Mahila Aarakshan Bill : स्त्री आरक्षण विधेयक यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की नेतृत्व एक बार फिर गर्म है. बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर सीधा अटैक किया है. सरावगी ने कांग्रेस को टारगेट करते हुए कहा बड़ा हमला बोला उन्होंने पत्रकारों से बातचीत कहा, जो काम कांग्रेस 30 साल में नहीं कर पाई उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 मिनट में कर डाला. संजय सरावगी ने स्त्री आरक्षण विधेयक को पारित करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. साथ ही उन्होंने इसे कांग्रेस की ‘नेतृत्वक इच्छाशक्ति की कमी’ करार दिया.
कांग्रेस पर सीधा हमला
संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा स्त्रीओं के नेतृत्वक अधिकारों से वचिंत रखने का प्रयास करती रही है. इसी अनदेखी का नतीजा है कि कांग्रेस 3 दशकों का लगातार सत्ता में बनी रही बावजूद उसने स्त्रीओं के अधिकारो के लिए, उनकी सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने स्त्री सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ नेतृत्व की.
कांग्रेस पूरी तरह से असफल
भाजपा नेता संजय सरावगी ने कहा कि स्त्रीओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देना सिर्फ हिंदुस्तानीय जनता पार्टी का एक वादा नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी भी है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह असफल रही.”
स्त्री सशक्तिकरण का नया दौर शुरू
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2014 के बाद से देश में स्त्री सशक्तिकरण का नया दौर शुरू हो गया है. स्त्रीओं को मजबूती देने की दिशा में बड़े काम हुए हैं. जो देश के लिए निर्णायक रहे हैं. संजय सरावगी ने कहा कि केंद्र प्रशासन की प्राथमिकता स्त्रीओं को केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ इसी सोच का परिणाम है. अब देश की आधी आबादी को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का रास्ता तैयार हो गया है.
2029 चुनाव पर नजर?
सरावगी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में इस कानून का बड़ा नेतृत्वक असर देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि 2029 के चुनावों में स्त्रीओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगी और इससे हिंदुस्तानीय लोकतंत्र और मजबूत होगा.
इधर, नेतृत्वक जानकारों का यह भी मानना है कि बीजेपी की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम बंगाल चुनाव को ध्यान में रख कर पारित किया गया. इसका असर बंगाल चुनाव पर पड़ना लाजमी है. बंगाल में स्त्रीएं निर्णाय स्थिति में हैं. ऐसे में बिहार की तरह ही बंगाल में भी स्त्रीओं का वोट बीजेपी के खाते में जाने का प्लेट फॉर्म तैयार हो गया है. हालांकि इस अधिनियम के पास होने से पूरे देश की स्त्रीओं को फायदा मिलना तय है.
‘विकसित हिंदुस्तान’ में स्त्रीओं की अहम भूमिका
संजय सरावगी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य ‘विकसित हिंदुस्तान’ है. इस लक्ष्य को हासिल करने में स्त्रीओं की भूमिका सबसे अहम होगी. जब संसद और विधानसभाओं में 33 फीसदी स्त्रीएं होंगी, तो यह एक सशक्त और आत्मनिर्भर हिंदुस्तान की असली तस्वीर विश्व पटल पर सामने आएगी.
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