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स्वास्थ्य

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

सदर अस्पताल समस्तीपुर में शुरू हुई आईसीयू सेवा

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिनांक 22 जुलाई 2026 को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से गहन चिकित्सा इकाई(आईसीयू) का शुभारंभ सदर अस्पताल समस्तीपुर में किया गया। इस मौके पर सदर अस्पताल के कार्यक्रम स्थल में जिला पदाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा द्वारा उपस्थित होकर आईसीयू सेवा का शुभारंभ किया गया। उक्त आईसीयू व्यवस्था से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा, विशेष चिकित्सा, गहन निगरानी और 24 घंटे जीवन रक्षक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान में 4 आईसीयू बेड और 4 वेंटीलेटर 4 कार्डियक मॉनिटर 04 इंन्फूज़न पंप 01 ई.सी.जी. मशीन . 01 सक्शन मशीन . O2 कंसन्ट्रेटर , थ्रोमोमीटर. बी. पी. मशीन .01 स्थेटोस्कोप 01 बाई पैप. शुगर मशीन, 01 सी पेप मशीन 02 एम्बु बैग इत्यादि की सुविधा सदर अस्पताल समस्तीपुर के आईसीयू में उपलब्ध है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में समस्तीपुर जिले के लिए यह मिल का पत्थर साबित होगा। जिसका उद्देश मरीजों की गंभीर स्थिति पर लगातार नज़र रखना और उन्हें जीवन का खतरा होने पर बचाने से है। इस मौके पर सिविल सर्जन समस्तीपुर, उपाधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक,जिला एपिडेमियोलॉजीस्ट, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी, जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन, अस्पताल प्रबंधक सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी और मीडियाकर्मी उपस्थित हुए।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

सरायरंजन के मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौ”त, परिजनों ने एएनएम पर लगाया लापरवाही का आरोप

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन (समस्तीपुर)| सरायरंजन प्रखंड के नरघोघी स्थित श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए ड्यूटी पर तैनात एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा है। मृत नवजात की मां की पहचान उजियारपुर प्रखंड के चांदचौर मथुरापुर निवासी प्रिंस कुमार राय की पत्नी कोमल कुमारी (27) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि कोमल कुमारी को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उसी दिन सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया, जिसके बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी दी गई थी। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे अचानक नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन शिशु को लेकर हायर सेंटर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि शिशु की देखभाल के लिए अस्पताल की ओर से दो एएनएम की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन दोनों ने अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर समुचित देखभाल और उपचार मिलता तो शिशु की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच का भरोसा दिया। मामले में श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राणा विश्वविजय सिंह ने बताया कि नवजात जन्म से ही रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस (आरडीएस) की समस्या से पीड़ित था। मेडिकल टीम लगातार उसकी निगरानी और उपचार में जुटी थी। उन्होंने कहा कि परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ड्यूटी पर तैनात एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

बिना जांच आईपीवी का टीका लगाने का आरोप, चार माह के मासूम की मौ”त से मचा कोहराम

स्वजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने टीके से मौत की बात से किया इनकार नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड क्षेत्र की जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत के वार्ड सं. 2 में चार माह के एक मासूम की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शिशु को बिना स्वास्थ्य जांच के आईपीवी का टीका लगाया गया, जिसके अगले दिन उसे तेज बुखार आया और उसकी मौत हो गई।हालांकि,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने टीके से मौत होने की बात से इनकार किया है।मृतक की पहचान अंगारघाट थाना क्षेत्र के बरनामा गांव निवासी मो.सद्दाम के चार माह के पुत्र शाहनवाज के रूप में हुई है। उसकी मां रुखसाना खातून, जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत के वार्ड संख्या-2 निवासी मो.वकील की पुत्री हैं। प्रसव के लिए वह अपने मायके आई थीं, जहां चार माह पूर्व उन्होंने शाहनवाज को जन्म दिया था। स्वजनों के अनुसार विगत 16 जून को स्थानीय आशा कार्यकर्ता शिशु को आईपीवी टीकाकरण के लिए ले गई। आरोप है कि बिना किसी स्वास्थ्य जांच के शिशु को टीका लगा दिया गया। इसके अगले दिन 17 जून की शाम शिशु को तेज बुखार हुआ और उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वहीं इलाज के दौरान देर शाम में उसकी मौत हो गई।मासूम की मौत के बाद परिजनों ने आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि टीका लगाने से पहले शिशु की स्वास्थ्य जांच की गई होती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायरंजन के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ .अमित कुमार ने बताया कि 16 जून को लगभग 11 बजे शिशु को आईपीवी का टीका लगाया गया था। करीब 24 घंटे बाद उसे बुखार आया और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीवी टीके के कारण शिशु की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है और दोनों घटनाओं को सीधे जोड़ना चिकित्सकीय रूप से उचित नहीं है। इधर, मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। रुखसाना खातून ने अपना इकलौता पुत्र खो दिया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नई ब्लड टेस्ट लैब की शुरुआत, लोगों में खुशी की लहर

