Iran Israel War: हिंदुस्तान में ईरान के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा- ईरान अमेरिका से बातचीत नहीं करना चाहता, क्योंकि इस जंग की शुरुआत उन्होंने ही की थी. हमें उनके साथ अब तक दो बार ऐसा अनुभव हो चुका है. हम उनसे बातचीत कर रहे थे, और उन्होंने हम पर हमला कर दिया. हमें अपनी रक्षा करनी होगी. हम अपनी गरिमा, अपनी स्वतंत्रता और अपने देश के लिए अपना खून बहाने को तैयार हैं. हम अपने दुश्मनों के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं. हम इस युद्ध के अंत तक डटे रहेंगे. ट्रंप ने कहा था ईरान बातचीत करना चाहता है. लेकिन बातचीत की इच्छा के बावजूद अमेरिका ईरान पर हमला जारी रखेगा.
#WATCH | Delhi | On US President Donald Trump’s statement that Iran wants to negotiate, Dr Abdul Majid Hakeem Ilahi, representative of Iran’s Supreme Leader in India, says in an interview with ANI, “Never ever. Iran doesn’t want to negotiate with them at this moment because they… pic.twitter.com/VKA2zda4dP
— ANI (@ANI) March 14, 2026
इस युद्ध की कोई समय-सीमा नहीं : ईरान
न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में इजराइल-अमेरिका के साथ जारी जंग पर डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा- मुझे इस युद्ध की कोई समय-सीमा नहीं पता, लेकिन मुझे यह पता है कि ईरान इस युद्ध को अंत तक, यहां तक कि 5 साल तक भी जारी रखने के लिए तैयार है. अगर दुनिया के नेता इस युद्ध को रोकना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी आवाजें एक साथ उठानी होंगी और इसे रोकने की कोशिश करनी होगी.
हम युद्ध नहीं चाहते थे, उन्होंने हमपर हमला किया: ईरान
इजराइल-अमेरिका के साथ जारी जंग को लेकर डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा- हम युद्ध नहीं चाहते थे. जब हम बातचीत की मेज पर थे, तभी उन्होंने हम पर हमला कर दिया. इस युद्ध की शुरुआत कर दी. ये वैश्विक समस्याएं और यह संघर्ष ईरान की वजह से नहीं हैं, बल्कि दूसरी तरफ वालों ने इन्हें पैदा किया है.
युद्ध रुकवाने के लिए अमेरिका पर दबा डालें दुनिया भर के नेता : ईरान
हिंदुस्तान में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा- हम दूसरे लोगों की तकलीफों, गैस, पेट्रोल या तेल की कमी से खुश नहीं हैं, लेकिन हमें अपनी रक्षा तो करनी ही होगी. दुनिया के नेताओं का यह फर्ज और जिम्मेदारी है कि वे अमेरिका पर दबाव डालें. उनसे कहें कि, कृपया, हम तकलीफ उठा रहे हैं, इसलिए इस युद्ध को रोकें.
क्या ईरान होर्मुज स्ट्रेट में हिंदुस्तान को देगा रियायत?
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हिंदुस्तान को कोई रियायत देने के सवाल पर डॉ अब्दुल मजीद ने कहा, मैं यह कह सकता हूं कि ज्यादातर हिंदुस्तानीयों का दिल ईरान के साथ है. मैं तो यह भी कह सकता हूं कि वे युद्ध के खिलाफ हैं. मैंने अपने देश को बताया कि हिंदुस्तान के लोग गैस और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट से हिंदुस्तानीय जहाजों को बे रोक-टोक गुजरने की सुविधा दी जाएगी.
पड़ोसी देशों का इस्तेमाल कर ईरान पर हमला कर रहा अमेरिका: डॉ अब्दुल मजीद
मिडिल ईस्ट पर हमले पर डॉ अब्दुल मजीद ने कहा- अमेरिका ईरान से 6,000 मील से भी ज्यादा दूर है. वे ठिकाने कहां हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए कर रहा है? अमेरिका हमले के लिए ईरान के पड़ोसी देशों का सहारा ले रहा है. कल मैंने कुछ अमेरिकी सीनेटरों से सुना कि अमेरिका ने ईरान के आस-पास 45 ठिकाने बना रखे हैं. हमने युद्ध से पहले अपने पड़ोसियों से कहा था कि वे अमेरिका को ऐसे ठिकाने न दें जिनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सके. लेकिन पड़ोसियों ने ऐसा नहीं किया.
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