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TMC vs BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा से पहले ही राज्य की नेतृत्व में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की एंट्री हो गयी है. इस बार शुरुआत तृणमूल कांग्रेस की ओर से हुआ है और भाजपा ने उस पर पलटवार किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तृणमूल कांग्रेस ने हमला बोला, तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी पलटवार कर दिया. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि भाजपा नेताओं को अब राम का नाम लेने में भी दिक्कत हो रही है. इस पर भाजपा ने कहा कि कोई मूर्ख ही ऐसी बात कर सकता है. जिसे धर्म का कोई ज्ञान नहीं, वही राम और कृष्ण को अलग-अलग समझ सकता है.
भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर की जयंती में शामिल हुए अमित शाह
दरअसल, बुधवार को एक दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर आये अमित शाह नदिया जिले के मायापुर में थे. उन्होंने इस्कॉन मंदिर में भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर की 152वीं जयंती पर आयोजित समारोह में भाग लिया. इस अवसर पर उन्होंने हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे का जप किया.
AITC ने अमित शाह का इस्कॉन का Video क्लिप शेयर किया
अमित शाह के दिल्ली लौटने के बाद अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपने ऑफिशियल X हैंडल @AITCofficial पर 21 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया. यह वीडियो इस्कॉन के कार्यक्रम में भाषण दे रहे अमित शाह का है. वीडियो में अमित शाह ‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे…’ कह रहे हैं. इस महामंत्र का वहां मौजूद लोग भी जप करते हैं.
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टीएमसी ने पूछा- भगवान राम का नाम लेने में हो रही दिक्कत?
इसी वीडियो का एक हिस्सा काटकर तृणमूल कांग्रेस ने पोस्ट किया और लिखा- अब हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) को भगवान राम का नाम लेने में भी दिक्कत हो रही है? टीएमसी ने आगे कहा- मायापुर में अमित शाह ने हरे कृष्ण महामंत्र का जप किया. शुरू की 2 लाइनों के बाद वह चुप हो गये. पार्टी ने पूछा कि ऐसा अज्ञानता में हुआ या उदासीनता की वजह से उन्होंने ऐसा किया?

15वीं सदी के भक्तिकाल में प्रसिद्ध हुआ हरे कृष्ण महामंत्र
तृणमूल कांग्रेस ने लिखा है कि 15वीं सदी में भक्ति आंदोलन के दौरान श्री श्री चैतन्य महाप्रभु के दौर में हरे कृष्ण महामंत्र उभरकर सामने आया. नदिया की पवित्र भूमि पर खड़े होकर, जो भूमि हमेशा श्री श्री चैतन्य महाप्रभु से जुड़ी हुई है, इस तरह का आधा-अधूरा आह्वान या तो समझ की कमी को दर्शाता है या श्रद्धा की कमी?
So now, @BJP4India has a problem even with reciting Lord Rama’s name? @AmitShah began chanting the Hare Krishna Mahamantra, yet stopped after the first two lines, whether out of ignorance or indifference.
The Hare Krishna Mahamantra rose to prominence during the 15th-century… pic.twitter.com/YPgKZFRr2y
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 18, 2026
भगवान राम का नाम जपने में झिझक?
तृणमूल कांग्रेस ने आगे लिखा है कि क्या उस पार्टी के लिए इससे बड़ा कोई विरोधाभास हो सकता है, जो हिंदू आस्था की एकमात्र संरक्षक होने का दावा करती है, फिर भी दृढ़ विश्वास और सम्मान के साथ भगवान राम का नाम जपने में झिझकती है?
TMC vs BJP: टीएमसी के ट्वीट पर बीजेपी का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर जारी इस बयान पर पश्चिम बंगाल भाजपा के मीडिया प्रभारी विमल शंकर नंदा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कोई मूर्ख ही ऐसा बकवास कर सकता है. मायापुर चैतन्य महाप्रभु की भूमि है. भगवान श्री कृष्ण की भूमि है. अमित शाह ने वहां महामंत्र हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे कहा. इसमें राम भी हैं और कृष्ण भी हैं.
राम और कृष्ण दोनों भगवान विष्णु के अवतार
नंदा ने नया विचार (prabhatkhabar.com) से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण अलग-अलग नहीं हैं. दोनों एक ही हैं. दोनों भगवान विष्णु के अवतार हैं. अज्ञानी लोग ही ऐसी बातें कर सकते हैं. विमल शंकर नंदा ने कहा कि भाजपा भगवान कृष्ण का भी सम्मान करती है और भगवान राम का भी.
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