Hot News

गोविंदगंज विधानसभा सीट पर दल नहीं शख्सियत का रहा है महत्व, सियासी जंग हर बार होती है दिलचस्प

Govindganj Vidhan Sabha Chunav 2025: मोतिहारी. गंडक और नारायणी की गोद में बसी पूर्वी चंपारण की गोविंदगंज विधानसभा सीट. यहां दल नहीं, शख्सियत मायने रखती है. नदी के छाडऩ पाकर यहां के खेत ही नहीं, नेतृत्वक जमीन भी उर्वर बनती रही है. देश में गणतांत्रिक व्यवस्था लागू होने के साथ ही गोविंदगंज क्षेत्र अस्तित्व में आया. इसे मोतिहारी का पहला सांसद देने का भी गौरव हासिल है. यहीं के मंगुराहा निवासी पं विभूति मिश्रा 1952 में सांसद और कांग्रेस के ही शिवधारी पांडेय विधायक हुए. तब से दो मौकों (1969 और 1985) को छोड़ दें, तो दल कोई हो विधायक सिर्फ ब्राह्मण ही हुए. गैर ब्राह्मण विधायक बनने का श्रेय राय हरिशंकर शर्मा और योगेंद्र पांडेय के नाम रहा. ये उस दौर में भी हावी रहे, जब दलों और विचारों के आगे शख्सियतों की आवाज दब जाया करती थी।

व्यक्तित्व के आगे फीका पड़ गया था कांग्रेस का प्रभाव

यहां जातिगत चेहरे की खूब पहचान रही. तभी तो बार-बार लड़ने के बावजूद कांग्रेस नेता जयप्रकाश पांडेय विधायकी का ख्वाब देखते रह गए. वर्ष 1985 में भी विधायक रमाशंकर पांडेय को किसान नेता योगेंद्र पांडेय ने बिना किसी बैनर निर्दलीय हरा दिया. माना जाता है कि यहीं से चेहरे और शख्सियतों की नेतृत्व शुरू हुई थी. योगेंद्र पांडेय के नेतृत्वक कद को देख लालू प्रसाद ने उन्हें अपने पाले में ले लिया. मंत्रिमंडल में जगह दे लघु सिंचाई मंत्री भी बना दिया. ऐसे में इसबार होने जा रहे विधानसभा चुनाव में क्या गोविंदगंज की सियासी जमीन पर अगले चुनाव में कोई नया मोड़ आएगा. क्या भाजपा अपनी स्थिति को बनाए रखेगी या फिर कांग्रेस कोई नया चेहरा पेश करेंगे? समय बताएगा. लेकिन एक बात तो तय है, गोविंदगंज की सियासी जंग हर बार दिलचस्प होती है, और यह सीट बिहार की नेतृत्व में अहम बनी हुई है.

भाजपा का अभी है सीट पर कब्जा

2020 में हुए विधानसभा चुनाव में गोविंदगंज सीट पर भाजपा के उम्मीदवार सुनील मणि तिवारी ने 65716 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी ब्रजेश कुमार को हराया, जिनके हिस्से 37936 वोट आया था. पिछले तीन विधानसभा चुनावों की बात करें तो, गोविंदगंज की नेतृत्व ने बहुत से उतार-चढ़ाव देखे हैं. 2020 में गोविंदगंज विधानसभा में सुनील मणि तिवारी भाजपा ने अपनी कड़ी मेहनत और मजबूत प्रचार से चुनावी मैदान में जीत हासिल की. यह चुनावी जीत भाजपा के लिए एक बड़ी राहत थी, क्योंकि इससे पहले इस सीट पर उनकी स्थिति उतनी मजबूत नहीं थी.

Also Read: छठ के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव के आसार, 22 साल बाद आयोग जांच रहा वोटर लिस्ट

The post गोविंदगंज विधानसभा सीट पर दल नहीं शख्सियत का रहा है महत्व, सियासी जंग हर बार होती है दिलचस्प appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top