Kharamas 2026: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में खरमास की अवधि को मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है. कहा जाता है कि खरमास के समय किए गए मांगलिक कार्य का परिणाम शुभ नहीं होता और कार्यों में बाधाएं आती हैं. इस दौरान सलाह दी जाती है कि शादी, मुंडन, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय जैसे अन्य शुभ कार्य न किए जाएँ. अगर आप भी शादी की योजना बना रहे हैं या कोई मांगलिक कार्य करना चाहते हैं और शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं, तो यह समाचार आपके लिए है. आइए जानते हैं कि साल 2026 में खरमास कब समाप्त होगा और इसके बाद कौन-से शुभ तिथियां उपलब्ध हैं.
खरमास 2026: कब तक रहेगा?
खरमास 14 अप्रैल 2026 की सुबह समाप्त होगा, जब सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इसके साथ ही सभी रुके हुए मांगलिक कार्य पुनः प्रारंभ किए जा सकते हैं.
खरमास के बाद शादी के शुभ मुहूर्त
अप्रैल 2026 में विवाह
खरमास समाप्त होने के तुरंत बाद अप्रैल के मध्य से शादी के कई शुभ मुहूर्त हैं:
- तिथियां: 15, 16, 17, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 अप्रैल
मई 2026 में विवाह
पूरे मई महीने में विवाह के लिए कई शुभ तिथियां हैं:
- तिथियां: 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 16, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 मई
जून 2026 में विवाह
जून में शादी के लिए शुभ तिथियां इस प्रकार हैं:
- तिथियां: 1, 2, 3 और 4 जून
खरमास क्यों लगता है?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि (धनु या मीन) में गोचर करते हैं, तो उनकी ऊर्जा और गति मंद हो जाती है. इस अवस्था को खरमास कहा जाता है.
खरमास में शादी क्यों नहीं होती?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उनकी गति मंद हो जाती है और वे ‘मलिन’ हो जाते हैं. सूर्य को ऊर्जा और सफलता का कारक माना जाता है. सूर्य के कमजोर होने से इस दौरान किए गए मांगलिक कार्यों में शुभ फल और देवताओं का आशीर्वाद नहीं मिलता, इसलिए शादियां और शुभ कार्य वर्जित होते हैं.
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