महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में बड़ा नेतृत्वक बदलाव देखने को मिला है. करीब तीन दशक से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर काबिज अविभाजित शिवसेना का दबदबा खत्म हो गया है. शुक्रवार को घोषित नतीजों में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) बीएमसी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. मुंबई के सभी 227 वार्डों के नतीजे देर रात तक घोषित हुए. भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) को 65 सीटों पर संतोष करना पड़ा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 6 सीटें मिलीं.
वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं. एआईएमआईएम ने 8, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 3, समाजवादी पार्टी ने 2 और राकांपा (शरद पवार गुट) को सिर्फ 1 सीट मिली.
फडणवीस का दावा- 29 में से 25 नगर निगमों में बनेगी महायुति की प्रशासन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दक्षिण मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 नगर निगमों में से मुंबई सहित 25 में सत्ता बनाने जा रहा है. नगर निकाय चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई की जनता का आभार जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि राजग को आशीर्वाद देने के लिए मैं मुंबई के अपने भाई-बहनों का अत्यंत आभारी हूं. मोदी ने कहा कि मुंबई देश का गौरव और सपनों का शहर है और केंद्र प्रशासन शहरवासियों को सुशासन और बेहतर जीवन सुविधाएं देने के लिए काम करेगी.
संजय राउत का शिंदे पर हमला
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने पार्टी की हार के लिए एकनाथ शिंदे को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर शिंदे ने पार्टी से विश्वासघात न किया होता, तो मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं होता. राउत ने शिंदे को ‘जयचंद’ बताते हुए कहा कि मराठी जनता उन्हें हमेशा इसी रूप में याद रखेगी. बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ 2022 में उद्धव ठाकरे प्रशासन के खिलाफ बगावत की थी.
पूरे राज्य की बात करें तो 29 नगर निगमों की 2868 सीटों में से 2833 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. भाजपा ने 1400 सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को 397 सीटें मिलीं. शिवसेना (उबाठा) को 153 और मनसे को 13 सीटें मिलीं. कांग्रेस ने राज्यभर में 324 सीटों पर जीत दर्ज की. 227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा नीत गठबंधन ने 114 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. बीएमसी देश का सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका 2025-26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये है.
पुणे-नागपुर में भाजपा की जीत
नागपुर नगर निगम की सभी 151 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. यहां भाजपा ने 102 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 34 सीटें मिलीं. लातूर नगर निगम में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा 22 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही.
पुणे नगर निगम में भाजपा ने 96 सीटें जीतीं. राकांपा को 20 और राकांपा (शरद पवार गुट) को सिर्फ 3 सीटें मिलीं. पिंपरी-चिंचवड में भाजपा ने 84 सीटें जीतीं, जबकि राकांपा को 37 सीटें मिलीं. यहां राकांपा (शप) एक भी सीट नहीं जीत सकी.
AIMIM का चौंकाने वाला प्रदर्शन
इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी चौंकाने वाला प्रदर्शन किया. पार्टी ने राज्यभर के नगर निकायों में कुल 114 सीटें जीतीं. एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट हासिल की. पार्टी नेता शारिक नक्शबंदी ने कहा कि ओवैसी के घर-घर प्रचार और पिछली बार मामूली अंतर से मिली हार ने कार्यकर्ताओं को इस बार जीत के लिए प्रेरित किया. राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 29 नगर निकायों में औसतन 54.77% मतदान हुआ. इन चुनावों में 19 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की.
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