Mahashivratri 2026: शिव आदि भी है और अनंत भी है. शिवरात्री पर शिव जी के 1008 नामों का संकलन मिलना शिव भक्तों के लिए अति कल्याणकारी सिद्ध होगा. महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के 1008 नामों का जाप करना आध्यात्मिक और भौतिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत फलदायी माना गया है.
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर इस जाप के मुख्य लाभ
मानसिक शांति और स्पष्टता: इन नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मन शांत होता है, चिंताएं दूर होती हैं और आंतरिक शांति का अनुभव होता है.
पापों का नाश: शास्त्रों के अनुसार, शिव सहस्रनाम का जाप करने से भक्तों के संचित पापों का क्षय होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है.
मनोकामना पूर्ति: यह माना जाता है कि सच्चे मन से किया गया यह जाप स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, धन और मोक्ष प्रदान करने में सहायक होता है.
ग्रह दोषों से मुक्ति: नियमित या विशेष अवसरों पर इन नामों का स्मरण करने से ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं.
आध्यात्मिक उन्नति: यह जाप साधक को शिव तत्व के करीब ले जाता है और आत्म-ज्ञान की प्राप्ति में सहायक होता है.
शिव जी के 1008 नाम
शिव, शम्भु, शंकर, महेश्वर, महादेव, हर, रुद्र, मृड, पशुपति, नीलकण्ठ, त्रिलोचन, त्र्यम्बक, विश्वनाथ, ईशान, सदाशिव, उमापति, गिरिश, गिरिजापति, भूतनाथ, कालेश्वर, मृत्युंजय, नटराज, अघोर, कपाली, दिगम्बर, भैरव, कृत्तिवास, चन्द्रशेखर, गंगाधर, योगेश्वर, परमेश्वर, देवदेव, शूलपाणि, त्रिपुरान्तक, विश्वरूप, वेदात्मा, ओंकारेश्वर, सर्वज्ञ, सर्वेश्वर, अविनाशी, अनन्त, निरञ्जन, शाश्वत, भोलानाथ, धूर्जटि, आशुतोष, स्थाणु, आदियोगी, महाकाल, कालभैरव, त्रिनेत्र, कृपालु, दयामूर्ति, जगदीश्वर, शर्व, भव, ईश्वर, आदिनाथ, कैलाशपति, पार्वतीनाथ, अजर, अमर, अव्यक्त, परात्पर, परब्रह्म, जगन्नाथ, सर्वकर्ता, सर्वभर्ता, सर्वहर्ता, त्रिशूलधारी, पिनाकी, खट्वाङ्गी, भूतपति, महायोगी, तपस्वी, श्मशानवासी, नागभूषण, व्योमकेश, कपर्दी, सोमेश्वर, शितिकण्ठ, अचिन्त्य, निर्गुण, सगुण, सर्वात्मा, आत्मलिंग, दिग्विजयी, जगत्पति, गौरीश, उमेश, भवेश, रुद्राक्षप्रिय, वृषभवाहन, नन्दीप्रिय, अघोरेश्वर, परमात्मा, शुद्धात्मा, विश्वात्मा, त्रिभुवनेश्वर, दक्षध्वंसक, कामारि, मदनान्तक, अन्धकासुरसूदन, गजासुरसंहारक, कालान्तक, दीनबन्धु, भक्तवत्सल, करुणासागर, लोकनाथ, सुरेश, सुरनाथ, प्रजापति, ब्रह्मरूप, विष्णुरूप, रुद्ररूप, सद्गुरु, ज्ञानेश्वर, ज्ञानमूर्ति, समाधिस्थ, अव्यय, अक्षय, अविकार, निष्कल, सकल, निष्काम, कामेश्वर, कालकर्ता, कालभर्ता, त्रिकालज्ञ, विश्वदीप,
