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रियल एस्टेट, होटल नहीं इन भारतीय क्रिकेटर्स ने हेल्थ सेक्टर में लगाया पैसा

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Indian Cricketers in Health Sector: क्रिकेटर्स अक्सर अपने पैसे को प्रॉपर्टी, होटल, रेस्टोरेंट या रियल एस्टेट में लगाते हैं. लेकिन हिंदुस्तान में कुछ ऐसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी हैं जिन्होंने एक अलग राह बनाई है. इन खिलाड़ियों ने अपना पैसा जमीन खरीदने या बिजनेस के बजाय लोगों की जान बचाने वाले हेल्थ सेक्टर और अस्पतालों में लगाया है. आज हम आपको ऐसे 4 दिग्गज हिंदुस्तानीय क्रिकेटर्स के बारे में बता रहे हैं जो कैंसर केयर से लेकर बच्चों के इलाज तक के लिए अस्पताल बनवा रहे हैं या उन्हें फंड कर रहे हैं.

युवराज सिंह: कैंसर मरीजों के लिए बनाए 1000 से ज्यादा बेड

युवराज सिंह ने खुद कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना किया था और इससे लड़कर जीतकर आए. इसके बाद उन्होंने यूवीकैन (YouWeCan) फाउंडेशन की शुरुआत की. कोविड महामारी के समय जब अस्पतालों में जगह नहीं थी, तब युवराज के फाउंडेशन ने मिशन 1000 बेड शुरू किया. इसके तहत 11 राज्यों के 14 प्रशासनी और चैरिटेबल अस्पतालों में 1020 से ज्यादा क्रिटिकल केयर यूनिट बेड लगाए गए. इसके साथ ही वेंटिलेटर और अन्य जरूरी मशीनें भी दी गईं. अब उनका फाउंडेशन इन जगहों को खास कैंसर वार्ड में बदल रहा है ताकि मरीजों का लंबा और सही इलाज हो सके.

कपिल देव: ग्रेटर नोएडा में खोला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

हिंदुस्तान को पहला वर्ल्ड कप (1983 विश्वकप) जिताने वाले कप्तान कपिल देव ने हाल ही में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत बड़ा कदम उठाया है. कपिल देव ने ग्रेटर नोएडा में 300 बेड का एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोला है. इसका उद्घाटन मार्च 2026 में हुआ है. यह एक बहुत बड़ा अस्पताल है जो लोगों को हार्ट और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज की सुविधा दे रहा है. इस अस्पताल के जरिए आसपास के इलाके के लोगों को बेहतर मेडिकल सुविधा और इमरजेंसी सर्विस मिलने लगी है.

सचिन तेंदुलकर: गरीब बच्चों के इलाज का उठा रहे खर्च

सचिन तेंदुलकर ने भले ही कोई पूरा अस्पताल नहीं बनाया है लेकिन वह कई चैरिटेबल अस्पतालों के सबसे बड़े मददगार हैं. सचिन अपने फाउंडेशन के जरिए असम के मकुंदा क्रिश्चियन अस्पताल जैसे ग्रामीण इलाकों में महंगी मेडिकल मशीनें दान करते हैं. इनमें रेटिना कैमरे और आईसीयू की मशीनें शामिल हैं. इससे वहां समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों की जान बचाई जाती है. इसके अलावा वह मुंबई के एसआरसीसी चिल्ड्रंस अस्पताल के साथ मिलकर उन बच्चों के ऑपरेशन का पूरा खर्च उठाते हैं जिनके माता पिता इलाज के पैसे नहीं दे सकते.

सुनील गावस्कर: मुफ्त हार्ट सर्जरी और कैंसर केयर में दे रहे साथ

पूर्व हिंदुस्तानीय ओपनर सुनील गावस्कर हेल्थ सेक्टर में बहुत सक्रिय हैं. वह श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल से जुड़े हैं जहां वह गरीब बच्चों की फ्री हार्ट सर्जरी का पूरा खर्च उठाते हैं. गावस्कर ने अब तक कई सौ बच्चों की जान बचाने में मदद की है. इसके साथ ही वह हैदराबाद के स्पर्श होस्पिस अस्पताल का भी बड़ा सपोर्ट करते हैं. यह 82 बेड का अस्पताल उन कैंसर मरीजों का बिल्कुल मुफ्त इलाज और देखभाल करता है जो अपनी बीमारी के एकदम आखिरी स्टेज में हैं.

समाज के लिए असली हीरो साबित हो रहे ये खिलाड़ी

स्पोर्ट्स के मैदान पर अपने बल्ले से करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाले ये सभी क्रिकेटर्स अब असल जिंदगी में भी हीरो बन गए हैं. पैसा कमाने के बाद उसे केवल अपने शौक में लगाने के बजाय इन्होंने समाज की भलाई को चुना है. इनके बनाए अस्पताल और फंड से हर दिन कई लोगों को नया जीवन मिल रहा है. रियल एस्टेट में पैसे लगाकर मुनाफा कमाना आसान है, लेकिन हेल्थ सेक्टर में इन खिलाड़ियों का निवेश यह बताता है कि इनकी असली कमाई लोगों की दुआएं हैं.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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