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: प्रखंड के नरघोघी स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक नई और अतिरिक्त रक्त जांच प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। इस पहल से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है, क्योंकि अब अस्पताल में अधिक संख्या में रक्त परीक्षण किए जा सकेंगे।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस नई लैब के शुरू होने से सभी प्रकार के रक्त परीक्षण उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और इलाज में तेजी आएगी। अनुमान है कि जांच की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। नवस्थापित लैब में आधुनिक टेस्ट मशीनें लगाई गई हैं, जो विभिन्न प्रकार की जाचों को सटीकता के साथ तेजी से कर सकेंगी। इस नई सुविधा के शुरू होने से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बाहर के निजी लैब में जाने की आवश्यकता कम पड़ेगी। इस आशय की जानकारी इंजीनियर संतोष कुमार, इंजीनियर अमित मिश्रा एवं लेब इंचार्ज शिव प्रताप सिंह ने दी है।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज में सीपीआर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

फोटो : कार्यशाला में जानकारी देते अस्पताल अधीक्षक एवं अन्य नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के नरघोघी स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार की दोपहर सीपीआर जागरूकता सप्ताह मनाया गया। इस जागरूकता सप्ताह का आयोजन हिंदुस्तान प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद के निर्देश के आलोक में किया गया। आयोजित कार्यशाला में डॉ.आलोक हिमांशु नोडल पदाधिकारी, मूर्छा विभाग ने मरीजों को सीपीआर की महत्ता एवं इसकी आवश्यकता से लोगों को जागरूक किया । कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. जी.सी. कर्ण ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को सीपीआर की जीवन रक्षक तकनीक के बारे में जागरूक करना और प्रशिक्षण देना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर देश भर में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और नागरिक समाज संगठनों द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जा रहे हैं,ताकि आपातकालीन स्थितियों में लोग दूसरों की जान बचा सके। उन्होंने कहा कि सीपीआर या कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन तब किया जाता है,जब किसी व्यक्ति का दिल या सांस रुक जाती है और इसमें छाती पर दबाव डालना और बचाव सांस देना शामिल होता है। आयोजित कार्यशाला में सभी चिकित्सा पदाधिकारी, कर्मचारी एवं उपस्थित मरीजों ने भाग लिया। इन सभी को स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित शपथ एवं प्रतिज्ञा दिलाई गई।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

बरसात में बच्चों में होनेवाली बीमारियों से बचाव को ले दिए गए टिप्स

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार ने मंगलवार को बरसात के मौसम में बच्चों में होने वाली बीमारियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस मौसम में बच्चों में सर्दी-खांसी और जुकाम की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। डॉक्टर ने कहा कि समय पर उपचार से इन बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने माता-पिता से अनावश्यक चिंता न करने की अपील की। साथ ही बच्चों के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। बरसात के मौसम में बच्चों के लिए विशेष सावधानियां: – अधिक स्नान न करें। – आइसक्रीम से परहेज करें। – फ्रिज में रखे खाद्य पदार्थों से बचें। – ठंडा पानी न पिएं। – खान-पान का विशेष ध्यान रखें। डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि आज अस्पताल की ओपीडी में लगभग 70 बच्चों का परीक्षण किया गया। इन सावधानियों को अपनाकर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखा जा सकता है।

