Jharkhand Municipal Election, रांची : झारखंड में होनेवाले नगर निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले सामने आने लगे हैं. नगर निकायों में मतदाता सूची को लेकर आम मतदाता परेशान हैं. कहीं एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं, तो कहीं पति और पत्नी का नाम अलग-अलग बूथ में पाया गया है. कई लोगों के वार्ड बदल गये हैं. बड़ी संख्या में लोगों के नाम अन्य वार्डों में शिफ्ट कर दिये गये हैं. वर्षों से मतदान करते आ रहे मतदाताओं के नाम भी सूची में नहीं मिल रहे हैं. इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
अपना नाम नहीं खोज पा रहे हैं मतदाता
मतदाता सूची में अपना नाम खोजने में भी लोगों को परेशानी हो रही है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को ऑनलाइन नहीं किया है. इसकी वजह से लोग ऑनलाइन माध्यम से अपना नाम नहीं देख पा रहे हैं. बीएलओ के पास से भी मतदाता सूची उपलब्ध नहीं हो रही है. गड़बड़ी को लेकर कई इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो मतदान के दिन बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने से वंचित रह सकते हैं.
अब मतदाता सूची में संशोधन संभव नहीं
नगर निकाय चुनाव के लिए अलग से नयी मतदाता सूची तैयार नहीं की गयी है. गत विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के आधार पर ही नगर निकाय चुनाव कराये जा रहे हैं. चुनाव आयोग से प्राप्त सूची को राज्य निर्वाचन आयोग जिलों के माध्यम से विखंडित कराता है, लेकिन संशोधन या सुधार करने की शक्ति राज्य निर्वाचन आयोग के पास नहीं है. इसी कारण नगर निकाय चुनाव में सामने आ रही त्रुटियों को दुरुस्त नहीं किया जा सकता है.
Also Read: जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पर जहाज नहीं, घूमता है सियार! 26 फरवरी को आएंगी राष्ट्रपति
पार्षद प्रत्याशी भी परेशान
मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण पार्षद प्रत्याशी भी परेशान हैं. सूची हासिल करने में उन्हें मशक्कत करनी पड़ रही है. उसके बाद त्रुटियां उनके लिए परेशानी का सबब बन गयी हैं. उदाहरण के लिए रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 19 की सूची में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों का नाम है, जो वार्ड संख्या 18 में रहते हैं. उन्होंने पिछली बार वार्ड 18 से ही अपना पार्षद चुना था, लेकिन इस बार उनका नाम वार्ड 19 की सूची में है. त्रुटियों का निवारण संभव नहीं होने के कारण पार्षद प्रत्याशी दूसरे वार्डों में जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं.
केस स्टडी
हम लोग लोअर वर्द्धमान कंपाउंड में मुर्गी फार्म के समीप रहते हैं. वर्तमान में हमारा पूरा क्षेत्र वार्ड नं 10 में आता है. लेकिन वोटर लिस्ट में इस बार हमारा नाम वार्ड 18 में दर्ज है.
विजय चौधरी
हमारा घर वर्द्धमान कंपाउंड के होली क्रॉस स्कूल के समीप है. यह पूरा इलाका वार्ड 10 में पड़ता है. लेकिन इस बार हमलोगों को वार्ड 18 का वोटर बना दिया गया है.
विरेन चक्रवर्ती
ऐसी-ऐसी बानगी भी है गड़बड़ी की
- संत अन्ना स्कूल के वोटर जो अब तक वार्ड 17 के वोटर थे, वे अब वार्ड 18 के वोटर हो गये हैं.
- जयपाल सिंह स्टेडियम के समीप स्थित नउवा टोली के लोग जो वार्ड 18 के वोटर थे, अधिकतर अब वार्ड 20 के वोटर हो गये हैं.
Also Read: टाटा स्टील जू में खत्म होगी बेजुबानों की तन्हाई, अब हिप्पो और उल्लू को भी मिलेगा जीवनसाथी
पार्षद प्रत्याशी की बात
इस बार वर्द्धमान कंपाउंड, कोकर, पुरुलिया रोड सहित कई अन्य वार्डों के लोगों को वार्ड 18 का मतदाता बना दिया गया है, जबकि इन इलाकों का वार्ड 18 से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है. ऐसी स्थिति में जब इन्हें कोई काम पड़ेगा, तो वे अपने निवास क्षेत्र के वार्ड पार्षद के पास जायेंगे या उस पार्षद के पास, जिसे उन्होंने वोट दिया है. यही बड़ा सवाल है. प्रशासन को इन व्यावहारिक पहलुओं को गंभीरता से देखना चाहिए था.
रवि मुंडा, पार्षद प्रत्याशी, वार्ड 18
The post झारखंड निकाय चुनाव : मतदाता सूची बनी ‘मिस्टर इंडिया’, नाम ढूंढते ढूंढते पथरा गयी आंखें appeared first on Naya Vichar.