राज्य प्रशासन व एसएससी को खंडपीठ में याचिका दायर करने की मिली अनुमति
संवाददाता, कोलकाता
कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य प्रशासन और पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) को स्कूली शिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू करने के सिलसिले में एक एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने की मंगलवार को अनुमति दे दी. एकल पीठ ने सोमवार को डब्ल्यूबीएसएससी को निर्देश दिया था कि वह 2016 की चयन प्रक्रिया के चिन्हित दागी उम्मीदवारों को इस साल की नयी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोके, जिसे डब्ल्यूबीएसएससी ने हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद अधिसूचित किया है.
न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य प्रशासन और डब्ल्यूबीएसएससी को एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति दे दी. राज्य प्रशासन और एसएससी के वकीलों ने खंडपीठ के समक्ष अपील दायर करने की अनुमति देने तथा मामले में जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया था.
उच्चतम न्यायालय ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के मद्देनजर राज्य प्रशासन द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति 17 अप्रैल को रद्द कर दी थी. न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की एकल पीठ द्वारा आदेश सुनाए जाने के बाद एसएससी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने 30 मई की अधिसूचना के आधार पर दागी उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोकने से संबंधित आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था. न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने उचित विचार के बाद अपील को अस्वीकार कर दिया था.
डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
The post एकल पीठ के फैसले को डिविजन बेंच में चुनौती appeared first on Naya Vichar.