US Army Chief Retire: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के चीफ रैंडी ए जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें तत्काल सेवानिवृत्ति लेने के लिए मजबूर किया. अचानक लिए गए इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है. पेंटागन ने भी गुरुवार को इस कदम की पुष्टि की. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध के जल्द समाप्त होने का ऐलान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे मिडिल ईस्ट में अपने सैनिकों की संख्या भी बढ़ा रहे हैं.
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पर्नेल ने कहा कि जॉर्ज ‘तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त होंगे.’ उन्होंने कहा कि विभाग उनके ‘देश के प्रति दशकों की सेवा’ के लिए आभारी है. रैंडी के जबरन रिटायरमेंट के बाद, मौजूदा वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को कार्यवाहक आर्मी चीफ नियुक्त किया गया है. 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पूर्व कमांडर ला-नेव पहले हेगसेथ के सैन्य सहयोगी भी थे. ला-नेव इससे पहले दक्षिण कोरिया में आठवीं सेना की कमान संभाल रहे थे.
Pete Hegseth has asked Army Chief of Staff Gen. Randy George to step down and take immediate retirement according to CBS pic.twitter.com/NhUsh1Z7jh
— Visegrád 24 (@visegrad24) April 2, 2026
ट्रंप प्रशासन लगातार कर रहा फेरबदल, लेकिन क्यों?
यह अचानक नेतृत्व परिवर्तन, हेगसेथ द्वारा अमेरिकी सैन्य ढांचे में किए जा रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है. वह पहले ही एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को हटा चुके हैं. हेगसेथ ने रक्षा विभाग को अपने तरीके से ढालने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं. वह राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे को लागू करने के लिए शीर्ष जनरलों और एडमिरलों को हटाते रहे हैं.
माना जा रहा है ट्रंप प्रशासन उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिन्हें पिछले प्रशासन की नीतियों से प्रभावित माना जाता है. यूएस मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेगसेथ चार सैन्य अधिकारियों (दो स्त्रीओं और दो अश्वेत पुरुषों) को वन-स्टार जनरल बनाने की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. वह पहले भी अमेरिकी सेना से ‘डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन’ (DEI) नीतियों को हटाने की बात कर चुके हैं.
रैंडी पिछले साल फरवरी में हुई शुरुआती बर्खास्तगी की लहर से बच गए थे, जिनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल चार्ल्स क्यू ब्राउन जूनियर और नौसेना प्रमुख एडमिरल लीसा फ्रैंचेटी और एयर फोर्स के नंबर-2 अधिकारी जनरल जेम्स स्लिफ को हटाया गया था. इसके बाद से एक दर्जन से अधिक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी या तो समय से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया है. इनमें जॉर्ज के डिप्टी, आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे, जिन्हें इस पद पर दो साल से कम समय हुआ था.
आगे भी कुछ और बर्खास्तगी संभव
वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीफ ऑफ चैपलिन मेजर जनरल विलियम ग्रीन और यूएस आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के कमांडिंग जनरल जनरल डेविड होडने भी रिटायर किए गए हैं. हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में अमेरिकी सेना से कुछ और विदाई हो सकती है.
द अटलांटिक की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस एफबीआई निदेशक काश पटेल, आर्मी सेक्रेटरी डैनियल ड्रिस्कॉल और लेबर सेक्रेटरी लोरी शावेज डीरीमर भी ट्रंप प्रशासन छोड़ सकते हैं. हालांकि, इन फैसलों का समय अभी तय नहीं है और राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है. लेकिन अटार्नी जनरल पाम बांडी को ट्रंप ने बाहर कर दिया है.
JUST IN – Pete Hegseth fires two more generals, David Hodne and William Green Jr., alongside Army Chief Of Staff Randy George — Reuters pic.twitter.com/XsYW3tW59D
— Disclose.tv (@disclosetv) April 3, 2026
जॉर्ज का सैन्य करियर
जनरल रैंडी जॉर्ज एक इन्फैंट्री अधिकारी हैं और वेस्ट प्वाइंट मिलिट्री अकादमी के स्नातक हैं. उन्होंने पहले खाड़ी युद्ध (गल्फ वॉर) के साथ-साथ इराक और अफगानिस्तान में भी सेवा दी है. उन्हें 2023 में सेना के शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था. आमतौर पर यूएस आर्मी चीफ का कार्यकाल चार साल का होता है, ऐसे में रैंडी 2027 में रिटायर होते, यानी उनके पास एक साल का समय और बचा था.
इससे पहले, जॉर्ज आर्मी के वाइस चीफ के रूप में कार्य कर चुके हैं और उससे पहले उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार के रूप में काम किया. 2021 से 2022 के बीच वह ऑस्टिन के शीर्ष सैन्य सहयोगी भी रहे, इसके बाद उन्होंने सेना में कई वरिष्ठ नेतृत्व पद संभाले. पद से हटाए जाने से कुछ दिन पहले ही, जॉर्ज वेस्ट प्वाइंट में कैडेट्स के साथ बातचीत कर रहे थे और उन्हें नेतृत्व के लिए अपने अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन दे रहे थे.
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ईरान युद्ध के बीच क्यों बदला जा रहा सैन्य नेतृत्व?
यह पुनर्गठन ऐसे समय हो रहा है जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं. ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध का कालक्रम आने वाले 2-3 हफ्ते तक का निर्धारित कर दिया है. उनके अनुसार, अमेरिका जल्द से जल्द इस युद्ध से बाहर होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने निर्धारित लक्ष्यों को लगभग पूरा कर चुका है. हालांकि, युद्ध के बीच इस तरह सैन्य बदलाव करना थोड़ा आश्चर्यचकित करता है.
शीर्ष नेतृत्व को बदलना अमेरिका के लिए घातक हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे ग्राउंड पर सैनिकों का मनोबल टूट सकता है. हालांकि, ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा था कि वह आने वाले दिनों में ईरान के ऊपर और बड़ा हमला कर सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन अपनी नीतियों के मुताबिक सैन्य नेतृत्व को पद पर बैठाना चाहता है, जो उनके लक्ष्यों को प्राप्त करा सके.
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