Hot News

एम्बुलेंस में डीजल नहीं, बरवाडीह में तड़पता रहा ब्रेन हेमरेज का मरीज

बेतला से संतोष कुमार की रिपोर्ट

Latehar News: झारखंड के लातेहार जिले के बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है. ब्रेन हेमरेज से पीड़ित 45 वर्षीय राजू राम (पिता स्व. छठु राम, निवासी पैरा) को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन एम्बुलेंस में डीजल नहीं होने के कारण मरीज को घंटों अस्पताल में ही तड़पता छोड़ दिया गया. इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई.

डीजल के पैसे नहीं देने पर एम्बुलेंस रोक दी गई

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने साफ शब्दों में कह दिया था कि जब तक एम्बुलेंस के लिए डीजल के पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक मरीज को रेफर नहीं किया जा सकता. एम्बुलेंस चालक और संबंधित कर्मियों ने 600 रुपये की मांग की. गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले परिजन इतनी राशि का इंतजाम नहीं कर सके, जिससे मरीज को समय पर उच्च चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई.

अमानवीय स्थिति देख भड़का परिजनों का गुस्सा

घंटों तक मरीज के तड़पने और इलाज में देरी से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई. स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए. लोगों का कहना था कि अगर प्रशासन मुफ्त एम्बुलेंस सेवा का दावा करती है, तो फिर गंभीर मरीजों से डीजल के पैसे क्यों मांगे जा रहे हैं.

जिला परिषद सदस्य ने दिखाई मानवता

मामले की जानकारी मिलने पर पश्चिमी जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर अस्पताल पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मानवीय पहल करते हुए अपनी जेब से 600 रुपये देकर एम्बुलेंस में डीजल भरवाया. इसके बाद ही प्रशासनी एम्बुलेंस मरीज को लेकर एमएमसीएच, मेदिनीनगर के लिए रवाना हो सकी. हालांकि, तब तक मरीज की हालत काफी नाजुक हो चुकी थी.

स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल

इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनी स्वास्थ्य व्यवस्था और मुफ्त एम्बुलेंस सेवा के दावों की पोल खोल दी है. सवाल यह है कि जब आपात स्थिति में मरीज को तुरंत रेफर करना जरूरी होता है, तब ऐसी लापरवाही क्यों होती है. क्या गरीब मरीजों की जान की कीमत 600 रुपये से भी कम है?

इसे भी पढ़ें: पंडित नेहरू के कोट पर सजता था जमशेदपुर का गुलाब, आज रोजडे

कार्रवाई और सुधार की मांग

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही एम्बुलेंस सेवा की नियमित मॉनिटरिंग, डीजल की समय पर उपलब्धता और आपात मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो ऐसे मामले दोबारा सामने आते रहेंगे.

इसे भी पढ़ें: झींकपानी में 150 स्त्रीएं मंईयां सम्मान योजना से वंचित, मंत्री का कार्यालय घेरा

The post एम्बुलेंस में डीजल नहीं, बरवाडीह में तड़पता रहा ब्रेन हेमरेज का मरीज appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top