तेजोमय, ज्योतिर्मय, अनादि, अमोघ, अभयप्रद, भयहर, शरण्य, त्राता, विधाता, धाता, भुवनेश, जगदाधार, विश्वाधार, धर्माधार, धर्मरूप, धर्मपाल, सत्यरूप, सत्यप्रिय, सत्यसंकल्प, निर्मल, निष्पाप, पापनाशन, पुण्यात्मा, महाकीर्ति, कीर्तिवर्धन, नागेश्वर, फणिभूषण, गंगेश, हिमालयेश्वर, कैलासनाथ, शैलनाथ, रुद्रदेव, शिवनाथ, लिंगेश्वर, प्रणवरूप, मंत्रेश्वर, पंचाक्षरप्रिय, वेदवेद्य, वेदस्वरूप, उपनिषद्गम्य, आदिपुरुष, महापुरुष, पुरुषोत्तम, सच्चिदानन्द, आनन्दमूर्ति, नित्यानन्द, चिदानन्द, ब्रह्मानन्द, योगानन्द, सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी, सर्वसाक्षी, विश्वरक्षक, लोकपाल, त्रिलोकेश, देवाधिदेव, भक्तप्रिय, भक्तपाल, भक्तरक्षक, भक्ताभीष्टप्रद, कृपानिधि, दीननाथ, अनाथनाथ, वरद, वरप्रद, इच्छितफलप्रद, महातेजा, महाबल, महाबुद्धि, महाशक्ति, महाद्युति, ओंकारस्वरूप, जगत्कारण, कारणरूप, त्रिगुणातीत, मायाधीश, योगपति, ध्यानगम्य, समाधिगम्य, ब्रह्मस्वरूप, चन्द्रमौलि, श्रीकण्ठ, भस्मेश्वर, शान्त, शंकराचार्यप्रिय, वेदान्तवेद्य, जगद्गुरु, कृपासिन्धु, आनन्ददाता, जगन्निवास, विश्वम्भर, योगाधिप, महोन्नत, अखिलेश्वर, अनन्तरूप, शुद्धविग्रह, अचल, अच्युत, निरामय, निर्भय, सर्वमंगल, मंगलकर्ता, सिद्धेश्वर, सिद्धिदाता, सिद्धिप्रद, योगिराज, योगिनांपतिः, तपोनाथ, तपोमूर्ति, आदिदेव, सनातन, परमेय, विश्वेश्वर, हरिहरात्मा, कालस्वरूप, विश्वेश, महोदर, व्याघ्रचर्माम्बर, भूतभावन, त्रैलोक्यनाथ, त्रैलोक्यपाल, दिग्पाल, आद्य, अखण्ड, निराकार, साकार, ओंकार, परमज्योति, ज्योतिर्लिंग, लिंगरूप, आत्मरूप, शिवप्रिय, शरणागतवत्सल, भक्तार्तिहर, महाकृपालु, जगत्पालक, विश्वनाथेश, महायज्ञ, यज्ञेश्वर, यज्ञरूप, धर्मसंस्थापक, योगसंस्थापक, ज्ञानप्रद, मोक्षप्रद, अपवर्गप्रद, तारकब्रह्म, नीलग्रीव, चन्द्रधर, उमाकान्त, गिरिजारमण, विश्वम्भरेश्वर, प्राणेश्वर, प्राणनाथ, विश्वनाथस्वरूप, दिगम्बराय, कालेश, त्रिपुरारि, भीम, उग्र, शम्भूनाथ, विश्वात्मने, परमेश, ईश्वराय, सदाशिवाय, हराय, रुद्राय, शिवाय, महेशान, विश्वदीप, विश्वप्रकाश, महाज्योति, परमज्योति, ज्योतिर्मय, तेजस्वी, सर्वतेजस, महोरगभूषण, भूताधिप, भूतनाथेश, त्रिकालदर्शी, त्रिकालज्ञ, कालभैरवरूप, कालाग्निरुद्र, महाघोर, अघोरनाथ, घोरघ्न, शूलिन, खड्गधारी, धन्वी, बाणेश्वर, पाशपति, पाशविमोचक, बन्धमोचक, संसारतारक, भवबन्धविमोचन, शरणदाता, कृपाकर, कृपामूर्ति, अनुग्रहकर्ता, अनुग्रहदायक, विश्वहितकारी, लोकहितकारी, धर्मरक्षक, धर्मपालक, सत्यव्रती, सत्यसंरक्षक, वेदप्रिय, वेदगर्भ, वेदकर्ता, वेदपालक,
