Jharkhand High Court News, रामगढ़ : झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर और भैरवी नदी तट पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पूर्व में दिये गये आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी जताई.
ढाई साल बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ सुधार
झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि 11 अगस्त 2023 को दिये गये निर्देशों के बावजूद करीब ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. इसे गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पर्यटन विभाग के सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को सुबह 11:30 बजे होगी.
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झारखंड हाईकोर्ट ने पहले क्या निर्देश दिया था
पूर्व में दायर जनहित याचिका में झारखंड हाईकोर्ट ने भैरवी नदी के दोनों किनारों पर स्नान घाट, शौचालय, चेंजिंग रूम और बाथरूम जैसी सुविधाएं विकसित करने का आदेश दिया था. साथ ही घाटों तक जाने वाले रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया था.
अदालत ने श्रद्धालुओं के लिए इन सुविधाओं को बहान करने का दिया निर्देश
अदालत ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रतीक्षालय, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और त्योहारों के दौरान मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये थे. इसके अलावा नदी तट चौड़ा करने और अतिक्रमण हटाने की बात कही गयी थी. याचिकाकर्ता संजीव कुमार सिंह ने अवमानना याचिका दायर कर इन आदेशों के अनुपालन की मांग की है.
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