नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: समस्तीपुर मंडल में सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में यात्रियों एवं आम जनता को जागरूक करने हेतु एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की जा रही है, ताकि भ्रम और अनावश्यक घबराहट की स्थिति से बचा जा सके।
हाल के समय में कुछ अवसरों पर यात्रियों द्वारा ट्रेन के कोच के पहियों से हल्का धुआँ, गर्मी या जलने की गंध महसूस होने पर इसे “आग लगना” समझ लिया जाता है। वस्तुतः अधिकांश मामलों में यह स्थिति “ब्रेक जाम” (ब्रेक बाइंडिंग) होने के कारण उत्पन्न होती है। इसका अर्थ है कि ब्रेक पूरी तरह से मुक्त नहीं हो पाते और पहियों से हल्की रगड़ खाते रहते हैं, जिससे घर्षण के कारण गर्मी पैदा होती है और कभी-कभी हल्का धुआँ या गंध महसूस होती है। यह एक सामान्य यांत्रिक स्थिति है, न कि आग लगने की घटना।
इसे हम दैनिक जीवन के उदाहरण से समझ सकते हैं। जिस प्रकार मोटरसाइकिल या कार में ब्रेक दबे रह जाने पर ब्रेक डिस्क या ड्रम गर्म हो जाता है और कभी-कभी धुआँ या जलने की गंध आने लगती है, परंतु वाहन में आग नहीं लगती—उसी प्रकार ट्रेनों में भी ब्रेक जाम की स्थिति में ऐसा अनुभव हो सकता है। अतः ऐसी स्थिति को आग मानकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
समस्तीपुर मंडल यात्रियों से आग्रह करता है कि यदि यात्रा के दौरान ऐसी स्थिति दिखाई दे तो वे शांत रहें, अफवाह न फैलाएँ और किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन से कूदने या घबराहट में अनुचित कदम उठाने का प्रयास न करें। घबराहट की स्थिति वास्तविक समस्या से अधिक नुकसान और चोट का कारण बन सकती है। इसके स्थान पर तुरंत ट्रेन के चालक, गार्ड या अन्य रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें, ताकि वे आवश्यक तकनीकी जाँच एवं समाधान कर सकें।
हिंदुस्तानीय रेल, समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत, नियमित रखरखाव, निरीक्षण एवं उन्नत निगरानी प्रणाली के माध्यम से ऐसे तकनीकी पहलुओं को नियंत्रित करने के लिए निरंतर कार्यरत है। लोको पायलट, गार्ड तथा ऑनबोर्ड स्टाफ इस प्रकार की स्थितियों की पहचान कर सुरक्षित ढंग से निवारण करने हेतु प्रशिक्षित होते हैं।
जनता से अपील है कि वे रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें तथा जागरूक यात्री बनकर सुरक्षित यात्रा में सहयोग दें। आपकी समझदारी और संयम ही सुरक्षित रेल यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।
— जनसंपर्क विभाग
समस्तीपुर मंडल, पूर्व मध्य रेल
