सीतामढ़ी. जनगणना-2027 के तहत राज्य प्रशासन के स्तर से भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पूरे देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होनी है. जो दो चरणों में होगी. पहले चरण में अप्रैल से सितंबर- 26 तक घरों की सूची बनाकर आवासों की गणना होगी, तो फरवरी- 2027 में जनगणना होगी. दूसरे चरण में ही जातियों का इलेक्ट्रॉनिक डाटा भी शामिल किया जाएगा. गणनाकार आम तौर पर प्रशासनी शिक्षक होते हैं. इन्हें राज्य प्रशासन नियुक्त करती है.
— प्रधान सचिव ने दी जनगणना की जानकारी
राजस्व व भूमि विभाग से जुड़े जनगणना कोषांग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने डीएम, एसडीओ समेत अन्य अधिकारियों को भेजे पत्र में जनगणना के संबंध में जानकारी दी है. प्रमंडल, जिला, अनुमंडल व प्रखंड स्तर पर जनगणना अधिकारी की नियुक्ति की गई है.
डीएम को बतौर प्रधान जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि एडीएम को जिला जनगणना अधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी/जिला सांख्यिकी पदाधिकारी/डीईओ या कोई अन्य जिला स्तर के पदाधिकारी को अपर जिला जनगणना अधिकारी, एसडीओ/एसडीसी को अनुमंडल जनगणना अधिकारी, बीडीओ/सीओ को प्रखंड चार्ज जनगणना अधिकारी व प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी को अपर चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है. इसी तरह नगर निकाय में जनगणना अधिकारी नियुक्त किए गए है.
— जनगणना कार्य से मना करने पर कार्रवाई
प्रधान सचिव ने कहा है कि उक्त संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार होगा. यह भी कहा गया है कि जनगणना अधिनियम- 1948 के अनुच्छेद-11 के तहत कोई भी जनगणना अधिकारी व व्यक्ति कानूनी रूप से इस कार्य को करने व सहयोग करने के लिए बाध्य है. यदि कोई भी व्यक्ति जिसे जनगणना का कार्य आवंटित किया गया है, उसे करने से मना करता है या किसी भी प्रकार की बाधा या रूकावट उत्पन्न करता है, तो वह एक हजार रुपये तक का आर्थिक दंड व तीन वर्ष तक के कारावास का भागी होगा.
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