Patna Metro: मेट्रो कॉरिडोर-टू के अंतर्गत मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन तक टनल खुदाई का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. इस 6 किलोमीटर लंबे भूमिगत ट्रैक की खुदाई का काम इसी साल अप्रैल तक पूरी तरह संपन्न हो जाएगा.
नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव और पटना मेट्रो के एमडी संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी ने शुक्रवार को निर्माण स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए. फिलहाल पीएमसीएच से गांधी मैदान के बीच महज एक किलोमीटर का हिस्सा शेष है, जिसके पूरा होते ही टनल का ढांचा तैयार हो जाएगा.
टनल निर्माण अंतिम चरण में
पटना मेट्रो के इस हिस्से में कुल लगभग छह किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बननी है. अधिकारियों के मुताबिक अब केवल करीब एक किलोमीटर हिस्से की खुदाई शेष है. जैसे ही यह पूरा होगा, स्टेडियम से विश्वविद्यालय, पीएमसीएच, गांधी मैदान और जंक्शन तक का अंडरग्राउंड लिंक तैयार हो जाएगा.
When Vision Meets Action, Progress Follows…🚇
The MD, PMRCL cum Secretary, UDHD,shri Sandeep Kumar R. Pudkalkatti, visited the PMCH Metro Station construction site along with PMRCL officials and the L&T team.
During the visit, he closely assessed the progress on-site,… pic.twitter.com/3OIPVvP96t— Patna Metro Rail Corporation (@PMRCLofficial) February 20, 2026
निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारियों ने बताया कि खुदाई का काम आधुनिक मशीनों की मदद से तेजी से चल रहा है और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. टनल तैयार होते ही अगला बड़ा काम पटरी बिछाने और सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का होगा. इसके लिए जल्द टेंडर जारी किया जाएगा.
टीबीएम मशीनों से तेज हुई खुदाई
टनल निर्माण के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें लगाई गई हैं. पहली मशीन ने सैकड़ों मीटर खुदाई कर ली है, जबकि दूसरी मशीन भी लगातार आगे बढ़ रही है. दोनों मशीनों की मदद से सुरंग निर्माण की रफ्तार पहले से बेहतर हुई है. भूमिगत संरचनाओं के कारण कई जगह तकनीकी चुनौतियां आईं, लेकिन नई तकनीक और रिंग सपोर्ट सिस्टम के जरिए काम जारी रखा गया.
मंदिर और पुराने भवन बने चुनौती
टनल निर्माण के दौरान कुछ पुरानी इमारतें और धार्मिक संरचनाएं सामने आईं, जिनके कारण मशीनों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा. सुरक्षा के लिहाज से पास के पुराने भवन खाली कराए गए और मशीनों को सावधानी से आगे बढ़ाया गया ताकि किसी संरचना को नुकसान न पहुंचे.
इन बाधाओं को पार करने के बाद अब खुदाई फिर से गति पकड़ चुकी है और अप्रैल तक टनल पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है.
मेट्रो परियोजना के पूरा होने के बाद
पटना में ट्रैफिक दबाव कम होने, यात्रा समय घटने और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है. शहर के लाखों यात्रियों के लिए यह परियोजना शहरी परिवहन में बड़ा बदलाव ला सकती है.
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