शहरों में छोटी दूरी तय करने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर परफेक्ट चॉइस होते हैं. ये न सिर्फ शांत होते हैं, बल्कि चलाने में आसान और पेट्रोल वाले दोपहिया के मुकाबले काफी सस्ते भी पड़ते हैं. लेकिन किसी भी गाड़ी की तरह इलेक्ट्रिक स्कूटर को भी लंबे समय तक भरोसेमंद बनाए रखने के लिए सही देखभाल जरूरी होती है. अच्छी बात यह है कि अगर कुछ आसान टिप्स और छोटे-छोटे जुगाड़ अपनाए जाएं, तो स्कूटर की उम्र उसकी नॉर्मल लाइफ से भी काफी ज्यादा बढ़ाई जा सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
’20-80 रूल’ फॉलो करें
इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा हिस्सा उसमें लगी बैटरी होती है. आजकल ज्यादातर स्कूटर में लिथियम-आयन बैटरी दी जाती है, और इसे किस तरह चार्ज किया जाता है, इसका सीधा असर बैटरी की उम्र पर पड़ता है. अगर आप चाहते हैं कि बैटरी लंबे समय तक अच्छी चले, तो एक्सपर्ट अक्सर ’20-80 रूल’ फॉलो करने की सलाह देते हैं. इसका मतलब बहुत आसान है. कोशिश करें कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में बैटरी 20% से नीचे न जाए और 80% से ज्यादा चार्ज न करें.
ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें
बैटरी को सेफ रखने के लिए एक और जरूरी बात याद रखें कि हमेशा उसी ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें जो कंपनी के साथ मिलता है. दरअसल, हर चार्जर को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह फोन को सही वोल्टेज और करंट दे सके. अगर आप किसी दूसरे या सस्ते चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, तो बैटरी के ज्यादा गर्म होने या खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.
मैकेनिकल पार्ट्स चेक करें
बैटरी की देखभाल जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी स्कूटर के मैकेनिकल पार्ट्स पर भी ध्यान देना है. सबसे पहले बात करते हैं टायर की. टायर का प्रेशर हर 10 से 15 दिन में एक बार जरूर चेक करते रहें. अगर टायर में हवा कम होगी तो सड़क पर रेजिस्टेंस बढ़ जाता है. इसका सीधा असर राइडिंग रेंज पर पड़ता है और मोटर पर भी बेवजह ज्यादा दबाव पड़ने लगता है.
सड़क की वाइब्रेशन की वजह से समय के साथ स्कूटर के छोटे-छोटे पार्ट्स ढीले भी हो सकते हैं. इसलिए महीने में एक बार स्क्रू, नट और हैंडलबार के बोल्ट चेक कर लेना अच्छा रहता है. यह छोटी-सी जांच आगे चलकर बड़े खर्च से बचा सकती है.
एक और काम का टिप यह है कि स्कूटर के फोल्डिंग मैकेनिज्म और सस्पेंशन जैसे मूविंग पार्ट्स पर कभी-कभी सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट लगा दें. इससे ये पार्ट्स स्मूद तरीके से काम करते रहते हैं.
राइडिंग हैबिट्स पर ध्यान दें
इलेक्ट्रिक स्कूटर कितने समय तक अच्छा चलेगा, यह सिर्फ उसकी क्वालिटी पर नहीं बल्कि इस बात पर भी डिपेंड करता है कि आप उसे कैसे चलाते हैं. अगर आप स्मूद एक्सेलेरेशन देते हैं और धीरे-धीरे ब्रेक लगाते हैं, तो मोटर और बैटरी पर कम दबाव पड़ता है.
ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में Eco या पावर-सेविंग मोड भी मिलता है. डेली कम्यूट के लिए यह मोड काफी बेहतर रहता है, क्योंकि इससे बिजली की खपत कम होती है और सिस्टम पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ता.
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