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मकर संक्रांति को लेकर गुड़ व तिलकुट की सजा बाजार

तैयार लाय की जमकर हो रही बिक्री, विभिन्न तरह की सब्जियां उपलब्ध, साग की बढ़ी मांग

सहरसा. यूं तो स्वास्थ्य के लिए ठंड महीना काफी लाभदायक होता है, लेकिन अत्यधिक ठंड से सुरक्षा की भी उतनी ही जरूरी है. स्वास्थ्य के लिए ठंड के मौसम में विभिन्न तरह की सब्जियां बाजार में उपलब्ध रहती है. सबसे खास यह होता है कि इस महीने में सब्जियां सभी की थाली में उपलब्ध रहती है. 100 रुपये किलो मिलने वाला टमाटर इन दिनों 40 से 60 रुपये किलो बिक रहा है. सब्जियों में खास स्थान रखने वाला आलू 12 से 15 रुपये किलो तक बिक रहा है. टमाटर हो या मटर, फूलगोभी हो या बंधा गोभी या विभिन्न तरह के साग इन दिनों काफी मात्रा में हर चौक चौराहे पर अपलब्ध है. वहीं मकर संक्रांति को लेकर भी बाजार पूरी तरह सजे हैं. विभिन्न तरह के गुड़, चूड़ा, मुढ़ी से लेकर विभिन्न तरह के तिलकुट, तैयार लाय से बाजार अटे पड़े हैं. हालांकि इन दिनों में ठंड के कारण खरीदारों की थोड़ी कमी है, लेकिन उसके बावजूद भी रंग बिरंगे तिलकुट के दुकान एवं साग सब्जियों के दुकान चौक चौराहे पर सजे हैं. वहीं मौसमी फल भी सस्ते दरों पर उपलब्ध हैं. खासकर नारंगी एवं सेब के भाव अन्य दिनों की अपेक्षा काफी सस्ते दामों में मिल रहे हैं, जिससे हर कोई इसका सेवन कर सकता है.

सस्ती हैं सभी सब्जियां, सभी वर्ग की थाली में बनायी जगह

इन दिनों बाजारों में सभी तरह की सब्जियां काफी सस्ते दरों पर उपलब्ध हैं, जिससे हर किसी की थाली में यह अपनी पहुंच बनाये हुआ है. कभी 100 रुपये किलो मिलने वाला टमाटर व गोभी 40 से 60 रुपये किलो बिक रहा है. सब्जी विक्रेता मो नईम ने कहा कि लोकल ताजा गोभी 40 रुपये किलो, जबकि चलानी 25 रुपये में पांच किलो है. मटर लोकल 50 रुपये किलो, बंद गोभी 20 से 30 रुपये किलो, लोकल सीम 70 रुपये किलो, मूली 20 रुपये किलो, हरी मिर्च 40 रुपये किलो, आलू 12 से 15 रुपये किलो बिक रहे हैं. गाजर 30 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं इन दिनों विभिन्न तरह के साग बाजार में उपलब्ध हैं. जो स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक हैं. बथुआ एवं तोड़ी के साग की काफी बिक्री है. जबकि, मटर, बूट, पालक साग भी काफी बिक रहे हैं. विक्रेता अमीना खातून ने बताया कि बथुआ एवं तोड़ी साग 20 रुपये किलो, पालक, मटर व बूट के साग 30 रुपये किलो एवं मेथी साग 60 रुपये के दर से बिक रहा है.

मौसमी फल भी हैं सभी के पहुंच में

मौसमी फलों के दाम भी इन दिनों काफी सस्ते दर पर उपलब्ध है, जिससे हर कोई इसका सेवन कर सकता है. 100 से 150 रुपये बिकने वाला सेब व नारंगी आज सभी के पहुंच में बना हुआ है. इस मौसम का खास फल नारंगी 50 से 70 रुपये किलो उपलब्ध है. विक्रेता नवल ने बताया कि सबसे अच्छी क्वालिटी का सेब 140 रुपये किलो बिक रहा है. जबकि 60 से 70 रुपये प्रति किलो भी अच्छे क्वालिटी का सेब बिक रहे हैं. वहीं नारंगी 50 से 60, अमरूद 80, कीवी एक 100 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. उन्होंने कहा कि ठंड के काफी बढ़ने से खरीदार की कमी है.

