बचाव एवं रोकथाम से संभव है फाइलेरिया उन्मूलन :डॉ. विपिन
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत केएसआर महाविद्यालय सरायरंजन में फाइलेरिया उन्मूलन एवं रोकथाम कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पिरामल संगठन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सौजन्य से आयोजित कार्यशाला में, वक्ताओं ने फाइलेरिया उन्मूलन के संबंध में आवश्यक सुझाव दिया। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ विपिन कुमार झा ने बताया कि एनाफिलीज मच्छर के काटने से फाइलेरिया की बीमारी होती है, जिसे फाइलेरिया की दवा खाने से ठीक किया जा सकता है। जबकि,मच्छर के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए स्वच्छता सावधानी एवं मच्छरदानी के उपयोग से पूरी तरह बचाव किया जा सकता है। पिरामल संगठन के फाइलेरिया उन्मूलन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि फाइलेरिया होने से पूर्व यदि बचाव के उपाय किए जाएं तो फाइलेरिया को रोका जा सकता है। साथ ही जानकारी देते हुए बताया कि समस्तीपुर मुख्यालय में फाइलेरिया जांच के बाद 40 प्रतिशत तक फाइलेरिया बीमारी होने वाले मरीजों को प्रशासन के द्वारा 1100 रुपए पेंशन दिया जाता है , उसका भी मरीज को लाभ दिलाने के लिए बुद्धिजीवियों और शिक्षा प्रेमियों का आह्वान किया। एलएनएमयू के सिनेटर डॉ.
विजय कुमार झा ने फाइलेरिया की दवा खाने के लिए छात्र-छात्राओं एवं आमजनों का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. विपिन कुमार झा ने 10 फरवरी से केएसआर महाविद्यालय सरायरंजन की ओर से फाइलेरिया उन्मूलन जागरूकता के लिए संपूर्ण क्षेत्र में साइकिल रैली निकालने की घोषणा की। कार्यशाला का संचालन एनएसएस के नोडल अधिकारी प्रोफेसर रमेश कुमार ने किया। टीआर डॉ. शर्देन्दु कुमार झा, प्रो.इंद्र मोहन चौधरी आदि ने कार्यशाला को संबोधित किया। मौके पर डॉ. के. के. ठाकुर, डॉ. प्रभात कुमार चौधरी, प्रो. सतीश कुमार झा,अमरकांत ईश्वर, मुकुंद कुमार सहित अधिकांश महाविद्यालयकर्मी मौजूद थे।

