Hot News

इजराइल-ईरान युद्ध से क्या थम जाएगा भारत का सप्लाई नेटवर्क, किन जलमार्गों से आते हैं हमारे सामान?

Israel Iran War Impact: इजराइल-ईरान युद्ध लगातार 11 दिनों से जारी है. इन दोनों देशों की आपसी लड़ाई में नया मोड़ तब आया, जब इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के बाद अमेरिका ने 21-22 जून की दरम्यानी रात को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला कर दिया. इस अमेरिकी हमले के बाद ईरानी संसद ने सख्त कदम उठाते हुए दुनिया भर के देशों को समानों की आपूर्ति करने वाले समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया. उसके इस ऐलान के बाद हिंदुस्तान में सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी होने की चर्चाएं तेज हो गईं. इस बीच, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि हिंदुस्तान में हमारे-आपके इस्तेमाल के सामान किन-किन देशों और जलमार्गों से होकर आते हैं? क्या इजराइल-ईरान युद्ध का असर हिंदुस्तान के सप्लाई नेटवर्क भी पड़ेगा? आइए, इसके बारे में विस्तार से समझते हैं.

किन-किन जलमार्गों का इस्तेमाल करता है हिंदुस्तान

हिंदुस्तान का करीब 90% व्यापार समुद्री मार्गों से होता है, इसलिए विदेश से हमारे-आपके इस्तेमाल के सामान जलमार्गों के जरिए अपने देश में आते हैं. जिन जलमार्गों के जरिए हिंदुस्तान में विदेशी समानों की सप्लाई की जाती है, उनमें होर्मुज जलडमरूमध्य, मलक्का जलडमरूमध्य, स्वेज नहर, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य, अरब सागर और हिंद महासागर शामिल हैं. इन जलमार्गों के जरिए हिंदुस्तान के मुंबई, चेन्नई, कांडला, पारादीप, और विशाखापट्टनम के बंदरगाहों पर विदेश से आने वाली वस्तुओं को उतारा जाता है.

किन जलमार्गों से आता है कौन सामान

  • होर्मुज जलडमरूमध्य: यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. हिंदुस्तान के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है. इसके जरिए कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और अन्य ऊर्जा संसाधन आयात किए जाते हैं.
  • मलक्का जलडमरूमध्य: यह दक्षिण चीन सागर और अंडमान सागर को जोड़ता है. इस जलमार्ग के जरिए पूर्वी एशियाई देश चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इंडोनेशिया, मलेशिया से आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कोयला हिंदुस्तान आते हैं.
  • स्वेज नहर: यह लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है. इस जलमार्ग के जरिए यूरोप, उत्तरी अफ्रीका, और कुछ मध्य पूर्वी देशों से आयातित रसायन, मशीनरी और रिफाइन्ड पेट्रोलियम पदार्थ हिंदुस्तान पहुंचते हैं.
  • बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य: यह लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है. यह स्वेज नहर के रास्ते के जरिए यूरोप और अफ्रीका से हिंदुस्तान आने वाले सामानों के लिए महत्वपूर्ण है.
  • अरब सागर और हिंद महासागर: ये खुले समुद्री मार्ग हैं, जो सभी चारों जलडमरूमध्य से हिंदुस्तान के प्रमुख बंदरगाह मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, विशाखापट्टनम, कांडला तक सामान लाते हैं.

जलमार्गों से किन देशों से आते हैं सामान

  • होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान से सामान मंगाए जाते हैं.
  • मलक्का जलडमरूमध्य के जरिए चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से सामानों की आपूर्ति की जाती है.
  • स्वेज नहर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते यूरोपीय देश जर्मनी, फ्रांस, इटली, यूके, उत्तरी अफ्रीकी देश मिस्र और अल्जीरिया और कुछ मध्य पूर्वी देश से हिंदुस्तान सामान आते हैं.
  • अरब सागर और हिंद महासागर के रास्ते उपरोक्त सभी देशों के अलावा दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कुछ हिंद महासागर द्वीप के देशों से सामानों की आपूर्ति होती है.

इसे भी पढ़ें: कौन हैं पायल अरोड़ा, जिन्हें माना जा रहा अहमदाबाद में एयर इंडिया हादसे का जिम्मेदार

इजराइल-युद्ध का प्रभाव

इजरायल-ईरान युद्ध या होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का हिंदुस्तान पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह जलमार्ग हिंदुस्तान की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है. हिंदुस्तान अपनी 80% से अधिक ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है और इसका अधिकांश कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है. बंद होने पर तेल और गैस की आपूर्ति में कमी, शिपिंग में देरी, और कीमतों में उछाल आ सकता है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें 75.32 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर तक पहुंच सकती हैं, जिससे हिंदुस्तान में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन महंगे हो जाएंगे. इससे हिंदुस्तान में महंगाई बढ़ेगी. परिवहन, विनिर्माण और उपभोक्ता वस्तुओं की लागत में बढ़ोतरी दर्ज होगी. होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले उर्वरक और रासायनिक उत्पादों की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसका असर कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा.

इसे भी पढ़ें: हिंदुस्तान में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और एलएनजी के दाम? होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से छाए संकट के बादल

The post इजराइल-ईरान युद्ध से क्या थम जाएगा हिंदुस्तान का सप्लाई नेटवर्क, किन जलमार्गों से आते हैं हमारे सामान? appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top