DMFT Fund Misuse, रांची: डीएमएफटी की राशि से गांव को नजरअंदाज कर डीसी के बंगले सजाये गये हैं. यह कार्य नियमों को ताक पर रख कर किया गया है. पिछले 29 जनवरी को इससे संबंधित समाचार नया विचार में छपी थी, जिस पर केंद्र प्रशासन ने संज्ञान लिया है. केंद्र ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है. इस मामले में खान मंत्रालय के अवर सचिव संजय कुमार ने खान सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि 29 जनवरी 2026 को नया विचार में छपी यह समाचार एक गंभीर मामला है. डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड ट्रस्ट) फंड का दुरुपयोग किया गया है. राज्य प्रशासन पूरे मामले की जांच कराकर तथ्यों के साथ एक रिपोर्ट केंद्र प्रशासन जल्द से जल्द भेजे.
नया विचार में 29 जनवरी को छपी थी समाचार
ज्ञात हो कि 29 जनवरी को नया विचार में न्यूज छपी थी कि झारखंड में डीएफएफटी के पैसे से पंचायतों का उद्धार नहीं कर विभिन्न जिलों के उपायुक्तों का बंगला सजाया और संवारा जा रहा है. इस फंड से पंचायतों का उद्धार करने की जगह शहरों में डीसी के बंगले चमकाये जा रहे हैं और जिम बन रहे हैं. इस पर एजी ने भी आपत्ति की है. केंद्र प्रशासन ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाइ) के तहत डीएमएफटी फंड का प्रावधान किया है. इसके दुरुपयोग पर केंद्र प्रशासन रिपोर्ट मांग सकती है. केंद्र प्रशासन यह देखती है कि पीएमकेकेकेवाइ के मॉडल नियमों का पालन हो रहा है या नहीं. बताते चलें कि राज्य प्रशासनों ने डीएमएफटी को स्थापित किया है, लेकिन इसमें केंद्रीय दिशानिर्देश भी लागू होते हैं. इसलिए अनुपालन रिपोर्ट मांगी जा सकती है.
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आगे क्या हो सकता है
इस मामले में गड़बड़ी पाये जाने पर केंद्र प्रशासन राज्य से विस्तृत रिपोर्ट मांग सकती है. पीएमकेकेकेवाइ तथा डीएमएफटी मॉडल-नियमों के अनुरूप नीतियां लागू करने के लिए निर्देश जारी किये जा सकते हैं. केंद्र जांच एजेंसियों से जांच की भी सिफारिश कर सकती है. यदि धन के दुरुपयोग में आपराधिक कार्रवाई के तथ्य मिलते हैं, तो मामले को क्रिमिनल जांच के लिए राज्य पुलिस, सीबीआइ/इडी आदि को भेजने की सिफारिश की जा सकती है.
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