Airport Charges Reduced: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है. इसका सीधा असर हवाई ईंधन (Jet Fuel) पर पड़ा है, जिसकी कीमत फरवरी के मुकाबले मार्च के अंत तक लगभग 100% बढ़ गई है. आम जनता पर महंगे टिकटों का बोझ न पड़े, इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है.
प्रशासन ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को निर्देश दिया है कि वह देश के नॉन-मेजर (छोटे और मझोले) एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में 25% की कटौती करे. यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अगले तीन महीनों तक जारी रहेगा.
क्यों बढ़ीं अचानक टिकटों की कीमतें?
ANI KI रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज (ईंधन शुल्क) बढ़ा दिया था. एयर इंडिया के अनुसार, जेट फ्यूल की कीमत जो फरवरी में करीब 99 डॉलर प्रति बैरल थी, वह 27 मार्च 2026 तक बढ़कर 195.19 डॉलर पहुंच गई. जब एयरलाइंस का खर्च बढ़ता है, तो वे इसका बोझ यात्रियों पर डालती हैं, जिससे टिकट महंगे हो जाते हैं. इसी को रोकने के लिए प्रशासन ने एयरपोर्ट चार्ज घटाने का फैसला लिया है.
क्या यात्रियों की जेब को मिलेगा फायदा?
एयरपोर्ट पर लगने वाले लैंडिंग और पार्किंग शुल्क ‘एरोनॉटिकल टैरिफ’ का हिस्सा होते हैं. इनमें 25% की कमी होने से एयरलाइंस के परिचालन खर्च (Operational Costs) में कमी आएगी. प्रशासन को उम्मीद है कि इस राहत के बाद कंपनियां टिकटों के दाम और ज्यादा नहीं बढ़ाएंगी, जिससे घरेलू यात्रियों को राहत मिलेगी.
अगले तीन महीने क्यों हैं खास?
प्रशासन का यह आदेश फिलहाल तीन महीने के लिए है. इस अवधि के खत्म होने से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी. अगर इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें कम नहीं हुईं, तो इस राहत को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल, यह कदम उन लोगों के लिए अच्छी समाचार है जो आने वाले समय में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं.
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