आसनसोल.
आसनसोल जिला अस्पताल और इएसआइ अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है और वेरिफिकेशन के बाद इन्हें पुलिस की ओर से प्रशिक्षण देने के बाद ही ड्यूटी पर लगाया जायेगा. अस्पतालों में सुरक्षा व बचाव के मुद्दे पर आसनसोल सदर के महकमा शासक (एसडीओ) विश्वजीत भट्टाचार्य ने अपने कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस विषय की जानकारी देते हुए अन्य अनेकों मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की. बैठक में श्री भट्टाचार्य के अलावा दोनों अस्पतालों के अधीक्षक, उपअधीक्षक, सहायक पुलिस आयुक्त (सेंट्रल-1), आसनसोल साउथ और आसनसोल नॉर्थ थाना के प्रभारी व अन्य अधिकारी मौजूद थे.एसडीओ श्री भट्टाचार्य ने बताया कि राज्य प्रशासन की ओर से अस्पतालों की बचाव व सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी किया गया है. जिसे लेकर जिला और महकमा स्तर पर बैठक कर समीक्षा की जा रही है. जिसके तहत यह बैठक हुई. जिसमें बताया गया कि अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है, उसके बाद उन्हें पुलिस की ओर से प्रशिक्षण देने के उपरांत ही काम पर रखा जाए. पुलिस की टीम नियमित अस्पतालों में पेट्रोलिंग करेगी, खासकर रात के समय. कुछ लोगों की नियुक्ति सीसीटीवी की निगरानी के लिए करनी होगी, जो हर समय कंट्रोलरूम में मॉनिटर पर निगरानी रखें और कुछ आपत्तिजनक दिखने पर तुरंत सूचित करें, इससे कोई बड़ा हादसा होने से पहले ही उसे रोका जा सकेगा. सीसीटीवी भी बढ़ानी होगी. दोनों अस्पतालों में अतिरिक्त लाइट की व्यवस्था करनी होगी ताकि हर कुछ सही तरीके से निगरानी में रहे. मेन गेट पर चेकिंग करनी होगी ताकि बिना वहज कोई वाहन प्रवेश न करे. श्री भट्टाचार्य ने बताया कि आसनसोल सदर महकमा अंतर्गत पांच रूरल अस्पताल और सारे बीपीएचसी में भी सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य शुरू हुआ है. जल्द ही सारे अस्पताल सीसीटीवी के निगरानी में होंगे और सुरक्षा भी मजबूत की जायेगी.
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