Middle East War: मिडिल ईस्ट की जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. ईरान के लगातार हमलों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर देने से हालात और विस्फोटक हो गए हैं. अमेरिका का सब्र भी टूटता दिखाई दे रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान को अल्टीमेटम दिया है. जाहिर है क्षेत्र में बढ़ते हमले, जवाबी कार्रवाई और सैन्य जमावड़े ने बड़े युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है. अगर हालात अब भी नहीं संभले तो इसका असर तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और दुनिया की वित्तीय स्थिति पर और भी गंभीर रूप से पड़ सकता है.
ईरान को ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तेहरान 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों (Power Plants) को तबाह कर देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास से सोशल मीडिया पर यह सख्त संदेश जारी किया है. इस बयान ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को और भड़का दिया है. अभी जो हालात बन रहे हैं उससे साफ दिख रहा है कि युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में बेहद खतरनाक और निर्णायक चरण में चला गया है.
इजराइल के परमाणु अनुसंधान केंद्र पर ईरान का हमला
इससे पहले ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजराइल के दो इलाके डिमोना और अराद पर मिसाइल हमले किए. ये हमले इजराइल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए. हमले के कारण इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और कई लोग घायल हो गए. इसे साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा. ईरान ने इजराइल पर ये हमले ऐसे समय में किए हैं जब उसके एक दिन पहले तेहरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज पर हमला हुआ था.
हमले में इजराइल को हुआ भारी नुकसान
इजराइल के बचावकर्मियों ने बताया कि अराद में सीधे हमले से कम से कम 10 अपार्टमेंट और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है. जिनमें से तीन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिरने की हालत में आ गए हैं. कम से कम 64 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है. डिमोना, परमाणु अनुसंधान केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में है, जबकि अराद उससे करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.
ईरान ने डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को भी बनाया निशाना
शनिवार को ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन और अमेरिका के संयुक्त डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया था. सबसे खास बात है कि डिएगो गार्सिया ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है. इससे संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित दूरी से अधिक मार करने वाली मिसाइलें हैं या उसने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का इस्तेमाल किया है.
युद्ध में ईरान का बुरा हाल
अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ईरान की भी बुनियाद हिला दी है. ईरान में युद्ध के दौरान 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी गई है. ईरान के लोगों ने बताया कि रमजान खत्म होने के दौरान ईरान की राजधानी में भारी हवाई हमले किए गए. वहीं युद्ध का असर मिडिल ईस्ट से बाहर भी दिख रहा है. इस युद्ध के कारण खाद्य पदार्थों एवं ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. हालांकि यह पूरी तरह नहीं पता चला है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान को कितना नुकसान हुआ है. (इनपुट भाषा)
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