दिया गया यह 34वां वैश्विक पुरस्कार The post Video: हाथ जोड़कर गणपति के दरबार पहुंचे पीएम मोदी, सेशेल्स से आया खास वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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‘मेरे पास अब लड़ने की ताकत नहीं बची’- बेन स्टोक्स का बड़ा खुलासा, पत्नी से बात करने के बाद लिया यह अहम फैसला

Ben Stokes Retirement news: हाल ही में लॉर्ड्स टेस्ट के बाद एक नाइटक्लब में सारासेन्स रग्बी खिलाड़ी के साथ कथित विवाद के चलते स्टोक्स को एक मैच के लिए निलंबित किया गया था. इसके बाद वह ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में कप्तान के रूप में लौटे और इसी मुकाबले को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच घोषित कर दिया. “I said to my wife ‘I don’t actually think I have anymore fight left in me to get over this to be honest.’” Ben Stokes explains his decision to retire 🔊 pic.twitter.com/NcLDpdJCy7 — Sky Sports Cricket (@SkyCricket) June 28, 2026 एशेज के बाद सब कुछ बहुत कठिन हो गया था मैच समाप्त होने के बाद स्टोक्स ने बताया कि पिछले कुछ समय से वह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थक चुके थे. उन्होंने कहा- “एशेज के बाद से सब कुछ बहुत मुश्किल हो गया था. इंग्लैंड की कप्तानी करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है, लेकिन इसके साथ कई ऐसी जिम्मेदारियां आती हैं जो भावनात्मक रूप से आपको पूरी तरह थका देती हैं.” स्टोक्स ने बताया कि पिछले पांच-छह सप्ताह उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और आखिरकार उन्होंने अपनी पत्नी से बातचीत के बाद संन्यास का फैसला किया. उन्होंने कहा- “मैंने अपनी पत्नी से कहा कि अब मुझे नहीं लगता कि मेरे अंदर दोबारा इन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत बची है. अपने पूरे करियर में मैंने मैदान के अंदर और बाहर हर चुनौती का सामना किया, लेकिन अब ऐसा महसूस होने लगा कि मेरे पास आगे बढ़ने की ऊर्जा नहीं बची है.” संन्यास की सबसे बड़ी वजह स्टोक्स ने स्वीकार किया कि लगातार क्रिकेट, कप्तानी का दबाव और फिटनेस बनाए रखने के लिए की जाने वाली कड़ी मेहनत ने उन्हें पूरी तरह थका दिया था. उन्होंने कहा- “हम जो स्पोर्ट्स स्पोर्ट्सते हैं, वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहद कठिन है. 35 साल की उम्र में मुझे मैदान पर उतरने लायक फिट रहने के लिए पहले से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. मैंने खुद से पूछा कि क्या अब भी मेरे अंदर इतनी लड़ाई बाकी है कि मैं देश के लिए उसी स्तर पर स्पोर्ट्स सकूं. जवाब ‘नहीं’ था और तभी मुझे महसूस हुआ कि यही सही समय है.” शानदार उपलब्धियों के साथ कहा क्रिकेट को अलविदा अपने करियर को याद करते हुए स्टोक्स ने कहा कि उन्हें किसी बात का अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा- “मैं अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हूं. मुझे इंग्लैंड की कप्तानी करने का मौका मिला, मैंने एशेज जीती, 50 ओवर का विश्व कप और टी20 विश्व कप जीता. दुनिया के महान खिलाड़ियों के साथ स्पोर्ट्सने का सौभाग्य मिला. इससे ज्यादा मैं क्या मांग सकता था.” आंकड़ों में बेन स्टोक्स का करियर बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10,000 से अधिक रन बनाए और 300 से ज्यादा विकेट लिए. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7,000 से अधिक रन और 200 से ज्यादा विकेट हासिल किए. इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले वह महान ऑलराउंडरों सर गैरी सोबर्स और जैक्स कैलिस के बाद केवल तीसरे खिलाड़ी बने. उनका नाम इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली मैच विजेताओं में हमेशा याद किया जाएगा. आखिरी पारी में भी दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में स्टोक्स ने पारी की शुरुआत की और हमेशा की तरह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने 20 गेंदों में 30 रन बनाए, जिसमें दो शानदार छक्के शामिल रहे. हालांकि बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स सके, लेकिन अपनी अंतिम पारी में भी उन्होंने वही जुझारूपन दिखाया जिसके लिए उन्हें दुनिया भर में जाना जाता है. दिग्गजों ने बताया आधुनिक युग का महान ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के संन्यास की घोषणा सुनकर क्रिकेट जगत काफी भावुक है. हर तरफ से उन्हें सम्मान मिल रहा है; चाहे वो उनके साथी खिलाड़ी हों, पूर्व दिग्गज हों या फिर दुनिया भर के प्रशंसक ने सोशल मीडिया पर उनके शानदार करियर की जमकर तारीफ की है. कई दिग्गजों ने उन्हें आधुनिक युग के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में शामिल करते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट को एक नई पहचान दी. बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा लेना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है. उनकी आक्रामक और निडर कप्तानी, दबाव भरे मुकाबलों में निर्णायक प्रदर्शन और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने की क्षमता ने उन्हें खास बनाया. इसे भी पढ़े- क्या IPL ने बिगाड़ दी है हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की तकनीक? अश्विन ने किया चौंकाने वाला खुलासा The post ‘मेरे पास अब लड़ने की ताकत नहीं बची’- बेन स्टोक्स का बड़ा खुलासा, पत्नी से बात करने के बाद लिया यह अहम फैसला appeared first on Naya Vichar.

