Strait Of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने का वक्त आ गया है. उन्होंने शनिवार (स्थानीय समय) को जॉइंट बेस एंड्रयूज (JBA) पर मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान सैन्य रूप से हार चुका है, इसलिए अब अमेरिका इस समुद्री रास्ते को खोलकर रहेगा. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इसके लिए उन्हें किसी डील का इंतजार नहीं है, यह काम समझौते के साथ या उसके बिना भी किया जाएगा.
ट्रंप बोले- मामला जल्दी सुलझेगा
ट्रंप ने बताया कि उनकी एक मजबूत टीम पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंच चुकी है. इस टीम में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर शामिल हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया काफी तेजी से आगे बढ़ेगी. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायु सेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम खत्म हो चुके हैं, और वहां के लीडर भी अब कंट्रोल में नहीं हैं. उन्होंने साफ किया कि अगर बातचीत में देरी हुई, तो अमेरिका दूसरे तरीके से मामले को खत्म करना जानता है. यह टीम है जो अमेरिका और ईरान से बात करने के लिए पाकिस्तान आई है.
All set for the U.S. and Iran talks in Islamabad, Pakistan.
Team USA:
– JD Vance
– Steve Witkoff
– Jared Kushner
– Brad CooperTeam Iran:
– Abbas Araghchi
– Mohammad Bagher Ghalibaf
– Majid Takht Ravanchi
– Mohammad Bagher ZolghadrHosts:
– PM of Pakistan Shehbaz… pic.twitter.com/zB7qqkle20— Clash Observer (@clashobserver) April 10, 2026
ईरान ने रखी दो बड़ी शर्तें
दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ के नेतृत्व में एक हाई-लेवल डेलिगेशन शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंच गया. ईरानी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस टीम में विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, सुरक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हम्मती जैसे बड़े नाम शामिल हैं. गालीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि बातचीत शुरू होने से पहले दो शर्तें पूरी होनी चाहिए: पहला लेबनान में सीजफायर और दूसरा ईरान के रोके गए फंड को वापस करना.
🚨 JUST IN: The Iranian delegation got peace talks have ARRIVED in Pakistan
Iran sent:
– The Secretary of their Defense Council
– The governor of the central bank
– Several members of Parliament
– Other lower officialsJD Vance, Steve Witkoff, and Jared Kushner are en route as… pic.twitter.com/cDsTjEIHTJ
— Nick Sortor (@nicksortor) April 10, 2026
सीजफायर को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच उलझन
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के अस्थाई युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर अभी भी कन्फ्यूजन बना हुआ है. ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान का मानना है कि इस समझौते में लेबनान में इजरायली हमले रुकना भी शामिल है. हालांकि, अमेरिका और इजरायल ने साफ कर दिया है कि हिजबुल्ला के खिलाफ ऑपरेशन इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है. इसी खींचतान के बीच जेडी वेंस ने कहा है कि अगर ईरान ईमानदारी से बात करेगा तो अमेरिका हाथ मिलाने को तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की चालाकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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शनिवार को इस्लामाबाद में पहली बैठक
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी टीम शनिवार (11 अपैल) सुबह इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से पहली मुलाकात करेगी. यह बातचीत पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए हो रही है. ईरान के डेलिगेशन में वहां के सांसद और आर्थिक-कानूनी एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं, जो इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा करेंगे. अब पूरी दुनिया की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं कि क्या ईरान बिना अपनी शर्तें पूरी हुए बातचीत की मेज पर टिक पाएगा या नहीं.
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