Rupee vs Dollar: सोमवार की मामूली बढ़त के बाद मंगलवार को रुपया शुरुआती कारोबार में ही 17 पैसे लुढ़क गया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 93.07 के स्तर पर पहुंच गया है. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली (निवेशकों या व्यापारियों द्वारा किसी संपत्ति (शेयर, बॉन्ड, कमोडिटी) को कम समय में बड़े पैमाने पर बेचना)और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये की सेहत बिगाड़ दी है.
क्यों गिर रहा है रुपया ?
- कच्चे तेल की ‘दोहरी मार’: अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.22% बढ़कर 111.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. चूंकि हिंदुस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतें बढ़ने से हमें डॉलर में ज्यादा भुगतान करना पड़ता है, जिससे रुपया कमजोर होता है.
- शेयर बाजार में हाहाकार: मंगलवार सुबह हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स 824 अंक टूटकर 73,282 पर, जबकि निफ्टी 248 अंक फिसलकर 22,719 के स्तर पर आ गया. जब शेयर बाजार गिरता है, तो विदेशी निवेशक अपना पैसा निकालकर बाहर ले जाते हैं, जिसका सीधा असर रुपये की वैल्यू पर पड़ता है.
- डॉलर की बढ़ती ताकत: दुनिया की छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला ‘डॉलर सूचकांक’ (Dollar Index) 0.13% बढ़कर 100.11 पर पहुंच गया है. जब डॉलर खुद मजबूत होता है, तो रुपया और अन्य मुद्राएं उसके मुकाबले कमजोर पड़ जाती हैं.
- विदेशी निवेशकों का पलायन: आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को ही 8,167.17 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे. बाजार से इतनी बड़ी रकम का बाहर जाना रुपये के लिए खतरे की घंटी है.
| विवरण | मौजूदा स्थिति | बदलाव |
| रुपया (USD/INR) | 93.07 | -17 पैसे (कमजोर) |
| ब्रेंट क्रूड (तेल) | $111.11 | +1.22% (महंगा) |
| सेंसेक्स (Sensex) | 73,282.41 | -824.44 अंक |
| निफ्टी (Nifty) | 22,719.30 | -248.95 अंक |
Also Read: एअर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा, नए बॉस की तलाश शुरू
The post रुपये में फिर गिरावट, 17 पैसे टूटकर 93.07 के स्तर पर पहुंचा, तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुश्किल appeared first on Naya Vichar.