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घाटशिला में प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित, 900 मेधावियों का हुआ सम्मान

Naya Vichar Pratibha Samman 2026: नया विचार की ओर से सोमवार को घाटशिला स्थित होटल जेएन पैलेस में प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 का भव्य आयोजन किया गया. समारोह में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 900 मेधावी छात्र-छात्राओं ने प्रतिभा सम्मान के लिए पंजीकरण कराया था. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी अमिताभ भगत, एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी, मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार तथा घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया. इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई. समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. यह सम्मान नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा मुख्य अतिथि घाटशिला एसडीओ अमिताभ भगत ने कहा कि प्रतिभा सम्मान समारोह विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और उनके अभिभावकों के संघर्ष का सम्मान है. उन्होंने कहा कि साधारण परिवार से आने वाले शिशु भी मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि यह सम्मान न केवल मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करता है, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है. आज के समय में करियर के अनेक विकल्प उपलब्ध हैं, ऐसे में विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन मिलना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने ‘नया विचार’ से विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसिलिंग सत्र आयोजित करने का आग्रह किया. साथ ही उन्होंने 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवाओं से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील भी की. यह सम्मान मंजिल नहीं, नई यात्रा की शुरुआत कार्यक्रम में शामिल हुए नया विचार के स्थानीय संपादक विवेक तिवारी ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि यह महज एक प्रतिभा सम्मान नहीं है. एक सम्मान आपकी मेहनत का, आपकी तपस्या का, आपके परिजनों के संघर्ष का. आज से 22 साल पहले ये सम्मान समारोह शुरु किया गया था. तबसे लेकर आज तक कई ऐसे छात्र हैं जो यहां से निकलकर कई बड़े पोस्ट पर पहुंचे. इससे हमें बहुत खुशी होती है. मेधावी विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, शिक्षकों, विद्यालय और पूरे समाज की उपलब्धि है. कहा कि यह सम्मान मंजिल नहीं, बल्कि नई यात्रा की शुरुआत है. जीवन में सफलता के साथ चुनौतियां भी आएंगी, इसलिए असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए. नया विचार समाज में सकारात्मक बदलाव और नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर वर्ष प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन करता है. उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखते हुए देश और समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. घाटशिला: नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के करीब 900 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने का संदेश देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.#Ghatshila #PratibhaSamman pic.twitter.com/5YXcFcVNf4 — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) June 29, 2026 मेहनत, अनुशासन और बड़ों का सम्मान ही सफलता का मंत्र विशिष्ट अतिथि घाटशिला एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर मेहनत, अनुशासन और बड़ों के प्रति सम्मान है. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखें और सफलता प्राप्त करने के बाद भी विनम्र रहें तथा अहंकार से दूर रहें. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रशासन को गर्व है और सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.  कठिनाइयों से घबराएं नहीं, निरंतर मेहनत करें मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार रजवार ने कहा कि प्रतिभा सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने इसे सफलता की पहली सीढ़ी बताते हुए कहा कि जीवन में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है. इस दौरान आने वाली कठिनाइयों और आर्थिक चुनौतियों से घबराने के बजाय विद्यार्थियों को धैर्य, लगन और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का हर कदम पर साथ दें, क्योंकि विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है. डीएसपी ने यह भी कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का वास्तविक मंत्र है. यह भी पढ़ें: नया विचार प्रतिभा सम्मान: जमशेदपुर के टॉपर्स के बीच पहुंचे प्रशासनिक दिग्गज, DC ने दिया सफलता का मंत्र यह भी पढ़ें: रांची में नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन, 2700 छात्रों को किया गया सम्मानित The post घाटशिला में नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित, 900 मेधावियों का हुआ सम्मान appeared first on Naya Vichar.