बिहार, स्वास्थ्य

स्वास्थ्य में बदहाली के खिलाफ कन्वेंशन

नया विचार न्यूज़ पटना-    स्वास्थ्य सेवा की बदहाली के खिलाफ आज गांधी संग्रहालय, पटना में एक जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन का संचालन पांच सदस्यीय एक अध्यक्ष मंडल ने किया जिसमें प्रीति सिन्हा, संजय श्याम, मनोज चन्द्रवंशी, जयप्रकाश ललन एवं नन्द किशोर सिंह शामिल थे। शुरुआत में सिटीजंस फोरम, पटना के संयोजक अनीश अंकुर ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया, कन्वेंशन के विषय पर प्रकाश डाला और अध्यक्ष मंडल का प्रस्ताव किया।   अध्यक्ष मंडल ने सबसे पहले सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा तैयार किये गये आलेख को कन्वेंशन में पेश करने के लिए मधु मृणालिनी को आमंत्रित किया। आलेख की प्रस्तुति के बाद एक-एक करके करीब 24 प्रतिनिधियों ने कन्वेंशन को सम्बोधित किया।  जन कन्वेंशन को सम्बोधित करने प्रमुख वक्ताओं में नेतृत्वकर्मी अरुण कुमार मिश्र, चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी, अरविन्द सिन्हा, कृष्णदेव यादव, नरेन्द्र कुमार, सतीश कुमार, उदयन राय, पुकार, मणिलाल, सौजन्य उपाध्याय, मणिकांत पाठक, देव रतन प्रसाद, डॉ. ओमप्रकाश रमण, डॉ. मनीष कुमार, शिक्षक रौशन प्रकाश, प्रो. प्रोफेसर सुधीर कुमार , सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल कृष्ण, मजदूर नेता गणेश शंकर सिंह एवं राम लखन , जन कवि आदित्य कमल, रोजगार आन्दोलन की प्रीति सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता पूनम शरण, अधिवक्ता अशोक कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि, काजल मिलन के पति डॉ. रवि रंजन, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार झा, आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा प्रस्तुत किये गये आलेख में बिहार में स्वास्थ्य सेवा की बदहाली का विस्तार से उल्लेख किया गया है। प्रशासनी अस्पतालों की अव्यवस्था से लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी, लापरवाही एवं पैसे की लूट पर प्रकाश डाला गया है। आलेख के जरिए सिटीजंस फोरम,पटना बिहार प्रशासन से मांग करता है: 1. बिहार के सभी प्रशासनी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त एवं बेहतर करो ! 2. निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाओ और सभी तरह के फीस की युक्तिसंगत राशि तय करो! 4. काजल मिलन तथा उसकी नवजात बच्चियों को न्याय दो! 5. काजल मिलन के परिजनों पर से झूठे मुकदमे वापस लो ! 6. समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव वाले सभी निजी अस्पतालों का लाइसेंस रद्द करो ! 7. काजल मिलन की मौत के लिए जिम्मेदार ज्योति पुंज अस्पताल पर कार्रवाई करो !  जन कन्वेंशन को सम्बोधित करते हुए लगभग सभी वक्ताओं ने सिटीजंस फोरम,पटना द्वारा पेश आलेख का समर्थन किया और जोरदार स्वागत में स्वास्थ्य व्यवस्था को जनपक्षधर एवं बेहतर बनाने के लिए जन आन्दोलन की जरूरत को रेखांकित किया।  साथी प्रीति सिन्हा के अध्यक्षीय भाषण के बाद जन कन्वेंशन की समाप्ति की घोषणा की गई।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

सदर अस्पताल में एक दिवसीय प्रेरणादायक कार्यशाला का किया गया आयोजन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर- सदर अस्पताल एवं पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को एक दिवसीय प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य अस्पताल कर्मचारियों में नेतृत्व कौशल, करुणा, उत्तरदायित्व, सहयोग और सम्मान की भावना को जागृत करना एवं उन्हें बेहतर कार्यसंस्कृति की ओर प्रेरित करना था।कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार चौधरी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार, डॉ. अशुतोष, डॉ. मेराज, डॉ. शात्विक एवं डॉ. प्रज्ञा, आदित्य नाथ झा डीपीसी आदि गणमान्य चिकित्सकों की उपस्थिति में हुआ। पिरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम निदेशक श्रीमती शाइस्ता फिरोज एवं श्री शांतनु दास ने बतौर प्रशिक्षक कार्यशाला का संचालन किया। उन्होंने रोचक गतिविधियों, अनुभव आधारित लर्निंग, केस स्टडीज और संवाद के माध्यम से कर्मचारियों के बीच सुरक्षा, विश्वास, जिम्मेदारी और आपसी सम्मान जैसे मूल्यों को व्यवहार में उतारने हेतु प्रेरित किया। इन गतिविधियों ने कर्मचारियों को आत्मचिंतन और भावनात्मक जुड़ाव के साथ सीखने का अवसर प्रदान किया।सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ केवल कर्मचारियों के कार्य निष्पादन में ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्ष में भी पिरामल फाउंडेशन द्वारा इसी प्रकार की कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके प्रभावस्वरूप कर्मचारियों के व्यवहार और दृष्टिकोण में सराहनीय परिवर्तन देखने को मिला था। डॉ. गिरीश कुमार ने कहा कि मानव संसाधन विकास किसी भी संस्थान की सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी स्टाफ से आग्रह किया कि वे इस प्रकार के प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को केवल सैद्धांतिक न रखकर उसे अपने व्यवहार एवं सेवाभाव में परिलक्षित करें। कार्यशाला के दौरान कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए, भावनात्मक और व्यवहारिक स्तर पर प्रशिक्षण के प्रभाव को स्वीकार किया, और यह भी कहा कि उन्हें पहली बार ऐसा मंच मिला जहाँ उन्होंने खुलकर संवाद किया और एक-दूसरे को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के पश्चात कर्मचारियों द्वारा यह विश्वास दिलाया गया कि वे अपने कार्यस्थल पर कार्यशाला में बताए गए उद्देश्यों और मूल्यों को अपनाएंगे तथा अस्पताल परिसर में सुरक्षा, विश्वास, जिम्मेदारी और सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे अपने सहयोगियों को भी प्रेरित करेंगे ताकि अस्पताल में एक सकारात्मक, सहयोगात्मक और सेवा-केंद्रित वातावरण विकसित हो सके। इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन की ओर से उपस्थित जिला प्रतिनिधियों ने बताया कि संगठन भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित करता रहेगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ सेवा प्रदाताओं की आंतरिक शक्ति और नेतृत्व क्षमता का भी विकास हो सके।

