वीरेंद्र कुमार, मुंगेरमुंगेर जिले में तीन विधानसभा सीट 164 तारापुर, 165 मुंगेर और 166 जमालपुर पर एनडीए ने बड़ा दांव लगाते हुए पूर्व मंत्री सहित दो सिटिंग विधायक की छुट्टी कर दी और नये चेहरे पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी दंगल में उतारा है. इस बदलाव ने स्थानीय सियासत में हलचल पैदा कर दी है. जाहिर है मुकाबले को रोमांचक बना दिया गया है. एनडीए ने बदलाव का जो बड़ा दांव यहां स्पोर्ट्सकर नई नेतृत्वक बिसात बिछायी है, उसमें भाजपा दो और जदयू एक सीट पर चुनाव मैदान में उतर रही है. बदलाव की यह रणनीति एनडीए को कितना फायदा पहुंचाती है या नुकसान यह तो मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी.
उपमुख्यमंत्री सम्राट के लिए जदयू ने छोड़ दी तारापुर की सीट
सीट शेयरिंग को लेकर इस बार एनडीए में खूब माथा पच्ची हुई, लेकिन जीत की पक्की गारंटी के कारण कई सिटिंग सीट पर भी गठबंधन दलों को समझौता करना पड़ा. यही कारण है कि जदयू लगातार चार बार से जीत रही तारापुर विधानसभा सीट का त्याग कर दिया. जबकि वर्तमान में राजीव कुमार सिंह वहां के विधायक हैं. अब यह सीट भाजपा के कोटे में चली गयी और भाजपा ने अपने नेता सह राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को यहां से एनडीए प्रत्याशी के तौर पर उतारा है. यह बात अलग है कि इस सीट पर सम्राट चौधरी के परिवार का तीन दशक तक कब्जा रहा. लेकिन सम्राट चौधरी यहां से पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं.
सिटिंग विधायक का टिकट काट नये चेहरे पर स्पोर्ट्सा दांव
भाजपा ने मुंगेर विधानसभा से अपने सिटिंग विधायक प्रणव कुमार यादव का टिकट काट दिया और नये चेहरे पर भरोसा जताते हुए कुमार प्रणय को चुनावी दंगल में उतारा है. हालांकि कुमार प्रणय भाजपा के पुराने वर्कर हैं और दो बार भाजपा मुंगेर के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं. वर्तमान समय में वे भाजपा के खगड़िया जिला प्रभारी हैं. हालांकि कुमार प्रणय तारापुर विधानसभा के हैं. लेकिन भाजपा ने उनको मुंगेर विधानसभा से चुनाव में अपना प्रत्याशी घोषित किया है. अब यह देखना अहम होगा कि वे जनता और संगठन दोनों का भरोसा किस स्तर पर जीत पाते हैं.
जदयू के लिए प्रतिष्ठा का सीट बना जमालपुर
जमालपुर विधानसभा सीट को हासिल करना जदयू के लिए करो या मरो वाली सीट हो गयी है. क्योंकि पिछले विधानसभा में पूर्व मंत्री शैलेश कुमार को यहां से हार का सामना करना था. लेकिन इस बार जीत की पक्की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए जदयू ने पूर्व मंत्री शैलेश कुमार का टिकट काट कर नये चेहरे पर भरोसा जताते हुए जदयू जिलाध्यक्ष नचिकेता मंडल को चुनावी मैदान में उतारा है. हालांकि नचिकेता का पॉलटिकल बैकग्राउंड काफी पुराना रहा है. उनके पिता ब्रह्मानंद मंडल तीन बार मुंगेर से सांसद रहे थे. यह सीट जदयू के लिए प्रतिष्ठा की सीट है. क्योंकि बिहार नेतृत्व के कद्दावर नेता सह केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के आशिर्वाद से नचिकेता को टिकट मिला है. हालांकि पूर्व मंत्री शैलेश कुमार भी जमालपुर विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर रहे हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जदयू के वोट बैंक का झुकाव किस ओर जाता है.
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