Donald Trump address to nation on Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध पर आज गुरुवार (अमेरिका में बुधवार) को देश के नाम संबोधन किया. इसमें उन्होंने घोषणा की कि ईरान में अमेरिकी ऑपरेशन सफल रहा. उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द अमेरिका इस युद्ध से बाहर होगा. ट्रंप का यह संबोधन 28 फरवरी से चल रहे युद्ध के एक महीने से ज्याादा समय बीतने के बाद आया है. ट्रंप ने 20 मिनट के भाषण में ईरान के ऊपर करारा हमला बोला है. उनके एड्रेस टू नेशन की बड़ी बातें…
प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे होने के करीब
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अमेरिका अपने लगभग सभी सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के करीब पहुंच गया है. अपने राष्ट्रीय संबोधन में उन्होंने अभियान को जल्द समाप्त करने का वादा किया. ट्रंप ने कहा, ‘हम इस काम को पूरा करेंगे, और बहुत तेजी से पूरा करेंगे.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संघर्ष जारी रहने के दौरान अमेरिका अपने खाड़ी क्षेत्र के सहयोगियों की ‘हर तरह से’ रक्षा करेगा.
इससे पहले ट्रंप युद्ध में अमेरिका के उद्देश्यों को स्पष्ट कर चुके हैं, जिनमें शामिल हैं—
- ईरान की आक्रामक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना
- उसकी मिसाइल उत्पादन क्षमता को खत्म करना
- उसकी नौसेना और व्यापक सुरक्षा ढांचे को निशाना बनाना
- यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके
हालांकि, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं.
ईरान की नौसेना खत्म, वायुसेना तबाह, IRGC नेतृत्व ध्वस्त: ट्रंप
अपने टीवी संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना ‘पूरी तरह खत्म’ कर दी गई है, उसकी वायुसेना ‘तबाह’ हो चुकी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का नेतृत्व ‘पूरी तरह ध्वस्त’ कर दिया गया है.
मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं रहा अमेरिका: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में वेनेजुएला का भी जिक्र किया और वहां अमेरिकी सेना द्वारा किए गए तेज ऑपरेशन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई और देश को नियंत्रण में ले लिया गया. ट्रंप ने इस मिशन को ‘तेज, घातक और हिंसक’ बताया और कहा कि इससे दुनिया भर में अमेरिका की ताकत का सम्मान बढ़ा है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अब ऊर्जा के मामले में मध्य पूर्व पर निर्भर नहीं रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की मदद के लिए वहां मौजूद रहेगा.
ईरान में अमेरिकी सेना की तेज और निर्णायक जीत: ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद अपने पहले राष्ट्रीय संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में तेज और निर्णायक जीत हासिल की है. ऐसी जीत, जो बहुत कम लोगों ने पहले कभी देखी होगी उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन (एपिक फ्यूरी) का लक्ष्य दुनिया का नंबर एक टेरर स्पांसर देश ईरान था.
ईरान को ‘पाषाण युग’ में पहुंचा देंगे, 2-3 हफ्तों में बड़ा एक्शन: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका अगले ‘दो से तीन हफ्तों’ में ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करने के लिए तैयार है. व्हाइट हाउस से प्राइमटाइम संबोधन में ट्रंप ने कहा, ‘हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बेहद कड़ा प्रहार करने जा रहे हैं. हम उन्हें पाषाण युग में पहुंचा देंगे, जहां वे होने चाहिए.’
ईरान के नए नेता ‘कम कट्टर’ और ‘ज्यादा समझदार’: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नए नेता ‘कम कट्टरपंथी’ और ‘काफी ज्यादा समझदार’ हैं. व्हाइट हाउस से दिए गए संबोधन में ट्रंप ने फिर दावा दोहराया कि अमेरिका ने ‘शासन परिवर्तन’ हासिल कर लिया है, क्योंकि ‘उनके सभी मूल नेताओं की मौत हो चुकी है.’
उन्होंने यह भी बताया कि इस बीच बातचीत जारी है. ट्रंप ने कहा, ‘हमारा मकसद शासन परिवर्तन (रेजीम चेंज) नहीं था. हमने कभी ऐसा नहीं कहा, लेकिन उनके सभी मूल नेताओं की मौत के कारण वहां शासन परिवर्तन हो चुका है. वे सभी मारे जा चुके हैं.
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तेल और बिजली संयंत्रों पर भी हमला कर सकते हैं: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ‘ईरान के तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है.’ हालांकि, इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि कूटनीतिक रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने अगले कदमों पर विचार करते हुए बातचीत भी जारी रखे हुए है.
उन्होंने कहा कि बातचीत के साथ-साथ अमेरिका प्रमुख ठिकानों पर नजर बनाए हुए है. ट्रंप ने चेतावनी दी, ‘अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर एक बिजली उत्पादन संयंत्र पर बेहद कड़ा और संभवतः एक साथ हमला करेंगे.’
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने अब तक ईरान के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया है, जबकि वह ‘सबसे आसान लक्ष्य’ है. ट्रंप के अनुसार, ऐसा हमला ईरान को ‘जीवित रहने या दोबारा खड़ा होने का कोई मौका नहीं देगा.’
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हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करें देश: ट्रंप की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आने वाले तेल पर निर्भर हैं, उन्हें खुद इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका सहयोग देगा, लेकिन जिम्मेदारी उन्हीं देशों की है कि वे ‘उस तेल की सुरक्षा की अगुवाई करें, जिस पर वे बेहद निर्भर हैं.’
ट्रंप ने कहा, ‘मेरे पास एक सुझाव है. पहला, अमेरिका से तेल खरीदिए, हमारे पास बहुत है, बहुत ज्यादा है. दूसरा, अब कुछ देर से ही सही, हिम्मत दिखाइए. पहले करना चाहिए था, हमारे साथ करना चाहिए था. जाइए, अब हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा कीजिए, उसकी सुरक्षा कीजिए और अपने लिए इस्तेमाल कीजिए.’
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ईरान अब कोई बड़ा खतरा नहीं, हमारे पास सारे पत्ते हैं: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब कोई बड़ा खतरा नहीं रह गया है और अमेरिका इस संघर्ष में पूरी तरह से बढ़त बनाए हुए है. ट्रंप ने कहा, ‘ईरान अब वास्तव में कोई खतरा नहीं है. हमारे पास सारे पत्ते हैं, उनके पास कुछ भी नहीं है.’ उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी सेना अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के बेहद करीब है. ट्रंप ने कहा, ‘हम बहुत जल्द, बहुत ही जल्द अमेरिका के सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने की राह पर हैं.’
आप अमेरिकी राष्ट्रपति के पूरे भाषण को नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके सुन सकते हैं.
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