Iran attack Qatar: ईरान की सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने कतर में मौजूद कतर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफ्फान (Ras Laffan) पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ले ली है. ईरान ने साफ कहा है कि यह हमला ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 63वीं लहर का हिस्सा था. ईरान का दावा है कि उन्होंने यह कदम अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स (South Pars) गैस फील्ड पर किए गए हमलों के जवाब में उठाया है. IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा हमला हुआ, तो वे दुश्मन के एनर्जी ठिकानों को पूरी तरह से मटियामेट कर देंगे.
ईरान ने क्यों किया कतर पर हमला?
IRGC के जनसंपर्क कार्यालय के मुताबिक, यह हमला ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खतीब की मौत का बदला लेने के लिए किया गया है. 18 मार्च 2026 को इजरायल ने तेहरान में एक बड़ा एयरस्ट्राइक किया था, जिसमें इस्माइल खतीब की मौत हो गई थी. वह पिछले 24 घंटों में मारे गए तीसरे बड़े ईरानी अधिकारी थे. इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि खतीब ईरान के भीतर दमनकारी गतिविधियों और बाहरी खतरों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार थे. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी सोशल मीडिया पर खतीब की मौत की पुष्टि करते हुए इसे ‘कायरतापूर्ण हत्या’ करार दिया था.
ईरान का कहना है कि वह पड़ोसी देशों की वित्तीय स्थिति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता था, लेकिन जब उसके अपने एनर्जी ठिकानों पर हमला हुआ, तो उसे मजबूरन अमेरिका से जुड़े तेल और गैस सेंटर्स को निशाना बनाना पड़ा. ईरान ने इसे युद्ध का एक नया लेवल बताया है.
इजरायल के 80 ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान ने केवल कतर ही नहीं, बल्कि इजरायल के अंदर भी कोहराम मचाने का दावा किया है. IRGC के अनुसार, उन्होंने ऋृषोन लेजियन, रामला, लोद, ईलात, रामत गन, बेनी ब्राक, बैट यम और होलोन जैसे शहरों में 80 मिलिट्री ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं. इन हमलों में मल्टी-वारहेड मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया. ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि अगली बार उनका रिस्पॉन्स आज की तुलना में कहीं ज्यादा खतरनाक होगा.
ट्रंप बोले- ‘इजरायल ने गुस्से में लिया फैसला, अमेरिका को समाचार नहीं थी’
इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी बात रखी. ट्रंप ने कहा कि इजरायल ने गुस्से में आकर ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया, जिसकी जानकारी न तो अमेरिका को थी और न ही कतर को. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने फिर से ‘मासूम’ कतर पर हमला किया, तो अमेरिका बिना किसी की परवाह किए ईरान के पूरे साउथ पार्स गैस फील्ड को उड़ा देगा. ट्रंप ने कहा कि वह इतनी तबाही नहीं चाहते, लेकिन कतर के LNG प्लांट पर दोबारा हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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कतर ने ईरानी अधिकारियों को निकाला
इस हमले के बाद कतर ने कड़ा एक्शन लिया है. कतर के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि इन अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर कतर छोड़कर जाना होगा. फिलहाल वहां की सिविल डिफेंस टीम आग बुझाने और इलाकों को सुरक्षित करने में जुटी है, हालांकि अब तक किसी की जान जाने की समाचार नहीं है.
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