Deoghar News: देवघर का मोहनपुर प्रखंड शनिवार को लंगड़ा, दशहरी, हिमसागर, मालदा जैसे आम के विभिन्न प्रजातियों की खुशबू से महक उठा. यहां आम की खेती से लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, जिससे वो आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं. जानकारी के अनुसार, मनोहरपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में बिरसा हरित ग्राम योजना (Birsa Harit Gram Yojana) के तहत आम उत्सव सह बागवानी मेले का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आये किसानों ने अपने बागानों में उपजाये आम की विविध प्रजातियों का प्रदर्शन किया.
बीडीओ ने किया मेले का उद्घाटन

मेले में किसानों ने लंगड़ा, दशहरी, हिमसागर, आम्रपाली और मालदा आम का प्रदर्शन किया. इसके साथ ही मेले में जैविक खेती, कीटनाशक, फल संरक्षण तकनीक और कृषि नवाचारों की भी विस्तृत झलक देखने को मिली. कार्यक्रम में उत्कृष्ट आम उत्पादन करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन बीडीओ संतोष कुमार चौधरी, बीपीओ रेनू प्रभा और कृषि पदाधिकारी राजेश झा ने किया.
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बीडीओ ने कहा- खेती को आधुनिक तकनीकों से…

कार्यक्रम के दौरान बीडीओ ने कहा कि आम की खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की जरूरत है. बागवानी को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाकर किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रशासन आम उत्पादकों को बाजार से जोड़ने और विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं.
इन्हें किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में कई किसानों को सम्मानित भी किया गया. सम्मानित होने वाले किसानों में बारा पंचायत के विकास झा, बाघमारी किताखरवा के पांडव कापरी, सूअरदेही के घनश्याम चौधरी और कटवन के छोटेलाल यादव शामिल थे. इसके अतिरिक्त अन्य पंचायतों से भी बड़ी संख्या में किसानों ने बागवानी मेला में हिस्सा लिया.
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किसानों ने की 40 क्विंटल से अधिक आम की बिक्री

इस अवसर पर किसानों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में उन्होंने करीब 40 क्विंटल से अधिक आम की बिक्री की है. आम के साथ मिश्रित फसल लगाकर वे हर माह 20 से 30 हजार रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. इससे उनके कदम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं. इस कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों किसानों, स्त्री समूह, कृषिक मित्र और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही.
क्या है बिरसा हरित ग्राम योजना
बता दें कि झारखंड प्रशासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल बिरसा हरित ग्राम योजना राज्य के किसानों के लिए एक लाभकारी योजना है. इस योजना के तहत किसानों को फलदार वृक्ष लगाने और उसकी देखभाल करने संबंधी रोजगार का लाभ दिया जाता है.
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