मृत्यु भोज के विरोध में बैठक सह श्रद्धांजलि सभा
नया विचार मोरवा । मृत्यु भोज से जहां भोज कर्ता की गरीबी बढ़ती है, वहीं यह कानूनी तौर पर भी सामाजिक अपराध है। उक्त बातें कहीं बौद्ध धर्म के भंते बुद्ध प्रकाश ने वन वीरा में आयोजित मृत्यु भोज विरोधी बैठक सह श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए। भीम आर्मी की संयोजक मनोज कुमार राम द्वारा आयोजित मृत्यु भोज विरोधी बैठक सह श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता बामसेफ अध्यक्ष कमल पासवान एवं रमण कुमार राम के संचालन में भंते बुद्ध प्रकाश ने स्पष्ट किया कि केंद्र प्रशासन के द्वारा मृत्यु भोज को कानूनी तौर पर सामाजिक अभिशाप तथा दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। मृत्यु भोज अधिनियम धारा 3,5,7 एवं 8 के अनुसार मृत्यु भोज करने वाले, उनमें सहयोग करने वाले, खाने वाले, प्रेरित करने वाले एवं कर्ज देने वाले सभी के लिये दंड का प्रावधान किया गया है। मृत्यु भोज के लिए कर्ज देने वालों का कर्ज जप्त कर लिए जाने,अदा नहीं करने का भी आदेश दिया गया है । साथ ही 1000 जुर्माना सहित एक साल के कारावास सजा का प्रावधान किया गया है। इस अधिनियम के तहत पंचायत के मुखिया सरपंच एवं अन्य प्रतिनिधियों के द्वारा पुलिस को सूचना देकर, इस अपराध को रुकवाने के लिए आदेश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर प्रतिनिधियों के लिए भी सजा का प्रावधान किया गया है। इस अधिनियम के तहत सभी थाना प्रभारियों को इसकी सूचना मिलते ही तुरंत इसे रुकवाने के अधिनियम के द्वारा प्रावधान किया गया है। वक्ताओं ने बताया कि इस अधिनियम को राजस्थान प्रशासन के द्वारा लागू कर दिया गया है लेकिन दुर्भाग्य से देश के अन्य राज्यों के द्वारा शख्ती से लागू नहीं किया जा रहा है। वनवीरा पंचायत में समाजसेवी कमलेश राम की श्रद्धांजलि सभा सह मृत्यु भोज विरोधी बैठक में वक्ताओं के द्वारा प्रशासन से इसे रोकने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने पर बल दिया गया। सर्व समिति से समाज में मृत्यु भोज को रोकने के प्रयास करने का संकल्प लिया गया। अखिलेश कुमार राम,राम सुन्दर राम, रमेश कुमार राम, दिवाकर राम,गौड़ी शंकर राम,श्री चंदराम, संजीव कुमार इंकलाबी, महेंद्र राय, संजय सादा, मृत्युंजय सहनी, सुरेश पासवान, नरेश कुमार,जीवछ राय वीराना, सुनैना देवी, सीता देवी, ज्वेलर्स देवी , प्रमोद राम, सूरज राम आदि ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। इसके पूर्व दिवंगत आत्मा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद थे।

