चकाई. प्रखंड क्षेत्र की सात पंचायतों में किसानों के डिजिटल पंजीकरण को लेकर सोमवार को आयोजित शिविर तकनीकी खामी की भेंट चढ़ गयी. सर्वर डाउन व स्लो रहने के कारण सभी किसानों का ही पंजीकरण हो सका, जबकि बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही शिविरों में डटे थे और बिना पंजीकरण कराये वापस लौट गये. दरअसल, हिंदुस्तान प्रशासन की एग्री परियोजना के तहत किसानों को डिजिटल पहचान देने के उद्देश्य से दो चरणों में डिजिटल पंजीकरण की प्रक्रिया होना है. पहले दिन सोमवार को फरियाटाड़ीह, रामसिंहडीह, कियाजोरी, बामदह, माधोपुर, परांची और चकाई पंचायत को लेकर शिविर आयोजित किये गये थे. इसे लेकर राजस्व कर्मचारी, किसान सलाहकार और समन्वयकों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. सीओ राजकिशोर शाह स्वयं शिविर का निरीक्षण भी कर रहे थे. सुबह के समय तीन-चार किसानों का ही पंजीकरण हो सका था. इसके बाद अचानक सर्वर स्लो हो गया और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गयी. इससे शिविरों में पहुंचे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. पंजीकरण के लिए पहुंचे किसान नकुल यादव, बनवारी यादव, सुशील यादव, खेमन राम, अमरनाथ तिवारी, पप्पू शाह, राम पांडेय, बहादुर शाह, पप्पू वर्मा, कुंदन पांडेय, महिमा देवी, सकुनतला देवी समेत अन्य किसानों ने बताया कि सुबह से ही शिविर में उपस्थित हैं, लेकिन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है. किसान दिनभर इंतजार के बाद शाम को निराश होकर लौट गये. किसानों ने प्रशासन से पुनः तिथि निर्धारित कर शिविर आयोजित करने की मांग की है, ताकि सभी किसानों का डिजिटल पंजीकरण सुनिश्चित हो सके. इस बाबत पूछे जाने पर सीओ राजकिशोर साह ने बताया कि सुबह में कुछ किसानों का पंजीकरण हुआ था. उसके बाद अचानक सर्वर में गड़बड़ी आ जाने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया. इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को दी गयी है. वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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