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योग स्वयं के माध्यम से स्वयं की ओर स्वंय की यात्रा है: उमाशंकर व्यास जी

सूर्यगढ़ा. योग स्वयं के माध्यम से स्वयं की ओर स्वयं की यात्रा है. योग अभ्यास करने से एकता की भावना पैदा होती है. योग एक हिंदुस्तानीय आध्यात्मिक और शारीरिक अभ्यास या अनुशासन है. योग वास्तव में आत्मा से परमात्मा का जुड़ना है, उक्त बातें सूर्यगढ़ा के पब्लिक हाई स्कूल परिसर में शनिवार को 11वीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के मौके पर मुंगेर योग विश्वविद्यालय के विशेष प्रतिनिधि सह राष्ट्रीय कथावाचक उमाशंकर व्यास जी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि योग हिंदुस्तान की देन है. जिसे वैश्विक पहचान दिलाने में बिहार योग विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. बिहार योग पद्धति को सत्यम योग पद्धति भी कहा जाता है. यह विश्व योग आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी सत्यानंद सरस्वती द्वारा प्रतिपादित एवं उनके उत्तराधिकारी स्वामी निरंजनानंद सरस्वती द्वारा विकसित योग की एक ऐसी पद्धति है, जो प्राचीन सन्यास परंपरा से प्राप्त सांख्य वेदांत तंत्र और विज्ञान पर आधारित है. इस बार एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग थीम के साथ दुनिया भर में योग दिवस मनाया जा रहा है. आदर्शो एवं सिद्धांतों को जीवन में धारण करने वाला ही सच्चा धार्मिक है. उन्होंने कहा कि आत्मा को जानना ही पूर्ण योग कहलाता है. उन्होंने कहा कि विश्व भर में योग अपनी पहचान बना रहा है. समस्त सृष्टि और संस्कार में योग समाहित है. योग विकारों से मुक्ति का मार्ग है. योग हमारे आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान का परिचायक है. योग की सार्थकता को दुनिया के लगभग सभी धर्मों ने स्वीकृति प्रदान की है. आत्मा को परमात्मा से जोडऩे का एक महत्वपूर्ण साधन योग ही है. व्यास जी ने कहा कि योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है इसमें शरीर मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है. ————————————————- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सूर्यगढ़ा में कई जगह कार्यक्रम का हुआ आयोजन सूर्यगढ़ा. शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सूर्यगढ़ा हर क्षेत्र में कई जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पब्लिक हाई स्कूल सूर्यगढ़ा परिसर में योग मित्र मंडल सूर्यगढ़ा से द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मुंगेर योग विश्वविद्यालय के विशेष प्रतिनिधि सह राष्ट्रीय कथावाचक उमाशंकर व्यास जी कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुए. योग मित्र मंडल सूर्यगढ़ा के सक्रिय सदस्य राजेश स्वर्णकार द्वारा लोगों को योग की जानकारी दी गयी. मौके पर मुख्य अतिथि उमाशंकर व्यास जी ने कहा कि योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, इसमें शरीर,मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है. शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. समापन सत्र में अतिथियों को योग मित्र मंडल की सूर्यगढ़ा इकाई द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मौके पर लोजपा रामविलास के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद सिंह उर्फ अशोक सिंह, मध्य विद्यालय मौलानगर के एचएम जटाशंकर शर्मा, राजेश स्वर्णकार, अनिल वर्मा, लक्ष्मी साव, शिक्षक मनीष कमल आदि मौजूद रहे. ———————————————

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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