उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरएबीयू की ओर से स्नातक व पीजी में एससी-एसटी छात्र सहित सभी वर्ग की छात्राओं की फीस प्रतिपूर्ति के लिए करीब 200 कराेड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है. सत्र 2020-21 से 2024-25 तक स्नातक व सत्र 2020-22 से 2023-25 तक पीजी में हुए एडमिशन के आधार पर प्रस्ताव बनाया गया है.
विवि ने पिछले साल जुलाई में ही 178.93 कराेड़ का डिमांड भेजा था, लेकिन विभाग ने इस पर काेई संज्ञान नहीं लेते हुए नाराजगी जतायी है. कहा गया है कि अब तक डिमांड अप्राप्त है. साथ ही जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. प्रशासन की ओर से पीजी तक एससी-एसटी छात्र व सभी वर्ग की छात्राओं काे निशुल्क शिक्षा देने की घाेषणा की गयी है. इसके लिये हाइकाेर्ट से भी आदेश जारी हुआ है. पूर्व के वर्षाें में भी विश्वविद्यालयाें से स्नातक व पीजी में एडमिशन लेने वाले संबंधित वर्ग के छात्र-छात्राओं का डाटा मांगा गया, लेकिन एक समान फीस स्ट्रक्चर नहीं हाेने के कारण काॅलेज स्तर पर ही इसे अनदेखा कर दिया गया. काॅलेज और विभाग फीस लेते रहे, लेकिन प्रशासन के आदेश के बावजूद कभी डिमांड नहीं भेजी गयी. उच्च शिक्षा निदेशालय के संज्ञान में जब अनियमित फीस स्ट्रक्चर का मामला आया ताे इसे एक समान करने का निर्देश जारी किया गया. सभी विश्वविद्यालयाें और काॅलेजाें काे राजभवन से नाेटिफाइड फीस ही वसूलने काे कहा गया. अब इसी के आधार पर फीस प्रतिपूर्ति के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन काे भेजा जा रहा है
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