Falgun Month 2025: आज 13 फरवरी से फाल्गुन का महीना आरंभ हो चुका है. हिंदी संवत के अनुसार, फाल्गुन अंतिम मास होता है. इसके पश्चात हिंदू नववर्ष का आरंभ चैत्र माह से होता है. फाल्गुन मास को अत्यंत आनंददायक और उत्साह से भरा हुआ माना जाता है. इस माह कई कार्यों को करने की मनाही होती है, आइए जानें
पवित्र महीना है फाल्गुन
फाल्गुन का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है. फाल्गुन का महीना भगवान शिव और भगवान श्री कृष्ण के प्रति समर्पित है. इस महीने में महाशिवरात्रि और होली जैसे कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं, जिनका लोगों को बड़ी उत्सुकता से इंतजार रहता है. इस अवधि में आने वाले पर्व और व्रत सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण होते हैं.
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फाल्गुन मास में भूलकर भी यह कार्य न करें
- आयुर्वेद के अनुसार, इस माह में अनाज का उपयोग कम करना उचित है. फलों का अधिक सेवन करें.
- फाल्गुन मास में बुजुर्गों और स्त्रीओं का अपमान नहीं करना चाहिए.
- इस अवधि में किसी के प्रति नकारात्मक विचार नहीं लाने चाहिए.
- फाल्गुन महीने में सामान्य जल से स्नान करना अधिक लाभकारी होता है.
फाल्गुन मास का महत्व
फाल्गुन मास में दान का महत्व फाल्गुन मास, जो हिंदू कैलेंडर का बारहवां महीना है, में दान का अत्यधिक महत्व है, जैसे कि माघ मास में होता है. इस माह में महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहारों का आयोजन किया जाता है. महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का दिन है, जबकि होली रंगों का उत्सव है, जो आनंद और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस महीने में विजया एकादशी भी आती है, जिसे भगवान विष्णु के आशीर्वाद के लिए मनाया जाता है। फाल्गुन माह में दान और पुण्य के कार्य करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है.
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