Hot News

क्या रूस का जासूस था जेफ्री एपस्टीन? पोलैंड के PM ने शुरू की जांच, सामने आए चौंकाने वाले कनेक्शन

Jeffrey Epstein: दुनिया को हिला देने वाले ‘एपस्टीन फाइल’ में अब एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने एक ऐसी जांच शुरू की है, जिसने पूरी दुनिया के नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं. टस्क का मानना है कि जेफ्री एपस्टीन का सेक्स स्कैंडल सिर्फ एक क्राइम नहीं था, बल्कि यह रूस की इंटेलिजेंस सर्विस द्वारा चलाया गया एक बड़ा ऑपरेशन हो सकता है.

रूस के इशारे पर बिछाया गया था ‘हनीट्रैप’?

पोलिश PM डोनाल्ड टस्क के मुताबिक, जैसे-जैसे ‘एपस्टीन फाइल्स’ से जानकारी बाहर आ रही है, वैसे-वैसे शक गहराता जा रहा है कि यह पूरा ‘सेक्स एम्पायर’ रूसी खुफिया एजेंसी (KGB/FSB) की मदद से खड़ा किया गया था. उनका कहना है कि इस पूरे कांड का असली मकसद दुनिया के ताकतवर नेताओं की ऐसी तस्वीरें और वीडियो बनाना था, जिनके जरिए रूस उन्हें ब्लैकमेल कर सके. इसे रूसी भाषा में ‘कोम्परोमैट’ कहा जाता है.

बड़े नामों के साथ एपस्टीन की दोस्ती के पीछे का सच

आर्टिकल में बताया गया है कि एपस्टीन दशकों तक दुनिया के सबसे रसूखदार लोगों के साथ उठते-बैठते थे. इनमें डोनाल्ड ट्रंप का नाम तो पहले से ही चर्चा में था, लेकिन नई फाइल्स में नोम चोमस्की, बिल गेट्स, इजरायल के पूर्व PM एहुद बराक और पूर्व ब्रिटिश डिप्लोमैट पीटर मैंडेलसन जैसे बड़े नामों का जिक्र भी आया है. टस्क का कहना है कि अगर रूस के पास इन नेताओं की कोई भी आपत्तिजनक फुटेज है, तो यह पोलैंड और पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है.

पुतिन और रूस का फाइल्स में 10,000 बार जिक्र

द डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया सूत्रों का दावा है कि एपस्टीन असल में एक रूसी एजेंट था. US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा जारी की गई फाइल्स में पुतिन का 1,056 बार जिक्र है, जबकि रूस और मॉस्को का नाम लगभग 10,000 बार आया है. रिपोर्ट्स तो यहां तक कहती हैं कि एपस्टीन और व्लादिमीर पुतिन के बीच कई मीटिंग्स भी हुई थीं.

ब्रिटिश और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा

ब्रिटिश खुफिया एजेंसी MI6 के पूर्व अधिकारी क्रिस्टोफर स्टील ने टाइम्स रेडियो को बताया कि यह काफी मुमकिन है कि एपस्टीन रूस के लिए काम कर रहा था. उनके अनुसार:

70 के दशक का कनेक्शन: एपस्टीन न्यूयॉर्क के ब्राइटन बीच पर रूसी माफिया के संपर्क में था और शायद तभी उसे भर्ती कर लिया गया था.

फंडिंग का राज: एपस्टीन के पास इतना पैसा कहां से आया, इसका जवाब भी रूस से जुड़ा हो सकता है. शक है कि रूसी कम्युनिस्ट पार्टी का पैसा विदेशों में निवेश करने के बदले एपस्टीन को भारी फंडिंग मिलती थी.

रॉबर्ट मैक्सवेल का रोल: एपस्टीन की पार्टनर घिसलेन मैक्सवेल के पिता, रॉबर्ट मैक्सवेल भी 1970 के दशक से रूस के खास व्यक्ति (Asset) रहे थे.

दुनिया का सबसे बड़ा हनीट्रैप!

खुफिया सूत्रों ने द मेल को बताया कि एपस्टीन का प्राइवेट आइलैंड आधुनिक तकनीक से लैस था, जहां प्रिंस एंड्रयू, बिल गेट्स, डोनाल्ड ट्रंप और बिल क्लिंटन जैसे दिग्गजों को ऐसी स्थितियों में फंसाया गया जिससे उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके. अमेरिकी अधिकारी सालों से इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन ब्रिटिश पक्ष शायद शाही परिवार के नाम आने के डर से इसमें ज्यादा आगे नहीं बढ़ रहा था. साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि रूस से लड़कियों को लाने में जो आसानी एपस्टीन को होती थी, उसके पीछे भी रूसी संगठित अपराध और इंटेलिजेंस का ही हाथ था.

ये भी पढ़ें: परमाणु हथियारों की पाबंदी खत्म: अमेरिका-रूस में छिड़ेगी नई जंग? जानिए क्या है न्यू स्टार्ट संधि

ये भी पढ़ें: ट्रंप की ईरान को सीधी धमकी: ओमान में कल होगी बड़ी बैठक, परमाणु प्लांट बनाया तो खैर नहीं!

ये भी पढ़ें: US में हिंदुस्तान से जुड़े ड्रग नेटवर्क पर एक्शन; 200 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, नकली दवाओं से हुई मौतें

The post क्या रूस का जासूस था जेफ्री एपस्टीन? पोलैंड के PM ने शुरू की जांच, सामने आए चौंकाने वाले कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top