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

बिजली गुल होने से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड रहा बाधित, प्रतीक्षारत मरीजों को हुई काफी परेशानी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के नरघोघी स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को दो घंटे अल्ट्रासाउंड रहा बाधित रहा। वहीं अस्पताल में बिजली नहीं रहने से अस्पताल की ओपीडी सेवा भी बाधित हुई। बिजली कटने से ओपीडी से लेकर अल्ट्रासाउंड एवं अन्य विभाग में काम काज ठप रहा। इससे मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस संबंध में मरीजों ने बताया कि यहां बिजली की हमेशा समस्या रहती है। जिससे उनलोगों का अस्पताल में ठीक से इलाज नहीं हो पाता है। वे लोग दूर दराज से बेहतर इलाज के लिए आते हैं। लेकिन यहां कई समस्याएं देखने को मिलती हैं। मरीजों ने डॉक्टरों के सही समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं होने की भी बात बताई।

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विद्यालयों में जाकर किशोरियों को एचपीवी टीकाकरण व बच्चों के आंखों की होगी जांच: मंगल पांडेय 

आरबीएसके के चलंत चिकित्सा दल करेंगे सहयोग  नया विचार न्यूज़ पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि बच्चों एवं किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। इसके लिए राज्य में मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना एवं राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत जिले के सदर प्रखंड स्तर पर संचालित प्रशासनी एवं निजी विद्यालयों में जाकर 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण के विशेष टीकाकरण सत्र एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच सहित आंखों की जांच की जाएगी। इन कार्यों में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम आरबीएसके के चलंत चिकित्सा दलों द्वारा सहयोग लिया जाएगा। आरबीएसके के चलंत चिकित्सा दल विद्यालयों का माइक्रोप्लान इस प्रकार निर्मित करेंगे कि तीनों गतिविधियां बच्चों का स्वास्थ्य जांच,बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण एवं आंखों की जांच एक ही विद्यालय में हो सके। श्री पांडेय ने कहा कि विशेष टीकाकरण सत्रों के लिए विद्यालय स्तर पर व्यवस्था होगी। जिसमें वेटिंग एवं रजिस्ट्रेशन की के साथ टीकाकरण की अलग-अलग सुविधा होगी। इसके साथ ही टीकाकरण के बाद लाभार्थियों के 30 मिनट ऑब्जरवेशन की भी व्यवस्था की जाएगी। सत्र स्थल पर वैक्सीन तथा लॉजिस्टिक्स की समुचित व्यवस्था की जाएगी । इन गतिविधियों को संचालित करने में नोडल पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। टीकाकरण सत्रों के निकटतम आवासीय क्षेत्रों में उत्प्रेरकों के माध्यम से एचपीवी टीकाकरण से संबंधित सूचना से लाभार्थी को अवगत कराया जाएगा,ताकि वह टीकाकरण के लिए उत्प्रेरित हो सकें।  श्री पांडेय ने कहा कि टीकाकरण के लिए सत्र स्थल पर टीकाकर्मी , कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं संबंधित लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजित होने वाले सत्रों पर इस बात का विशेष ध्यान दिया जाएगा कि कोई भी लाभार्थी खाली पेट टीकाकृत न हो। वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार निकट भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों को अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर संचालित किया जाएगा।

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