Mahashivratri 2026: हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को देशभर में महाशिवरात्रि का पावन त्योहार मनाया जाता है. धार्मिक मान्याताओं के अनुसार, यह वह पावन रात्रि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और मंत्रों का जाप से कष्टों का नाश होता है और जिवन में खुशहाली आती है.
1. पंचाक्षरी मंत्र: सर्वसिद्धिदायक
मंत्र: ॐ नमः शिवाय
महत्व- यह शिव का सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है. कहा जाता है कि यदि जिवन में तनाव चल रहा हो तो इस मंत्र का जाप करना बहुत है लाभदायक होता है. इसे जीवन में शांति और आती हैं.
2. महामृत्युंजय मंत्र: आरोग्य और अभय के लिए
मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्. उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
महत्व- मान्याता है कि यदि किसी व्यक्ति पर अकाल मृत्यु का दोष होते उसे महादेव के इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. अकाल मृत्यु दोष का नाश होता है. भक्त की आयु लंबी होती है.
3. शिव गायत्री मंत्र: मानसिक स्पष्टता के लिए
मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्.
महत्व- ज्ञान की प्राप्ति और मन की एकाग्रता के लिए शिव गायत्री मंत्र का जाप अत्यंत लाभकारी है.
4. दरिद्रता दहन मंत्र: आर्थिक लाभ के लिए
मंत्र: ॐ ह्रीं नमः शिवाय.
महत्व- यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो शिवरात्रि की रात इस मंत्र का जाप कर सकते है. कहते है आर्थिक संबंधी समस्याएं दुर होती है और समृद्धि आती है.
मंत्र जाप के समय रखें इन बातों का ध्यान
रुद्राक्ष की माला: महादेव के मंत्रों का जाप हमेशा रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए. इसे सकरात्मकता बढ़ती है.
ब्रह्म मुहूर्त या निशिता काल: महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि (निशिता काल) में किया गया जाप हजार गुना अधिक फल देता है.
शुद्धता: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें कर मंत्रो का उच्चारण करें.
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