दिल्ली पुलिस की टीम को तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साथ लेकर लौटने की अनुमति मिल गई. इन कार्यकर्ताओं को एआई समिट के दौरान किए गए विरोध प्रदर्शन के संबंध में गिरफ्तार किया गया था. दोनों राज्यों की पुलिस के बीच कानूनी प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र को लेकर बात नहीं बन रही थी. इसके बाद मामला सुलझा और टीम दिल्ली रवाना हो सकी. बुधवार को शिमला पुलिस के साथ लंबी बहस और हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस की टीम गुरुवार सुबह रवाना हो गई.
दिल्ली पुलिस शिमला के शोगी बैरियर से रवाना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिमला पुलिस ने जब्त की गई सभी गाड़ियों को छोड़ दिया. इसके बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों और जब्त सामान के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो सकी. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिल्ली पुलिस ने बताया कि पुलिस शिमला के शोगी बैरियर से रवाना हो चुकी है. दिल्ली पुलिस ने जब्ती मेमो शिमला पुलिस को सौंप दिया है. अब दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी.
#WATCH | Shimla, HP | Delhi Police ACP Rahul Vikram says, “You can’t do it (seize the vehicle). When we have seized the DVR, and we have supplied the documents for it, then how can they search our vehicle for it on suspicion that the DVR has been stolen?” https://t.co/aeW86vLR2H pic.twitter.com/kwFSud54ul
— ANI (@ANI) February 26, 2026
क्यों बहस हुई दोनों प्रदेशों की पुलिस के बीच
अधिकारी ने आगे बताया कि तीनों आरोपी (उत्तर प्रदेश के सौरभ सिंह और अरबा खान और मध्य प्रदेश के सिद्धार्थ अवधूत) को दिल्ली पुलिस ने शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र से गिरफ्तार किया था. उन्होंने आगे कहा कि मौके पर बहस हुई और यह सवाल उठाया गया कि शिमला पुलिस किस कानून के तहत हमारी गाड़ियों को जब्त करने की कोशिश कर रही थी. हमें काफी देर तक रोके रखा गया.
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मेमो सौंप दिया गया शिमला पुलिस को
दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने एएनआई से बातचीत में कहा कि हमने उन्हें जब्ती मेमो सौंप दिया है. यह हमारी प्रशासनी गाड़ी है, जिसमें जब्त की गई चीजें रखी गई थी. इसलिए गाड़ी को जब्त नहीं किया जा सकता था.
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