सामान्य दर पर गुड़ है उपलब्ध

मंकर संक्रांति को लेकर गुड़ की मांग इन दिनों काफी बढ़ गयी है. लेकिन इसकी कीमत आज भी लोगों के पहुंच में है. 100 से 150 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गुड़ इन दिनों अधिकतम 70 रुपये किलो उपलब्ध है. दहलान चौक गुड़ मंडी व्यवसायी सुनील प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यूपी का बाल्टी एवं गमला गुड़ 70 रुपये किलो, लोकल गुड़ 80 से 100 रुपये किलो, रावा गुड़ 45 रुपये किलो, भेली गुड़ 80 रुपये किलो बिक रहे हैं. जबकि अधिक खरीद पर इससे भी कम कीमत पर उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि होलसेल के खरीदार अभी अधिक हैं. लोकल खरीदार की संख्या ठंड के कारण थोड़ी कम है. आगे पर्व को लेकर खरीदारों की संख्या में इजाफा होगा.

सजी ही विभिन्न तरह के तिलकुट की बाजार

आगामी 14 जनवरी को लेकर शहरी क्षेत्र के लगभग सभी चौक चौराहों पर तिलकुट की दुकान सजी है, लेकिन शंकर चौक पर तिलकुट की दर्जनों दुकानें ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. लोग अभी से ही इसकी खरीददारी कर रहे हैं. शंकर चौक स्थित स्वस्तिक तिलकुट भंडार के प्रोपराइटर रोहित गाडा ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वे यह व्यवसाय कर रहे हैं. गया से कारीगर मंगाकर स्पेशल क्वालिटी के तिलकुट की तैयारी कराते हैं. उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के खरीदार का खासा ध्यान रखते अच्छे क्वालिटी का तिलकुट तैयार कराते हैं. उन्होंने बताया कि कटोरी तिलकुट 300 रुपये किलो, अनारकली तिलकुट 350 रुपये किलो, अनारकली गुड का तिलकुट 350 रुपये किलो, गुड़ का चापड़ी तिलकुट 400 रुपये किलो, चापड़ी चीनी का स्पेशल तिलकुट 400 रुपये, स्पेशल तिलकुट 600 रुपये किलो, खोआ वाला तिलकुट 800 रुपये किलो, राबड़ी दो सौ ग्राम 80 रुपये, काला तिल का लड्डू 400 रुपये किलो बिक रहा है. पिछले वर्ष की कीमत पर ही इस वर्ष भी तिलकुट बिक रहे हैं. भाव में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि यहां आखरा तिल से तिलकुट का निर्माण होने से हर ओर मांग है. साथ ही थौक बिक्री भी की जाती है.

तैयार लाय की भी है खूब मांग

इन दिनों तैयार लाय की मांग भी बाजारों में बढ़ी है. जिसे देखते हुए शहरी क्षेत्र के सभी चौक चौराहों पर तैयार चूड़ा व मुढ़ी के लाय बिक रहे हैं. बंगाली बाजार में तैयार लाय बेचने वाले अमोद कुमार ने बताया कि तैयार चुरा व मुरही के लाय की मांग को देखते अच्छे क्वालिटी का लाय तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि लोकल चूरा 45 से 50 रुपये किलो बिक रहा है. जबकि कतरनी चूरा 70 रुपये किलो एवं मुढ़ी 40 से 60 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं तैयार मुढ़ी एवं चूरा का लाय 100 रुपये किलो बिक रहा है. मुढ़ी के लाय की मांग अधिक है, जबकि अच्छी क्वालिटी के चूड़ा व मुढ़ी के लाय का ऑडर भी लेते हैं, जिसे नियत समय पर तैयार कर देते हैं.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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