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लंबी राइड हो या पहाड़ी रास्ते, हर सफर के लिए तैयार हैं ये 5 टूरिंग बाइक्स

अगर आप पहाड़ों पर बाइक ट्रिप के लिए नई बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ लुक्स या पावर देखकर बाइक खरीदना सही फैसला नहीं होगा. क्योंकि लंबी दूरी, घुमावदार सड़कें और ऊंची चढ़ाई के लिए ऐसी बाइक चुनना जरूरी है, जो आरामदायक राइड के साथ बेहतर सस्पेंशन और भरोसेमंद परफॉर्मेंस भी दे. यहां हम आपको 5 ऐसी बाइक्स के बारे में बता रहे हैं, जो हिल स्टेशन टूरिंग के लिए बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकती हैं. Hero Xpulse 200 4V अगर आपका बजट कम है और हल्की एडवेंचर बाइक चाहते हैं, तो Hero Xpulse 200 4V एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है. इसका वजन सिर्फ 161 किलोग्राम है, जिससे पहाड़ी मोड़ों और संकरी सड़कों पर इसे चलाना आसान हो जाता है. इसमें 199.6cc इंजन, 18.9bhp की पावर, 270mm ग्राउंड क्लीयरेंस और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन मिलता है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.45 लाख रुपये है. Yezdi Adventure Yezdi Adventure उन लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन है, जो क्लासिक लुक के साथ लंबी दूरी की टूरिंग करना चाहते हैं. इसमें 334cc लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 29.16bhp की पावर जेनरेट करता है. बाइक में एडजस्टेबल विंडस्क्रीन, इनबिल्ट नेविगेशन, ट्रैक्शन कंट्रोल, तीन ABS मोड, 21-इंच फ्रंट व्हील और 220mm ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है. इसकी शुरुआती कीमत 2.05 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. Harley-Davidson X440 अगर आपकी ज्यादातर राइड्स हाईवे पर होती हैं और आप आरामदायक सफर पसंद करते हैं, तो Harley-Davidson X440 एक शानदार रोडस्टर है. इसमें 440cc लॉन्ग-स्ट्रोक इंजन दिया गया है, जो 27bhp की पावर जेनरेट करता है. इसकी 805mm सीट हाइट, आरामदायक राइडिंग पोजिशन और स्मूद इंजन लंबी दूरी के सफर को आसान बना देते हैं. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.35 लाख रुपये है. KTM 390 Adventure अगर आपको स्पोर्टी परफॉर्मेंस के साथ एडवेंचर बाइक चाहिए, तो KTM 390 Adventure बढ़िया ऑप्शन है. इसमें 349.32cc लिक्विड-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 40bhp की पावर देता है. बाइक में TFT डिस्प्ले, बाय-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर+, WP APEX एडजस्टेबल सस्पेंशन और आरामदायक राइडिंग पोजिशन मिलती है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.83 लाख रुपये है. Royal Enfield Himalayan 450 अगर आपको एडवेंचर टूरिंग पसंद है, तो Royal Enfield Himalayan 450 सबसे दमदार ऑपशंस में से एक है. इसमें 452cc लिक्विड-कूल्ड Sherpa इंजन मिलता है, जो 39.5bhp की पावर जेनरेट करता है. बाइक में ट्रिपर नेविगेशन, राइड-बाय-वायर , Showa सस्पेंशन और 230mm ग्राउंड क्लीयरेंस जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे पहाड़ी और खराब रास्तों के लिए बेहतरीन बनाते हैं. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 3.06 लाख रुपये है. कौन-सी बाइक आपके लिए सही रहेगी? अगर आपका फोकस ऑफ-रोडिंग और पहाड़ी रास्तों पर है, तो Royal Enfield Himalayan 450 और KTM 390 Adventure बेहतर ऑप्शन हैं. वहीं, कम बजट में एडवेंचर बाइक चाहिए, तो Hero Xpulse 200 4V बढ़िया रहेगी. क्लासिक टूरिंग के लिए Yezdi Adventure और आरामदायक हाईवे राइड के लिए Harley-Davidson X440 एक शानदार ऑप्शन साबित हो सकती है. अपनी जरूरत, बजट और राइडिंग स्टाइल के अनुसार सही बाइक चुनना ही सबसे समझदारी भरा फैसला होगा. यह भी पढ़ें: मीलों का सफर होगा आसान, आराम और दमदार परफॉर्मेंस के लिए चुनें ये 5 Cruiser Bikes The post लंबी राइड हो या पहाड़ी रास्ते, हर सफर के लिए तैयार हैं ये 5 टूरिंग बाइक्स appeared first on Naya Vichar.

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