हिंदुस्तान अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि देश के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरत को पूरा करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. पेट्रोलियम प्रोडक्ट की खरीद को लेकर हिंदुस्तान इसी नीति पर चलता है. गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “जहां तक हिंदुस्तान की ऊर्जा खरीद का सवाल है, प्रशासन ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब हिंदुस्तानीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.” उन्होंने कहा “बाजार की स्थितियों और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के हिसाब से अपनी ऊर्जा खरीद में बदलाव लाना, यह सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है. हिंदुस्तान के सभी कदम इसी बात को ध्यान में रखकर उठाए जाते हैं और भविष्य में भी इसका अनुसरण किया जाएगा.”
Delhi | Responding to ANI’s question about President Trump’s claim that India has agreed to stop buying Russian oil and shift to buying crude from the United States and possibly Venezuela, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “The government has stated publicly on several… pic.twitter.com/QSZdp9UeYL
— ANI (@ANI) February 5, 2026
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा “वेनेजुएला ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार और निवेश दोनों ही तरह से हमारा दीर्घकालिक साझेदार रहा है. हम 2019-20 तक वेनेजुएला से ऊर्जा और कच्चे तेल खरीदते थे. फिर इसे रोकना पड़ा. इसके बाद हमने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना फिर शुरू किया था, लेकिन प्रतिबंधों के फिर से लागू होने के बाद हमें इसे रोकना पड़ा. ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, हिंदुस्तान वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की आपूर्ति के व्यावसायिक लाभों का पता लगाने के लिए तत्पर है.”
Delhi | Responding to ANI’s question about President Trump’s claim that India has agreed to stop buying Russian oil and shift to buying crude from the United States and possibly Venezuela, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “As far as Venezuela is concerned, it has been a… pic.twitter.com/rjTlLZYYyU
— ANI (@ANI) February 5, 2026
टैरिफ कम करने के लिए पीएम मोदी ने ट्रंप को दिया धन्यवाद
रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत की है. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को टैरिफ कम करने के लिए धन्यवाद दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हिंदुस्तान में बने उत्पादों का निर्यात अमेरिका को 18% के कम शुल्क पर किया जाएगा. यह व्यापार समझौता अमेरिका को हमारे निर्यात को बड़ा बढ़ावा देगा. इससे हिंदुस्तान में श्रम प्रधान उद्योगों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, और हमारे लोगों के लिए विकास और समृद्धि आएगी. अमेरिकी पक्ष ने भी स्पष्ट किया है कि शुल्क की अंतिम राशि 18% है.”
Delhi | MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “Prime Minister had a telecon with President Trump. Post that call and post the tweet by President Trump, the Prime Minister thanked President Trump for the reduction in reciprocal tariffs. The Prime Minister noted that made-in-India… pic.twitter.com/Ft4luzFCGM
— ANI (@ANI) February 5, 2026
किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए हिंदुस्तान स्वतंत्र- रूस
इससे पहले बुधवार (4 फरवरी) को रूस की ओर से बयान आया था कि हिंदुस्तान किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक सवाल के जवाब में कहा “हम और अन्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि रूस, हिंदुस्तान को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला एकमात्र देश नहीं है. हिंदुस्तान हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए हमें इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता.” (इनपुट भाषा)
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