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डीएम की मीटिंग में नहीं आये शिक्षा विभाग के सात अफसर, एमजेसी से लेकर एमडीएम तक सख्त कार्रवाई के निर्देश

बेतिया. जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को शिक्षा विभाग की गहन समीक्षा बैठक हुई. बैठक में शिक्षा व्यवस्था की प्रगति, लंबित मामलों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया. बैठक से अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बेतिया, बगहा-01, बैरिया, योगापट्टी, नरकटियागंज, लौरिया, गौनाहा, रामनगर, ठकराहां एवं भितहां से कारण पृच्छा करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया. उन्होंने कहा कि बिना सूचना बैठक से अनुपस्थित रहना अनुशासनहीनता है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मध्याह्न भोजन योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, वास्तविक लाभुक संख्या तथा सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने एवं नियमित प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया. बच्चों के आपार कार्ड निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मझौलिया एवं लौरिया से स्पष्टीकरण पूछने का आदेश दिया गया तथा शत-प्रतिशत बच्चों का आपार कार्ड शीघ्र बनवाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पिपरासी में भवनों के बीच गेट लगाने में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने पर जिला पदाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने इस संबंध में फोटोग्राफ सहित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया तथा जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से पूर्ण रूप से सुसज्जित करने का आदेश दिया. समावेशी शिक्षा के तहत चिन्हित दिव्यांग छात्र-छात्राओं को यू.डी.आई.डी. कार्ड उपलब्ध कराने हेतु सिविल सर्जन से समन्वय स्थापित कर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही जिले में संचालित सभी साक्षरता केंद्रों का नियमित अनुश्रवण करते हुए अधिक से अधिक वयस्क स्त्रीओं को शिक्षित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया. बीएसईआईडीसी बीईपीसी के माध्यम से विद्यालयों में संचालित सभी असैनिक कार्य योजनाओं को विभागीय मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा तैयार भवनों को तत्काल पठन-पाठन हेतु हैंडओवर करने का निर्देश भी दिया गया. बैठक में उपस्थित सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा पदाधिकारियों, बिहार शिक्षा परियोजना के संभाग प्रभारियों तथा पीएम पोषण योजना से जुड़े कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी विद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा सभी पात्र छात्रों को मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल सहित प्रशासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले. ———————- तीन दिनों के अंदर डीपीओ स्थापना दाखिल करें जवाब शिक्षा विभाग के अंतर्गत लंबित एमजेसी मामलों को लेकर भी डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए डीपीओ स्थापना को दो से तीन दिनों के भीतर प्रति शपथ पत्र दाखिल कराने का आदेश दिया. साथ ही लोक शिकायत, सेवा शिकायत, जिला स्तरीय जनता दरबार एवं सीएम डैशबोर्ड पर लंबित सभी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया. मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा आधारित नियुक्ति के मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने लंबित पात्र अभ्यर्थियों की विद्यालय लिपिक/परिचारी के पद पर शीघ्र नियुक्ति के लिए बैठक का समय निर्धारित कराने का निर्देश दिया. वहीं निलंबन अथवा विभागीय कार्रवाई के अधीन शिक्षकों के मामलों में आरोप पत्र की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया. —————- कोट… शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. तरनजोत सिंह, डीएम पश्चिम चंपारण

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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