Hot News

क्या है अनिल अंबानी बैंक फ्रॉड मामला? सुप्रीम कोर्ट ने ED को SIT बनाने का दिया आदेश

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है और जांच को किसी भी हाल में उसके सही नतीजे तक पहुंचाया जाना चाहिए. सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि अनिल अंबानी बिना कोर्ट की इजाजत देश से बाहर नहीं जाएंगे. यह भरोसा तब दिया गया, जब कोर्ट में यह चिंता जताई गई कि जांच पूरी होने से पहले वह विदेश जा सकते हैं. कोर्ट ने इस भरोसे को अपने आदेश में दर्ज कर लिया. 

CBI को बैंक अधिकारियों की जांच का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने CBI को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ कंपनियों की ही नहीं, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि क्या बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से कर्ज पास किया गया था. अगर बैंक अफसरों ने नियम तोड़े हैं या साजिश में शामिल रहे हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.

हर महीने स्टेटस रिपोर्ट की मांग

कोर्ट ने यह भी माना कि ED और CBI दोनों की जांच काफी धीमी रही है इसलिए दोनों एजेंसियों को 4 हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है. साथ ही कोर्ट ने साफ कहा कि आगे हर महीने जांच की प्रोग्रेस रिपोर्ट दी जाए क्योंकि मामला करीब 1 लाख 78 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है. 

याचिकाकर्ता का बड़ा दावा

पीटीशनर EAS सरमा की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यह देश का अब तक का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट घोटाला है. उनके मुताबिक, CBI ने FIR 2025 में दर्ज की थी, लेकिन पहली गिरफ्तारी अब जाकर हुई, जो जांच की सुस्ती दिखाती है.

अनिल अंबानी पक्ष का बचाव

वहीं अनिल अंबानी के वकीलों ने आरोपों को गलत बताया. उनका कहना है कि कंपनियां दिवालिया जरूर हुई हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पैसा जानबूझकर हड़प लिया गया. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत हो तो एक प्रशासनी समिति बनाकर मामले को देखा जा सकता है.

प्रशासन का जवाब

प्रशासन की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने साफ कहा कि बैंकों की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में पैसों की हेराफेरी पाई गई है. इस पर कोर्ट ने भी कहा कि अगर प्रशासनी धन की लूट की मंशा साबित होती है, तो कानूनी कार्रवाई से बचा नहीं जा सकता. कोर्ट ने यह भी बताया कि प्रशासन इस मामले को दिवालियापन कानून (IBC) के तहत भी देख रही है. साथ ही कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि मामले में रेजोल्यूशन प्रोफेशनल की भूमिका भी ठीक नहीं रही है.

Also read: एसआईआर के खिलाफ याचिका पर होगी सुनवाई, ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट

कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इतना बड़ा मामला दबने नहीं दिया जाएगा. ED और CBI को अब तेज, निष्पक्ष और पूरी ईमानदारी से जांच करनी होगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके.

The post क्या है अनिल अंबानी बैंक फ्रॉड मामला? सुप्रीम कोर्ट ने ED को SIT बनाने का दिया आदेश appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top