वेदवित्, आगमज्ञ, तंत्रज्ञ, योगतत्त्वविद्, ध्यानयोगी, राजयोगी, महातपस्वी, ब्रह्मचारी, गृहस्थाश्रमपूजित, वानप्रस्थाश्रमाधिप, संन्यासाश्रमेश्वर, आश्रमाधिपति, तपोधन, तपोबलसंपन्न, जटाजूटधारी, गंगाप्रिय, हिमालयवासी, कैलासवासी, शिखरीश, गिरिराजेश, भूतगणाधिप, गणनायकप्रिय, नन्दीश्वरप्रिय, भृंगीप्रिय, गणाधिप, गणपति-पूजित, शिवगुरु, विश्वगुरु, आत्मगुरु, परमहंस, योगीन्द्र, योगेश्वराय, सर्वयोगाधिप, महाव्रती, व्रतपालक, प्रदोषप्रिय, सोमेश, सोमरत, चन्द्रप्रिय, भूतप्रेमी, पशुपालक, लोकसाक्षी, विश्वसाक्षी, अन्तर्यामी, हृदयेश, चिदाकाशस्वरूप, आकाशरूप, पंचवक्त्र, दशभुज, अष्टभुज, सहस्रभुज, अनन्तबाहु, त्रिशिरा, पंचानन, सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष, ईशान, पंचब्रह्मस्वरूप, ईशान, पंचब्रह्मस्वरूप, सर्वज्ञ, सर्वकर्ता, सर्वभोक्ता, सर्वसंहारक, सर्वपालक, सर्वाधार, विश्वाधार, जगद्धारक, जगदुत्पत्तिकर्ता, जगत्संहर्ता, जगद्रक्षक, अनादिनिधन, अव्यक्त, व्यक्ताव्यक्तस्वरूप, परात्पर, परब्रह्मरूप, ब्रह्मस्वरूप, विष्णुरूप, रुद्ररूप, हरिरूप, त्रिमूर्तिरूप, त्रिगुणातीत, सत्त्वस्वरूप, रजःस्वरूप, तमःस्वरूप, गुणातीत, निर्गुण, सगुण, सच्चिदानन्दरूप, आनन्दरूप, नित्यशुद्ध, नित्यबुद्ध, निरवद्य, निरामय, निष्कल, सकल, निष्प्रपंच, प्रपंचातीत, ओंकारस्वरूप, प्रणवरूप, प्रणवात्मा, मन्त्रात्मा, महामन्त्र, जप्य, जपप्रिय, स्तोत्रप्रिय, भक्तवत्सल, भक्तरक्षक, भक्तपाल, भक्तप्रिय, भक्तसुलभ, भक्ताभीष्टप्रद, भक्तानुग्रहकर्ता, आशुतोष, शीघ्रप्रसन्न, करुणासिन्धु, दयानिधि, कृपालु, कृपानिधि, अनुकम्पी, अनाथनाथ, दीनबन्धु, दुःखनाशन, भयहर, रोगहर, पापनाशन, क्लेशनाशन, विघ्नहर, बाधानाशक, अभयप्रद, वरद, वरदाता, वरप्रदायक, सिद्धिदायक, ऋद्धिदायक, मोक्षद, मुक्तिदाता, कैवल्यप्रद, ज्ञानद, विज्ञानद, प्रज्ञानघन, चैतन्यस्वरूप, आत्मस्वरूप, परमात्मा, जीवात्माधार, हृदयवासी, अन्तरात्मा, साक्षी, क्षेत्रज्ञ, योगक्षेमवाह, योगदाता, योगगम्य, योगाधार, योगपीठेश्वर, योगनिद्राधिप, समाधिस्थ, समाधिगम्य, समाधिदायक, ध्यानगम्य, ध्यानप्रिय, ध्यानस्थ, ध्यानरूप, तपोमूर्ति, तपःस्वरूप, तपोनिधि, तपःफलद, व्रतरूप, व्रतप्रिय, नियमेश, नियमप्रिय, संयमी, जितेन्द्रिय, इन्द्रियनाथ, मनोनियन्ता, मनोमय, बुद्धिनाथ, बुद्धिप्रदाता, चित्तेश,
चित्तशुद्धिदायक, अहंकारहर, ममताहर, कामहर, क्रोधहर, लोभहर, मोहहर, मदहर, मात्सर्यनाशक, षड्रिपुनाशक, त्रिदोषहर, त्रितापनाशक, आध्यात्मिकदुःखनाशक, आधिभौतिकदुःखनाशक, आधिदैविकदुःखनाशक, भवभयहारक, संसारार्णवतारक, भवसागरसेतु, तारकब्रह्म, तारकनाम, महामृत्युञ्जय, त्र्यम्बक, मृत्युञ्जय, अमृतस्वरूप, अमरनाथ, कालान्तक, कालकाल, महाकालेश्वर, कालाधिप, कालस्वरूप, क्षणरूप, लयरूप, संहारकर्ता, प्रलयकर्ता, सृष्टिकर्ता, स्थितिकर्ता, ब्रह्माण्डनायक, लोकत्रयेश, त्रिलोकपाल, दिगम्बर, व्योमकेश, नागाभरण, व्याघ्रचर्माम्बर, भस्मलेपनप्रिय, भस्मरूप, रुद्राक्षमालाधर, कमण्डलुधर, डमरुधर, त्रिशूलधर, पिनाकधारी, नटराज, नृत्यप्रिय, ताण्डवप्रिय, आनंदताण्डवकार, लास