श्रीनगर के पहलगाम में हुए हिंदुओं पर हमला एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ है.धर्म पूछकर लोगों को मारा जाना, यह बर्बरता की निशानी है.आतंकियों की तरफ से यह सीधी युद्ध करने की चेतावनी है. प्रशासन को इसकी निंदा नहीं, बल्कि उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए.सिंधु जल संधि को खत्म करके बार बार जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता. सबसे पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले के आरोपियों की पहचान कर उसके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करें. इसके बाद सीमापार बैठे उनके आकाओं को सबक सिखाने के लिए प्रशासन युद्ध की पूरी तैयारी करे. देश की सारी जनता प्रशासन के साथ है.
शुक्रवार को ग्वालियर से होते हुए पहले आगरा आए.उन्होंने दयालबाग पर पत्रकारों से बात की. इससे पहले उन्होंने निर्माणाधीन आश्रम का अवलोकन किया. उन्होंने पहलगाम की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दंडात्मक करवाई के नाम पर बार-बार पानी रोके जाने की हमारी प्रशासन की ओर से बात की जाती है.क्या सचमुच यह संभव है? पानी बंद करा देने की धमकी देने से यह आतंकी कार्रवाई कभी बंद नहीं होगी. अच्छा हो कि अब बिना कुछ किए उनके विरुद्ध सीधी कार्रवाई की जाए. और उन्होंने गोमाता के संरक्षण पर बात करते हुए कहा कि हम गोमाता की रक्षा के लिए लगातार मुहिम चला रहे है.गोमाता के संरक्षण के लिए 33 करोड़ मतदाता तैयार करना हमारा प्रथम लक्ष्य है. हर विधानसभा क्षेत्र में एक गो सांसद नियुक्त किया जाना है. फिर मतदाता इन गो सांसदों को चुनकर संसद में भेजने का कार्य करेंगे. तभी गोसेवा का सच्चे मायने में हम संरक्षण कर पाएंगे. अंत में उन्होंने सभी भक्तगणों को आशीर्वाद देते हुए देसी गाय, जिसे रामा गाय का नाम दिया है, के संरक्षण का आह्वान किया. उसके बाद दोपहर को सड़क मार्ग से होते हुए हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गए, जहां वे अब बद्रीनाथ और केदारनाथ के पट खुलवाएंगे.
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