पटना: वाहन चालकों को अपनी ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा. मोबाइल नंबर अपडेट होने के बाद ही वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाना संभव हो पाएगा. परिवहन विभाग ने प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने के नियमों में बदलाव किया है.
त्रुटि में भी सुधार जरूरी
नए नियम के तहत मोबाइल नंबर अपडेट किए बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा. परिवहन विभाग ने उन सभी वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र पर रोक लगा दी, जिनके मालिक और चालक ने रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए हैं. साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र पर नाम आदि में त्रुटि होने पर भी प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा. त्रुटि सुधार करने के बाद ही प्रमाण पत्र बनेगा.
प्रभारी डीटीओ रवि रंजन के अनुसार मोबाइल नंबर अपडेट होने पर ही प्रदूषण प्रमाणपत्र बनने का निर्देश आया है. जल्द ही इसपर काम शुरू होगा. उन वाहन चालकों का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनेगा, जिन्होंने मोबाइल अपडेट नहीं किया किया है.
पांच हजार तक का कट सकता है चालान
बता दें कि वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होगा तो उनके ऊपर अब दो तरह से कार्रवाई होगी. पहला प्रदूषण प्रमाणपत्र का चालान देना होगा. वहीं, मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने पर पांच हजार तक का चालान कट सकता है. विभाग ने वाहन चालक की सुविधा के लिए ऑनलाइन ही मोबाइल नंबर अपडेट करने की जानकारी दी है. वाहन रजिस्ट्रेशन में मोबाइल नंबर अपडेट के लिए वाहन परिवहन पर और ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर अपडेट के लिए सारथी परिवहन पोर्टल पर जाकर करनी होगी.
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क्यों बदला नियम?
बता दें कि वाहन चालकों का चालान तो कटता है, लेकिन वे जमा नहीं करते हैं, क्योंकि वाहन चालकों ने जो मोबाइल नंबर दिया है. वे उनके ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन नंबर से अलग हैं. ऐसे में चालान की जानकारी उन्हें नहीं मिल रही है. इससे परिवहन विभाग की ओर से भेजे गए मैसेज वाहन चालक को नहीं मिल रहे हैं. इसके देखते हुए ही नियम में बदलाव किया गया है.
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