Corruption Inquiry: चेन्नई के कस्टम अफसरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आयात कंपनी विनट्रैक इंक ने दावा किया है कि चेन्नई के कस्टम अफसरों ने उत्पीड़न और रिश्वत की मांग की, जिसके चलते कंपनी को अपना कारोबार बंद करना पड़ा. कंपनी ने इस मामले को सार्वजनिक करते हुए 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था.
कंपनी संस्थापक का खुलासा
विनट्रैक इंक के संस्थापक प्रवीण गणेशन ने भी ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी किया. इसमें उन्होंने जनवरी 2025 से अब तक की घटनाओं का जिक्र किया और आरोप लगाया कि उनके आयातित माल को चेन्नई सीमा शुल्क अधिकारियों ने रोक लिया था. गणेशन ने कहा कि अधिकारियों द्वारा मांगी गई रिश्वत देने के बाद ही उनका माल छोड़ा गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा और अंततः कारोबार बंद करना पड़ा.
From October 1, 2025, our company will cease import/export activities in India.
For the past 45 days, Chennai Customs officials have relentlessly harassed us.
After exposing their bribery practices twice this year, they retaliated, effectively crippling our operations and… pic.twitter.com/PmGib8srmM
— WINTRACK INC (@wintrackinc) October 1, 2025
वित्त मंत्रालय की कार्रवाई
वित्त मंत्रालय ने विनट्रैक इंक द्वारा लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कदम उठाया है. मंत्रालय ने कहा कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्य-आधारित जांच कराने के लिए राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया गया है. मंत्रालय ने साफ किया कि सभी पक्षों से बयान लिया जाएगा और दस्तावेजों सहित साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जाएगी.
वित्त मंत्रालय का आधिकारिक बयान
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मामले की विस्तृत तथ्यपरक जांच करने, संबंधित पक्षों एवं अधिकारियों का पक्ष जानने और सभी प्रासंगिक दस्तावेजों की समीक्षा के लिए राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है. प्रशासन इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और कानून के अनुरूप उचित तथा शीघ्र कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
The Government has taken cognizance of the matter raised by M/s Wintrack Inc (Chennai). (@wintrackinc).
The Department of Revenue (DoR) @FinMinIndia has been asked to undertake a fair, transparent, and fact-based inquiry into the present issue.
A Senior Officer from DoR has…
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) October 2, 2025
प्रशासन के सुधार प्रयास
मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि हाल के वर्षों में प्रशासन ने सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें करदाता चार्टर का अपनाना, फेसलेस कस्टम्स प्रणाली (जहां करदाता और अधिकारी आमने-सामने नहीं आते) और विवाद समाधान के लिए अपीलीय निकायों की स्थापना जैसे कदम शामिल हैं.
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सीबीआईसी की प्रतिक्रिया
इस मामले में सीमा शुल्क विभाग की नियामक संस्था केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने भी प्रतिक्रिया दी है. सीबीआईसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह मामला आयातक द्वारा गलत घोषणा और गलत वर्गीकरण से जुड़ा है. संस्था ने यह भी कहा कि सभी तथ्यों की विधिवत जांच की जाएगी और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित होगी.
Regarding the allegations of corruption against Chennai Customs raised by @PrawinGaneshan on Twitter, it is clarified that the issue pertains to misdeclaration and misclassification by the importer. Chennai Customs has already responded on this aspect.
Subsequently, the importer…
— CBIC (@cbic_india) October 1, 2025
भाषा इनपुट के साथ
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