्यप्रिय, गिरीश, गिरिश्रेष्ठ, गिरिजापति, उमापति, पार्वतीनाथ, भवानीश, गौरीश, शंकर, शिव, शम्भु, सदाशिव, सदाशिव, विश्वेश्वर, जगदीश्वर, परमेश्वर, ईश्वर, ईश, प्रभु, महाप्रभु, आदिदेव, देवदेव, महादेव, सुरेश्वर, सुरनाथ, सुरपूजित, देवाधिदेव, देवेश, देवाधिप, जगन्नाथ, लोकनाथ, भूतनाथ, प्रेतनाथ, योगिनांपति, ऋषिनाथ, मुनिनाथ, तपोनाथ, सिद्धिनाथ, सिद्धेश्वर, विद्येश्वर, ज्ञानेश्वर, ब्रह्मेश्वर, हरिहरात्मा, हरिहरप्रिय, हरब्रह्ममय, त्रिलोचनप्रिय, नीललोहित, शर्व, भव, रुद्र, उग्र, भीम, ईशानाधिप, शितिकण्ठ, कपर्दी, जटिल, जटाधर, व्योमनाथ, नभोनाथ, अनन्तरूप, अनन्तनाम, अनन्तशक्ति, अनन्तवीर्य, अनन्ततेज, अनन्तकीर्ति, अनन्तमहिमा, अनन्तानन्द, अनन्तदयालु, अनन्तकरुण, अनन्तपालक, अनन्तरक्षक, अनन्तत्राता, अनन्तमोचक, अनन्तदायक, अनन्तसिद्धिद, अनन्तमंगल, अनन्तकल्याण, अनन्तवरद, अनन्तभद्र, अनन्तशुभ, अनन्तशान्त, अनन्तप्रकाश, अनन्तदीप, अनन्तज्योति, अनन्तधाम, अनन्ताधार, अनन्तविभु, अनन्तेश, अनन्तात्मा, अनन्तब्रह्म, अनन्तयोगी, अनन्ततपस्वी, अनन्तध्यानस्थ, अनन्तसमाधिस्थ, अनन्तगुरु, अनन्तशरण्य, अनन्तभक्तवत्सल, अनन्तकृपालु, अनन्तआशुतोष, अनन्तवरप्रद, अनन्तमुक्तिद, अनन्तमोक्षप्रद, अनन्तज्ञानद, अनन्तविज्ञानद, अनन्तप्रेममय, अनन्तहृदयवासी, अनन्तविश्वाधिप, अनन्तजगत्पाल, अनन्तसंसारतारक, अनन्तभवभयहर, अनन्तपापनाशन, अनन्तदुःखनाशन, अनन्तरोगहर, अनन्तभयहर्ता, अनन्तसिद्धिप्रद, अनन्तऋद्धिदायक, अनन्तयोगदाता, अनन्ततत्त्वविद्, अनन्तचैतन्य, अनन्तसाक्षी, अनन्तक्षेत्रज्ञ, अनन्तपरमात्मा, अनन्तमहेश, अनन्तशंकर, अनन्तशिव, अनन्तशम्भु, अनन्तमहाकाल, अनन्तत्र्यम्बक, अनन्तमहेश्वर, अनन्तईश्वर, अनन्तप्रणवरूप, अनन्तओंकारस्वरूप, अनन्तसच्चिदानन्दरूप, अनन्तनित्यशुद्ध, अनन्तनित्यबुद्ध, अनन्तनिर्गुण, अनन्तसगुण, अनन्तनिराकार, अनन्तसाकार, अनन्तसर्वज्ञ, अनन्तसर्वकर्ता, अनन्तसर्वपालक, अनन्तसर्वसंहारक, अनन्तसर्वाधार, अनन्तविश्वेश्वर, अनन्तजगदीश्वर, अनन्तलोकनाथ, अनन्तभूतनाथ, अनन्तयोगेश्वर, अनन्तपरब्रह्म, अनन्तपरमेश्वर, अनन्तदेवदेव, अनन्तमहादेव, अनन्तआदिदेव, अनन्तईश, अनन्तप्रभु, अनन्तनाथ, अनन्तशरण, अनन्तभक्तप्रिय, अनन्तभक्तरक्षक, अनन्तभक्तपाल, अनन्तभक्तसुलभ, अनन्तभक्ताभीष्टप्रद, अनन्तभक्तानुग्रहकर्ता, अनन्तदयासिन्धु, अनन्तकृपानिधि, अनन्तकरुणानिधि, अनन्तअनाथनाथ, अनन्तदीनबन्धु, अनन्तदुःखभञ्जन, अनन्तभवबन्धमोचक, अनन्तसंसारमोचक, अनन्तकैवल्यप्रद, अनन्तमोक्षदाता, अनन्तमृत्युञ्जय, अनन्तकालकाल, अनन्तमहाकालेश्वर, अनन्तत्रिलोचन, अनन्तपंचवक्त्र, अनन्तदिगम्बर, अनन्तनटराज, अनन्तताण्डवप्रिय, अनन्तगिरीश, अनन्तउमापति, अनन्तपार्वतीनाथ, अनन्तगौरीश, अनन्तशंकररूप, अनन्तशिवरूप, अनन्तसदाशिव.
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