पांच महीने से बंद नल-जल योजना पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, नगर पंचायत कार्यालय का घेराव; 15 दिन में जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन । नगर पंचायत सरायरंजन के गोपालपुर गांव स्थित वार्ड संख्या-13 में पिछले पांच महीनों से नल-जल योजना बंद रहने से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या-13 में करीब 150 परिवार निवास करते हैं। पिछले पांच महीनों से नल-जल योजना पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए निजी चापाकलों और अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने पर लोगों का धैर्य जवाब दे गया और वे नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। घेराव की सूचना मिलते ही मुख्य पार्षद पूजा कुमारी और कार्यपालक पदाधिकारी जयराम प्रसाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर नल-जल योजना को चालू कर नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और अपना आंदोलन समाप्त किया। मुख्य पार्षद पूजा कुमारी ने बताया कि वार्ड संख्या-13 में पहले कराई गई बोरिंग में पर्याप्त जलस्तर नहीं मिला था। इसके बाद लगभग 500 फीट तक दोबारा बोरिंग कराई गई, लेकिन उसमें भी अपेक्षित जलस्तर नहीं मिलने के कारण योजना चालू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी को देखते हुए नगर पंचायत की ओर से टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि किसी को पानी की गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट कार्यपालक पदाधिकारी और कनीय अभियंता के माध्यम से संबंधित विभाग को भेजी गई थी। अब नई बोरिंग के लिए निविदा (टेंडर) स्वीकृत हो चुकी है और प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले 15 दिनों के भीतर कार्य पूरा कर वार्डवासियों को नल-जल योजना का लाभ मिलने लगेगा। मुख्य पार्षद ने यह भी बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा 15 लाख रुपये तक की विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगाए जाने के कारण कई आवश्यक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है, जिससे कार्य पूरा होने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करने वालों में मोहम्मद इसराफिल, मोहम्मद गिलानी, मोहम्मद मन्नू, मोहम्मद आजाद, हसरत हुसैन, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद नौशाद, इमरान अली, मोहम्मद तय्यब, मोहम्मद चांद, मोहम्मद कौशिक, मोहम्मद शहंशाह सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।











