Hot News

लाल आतंक से किनारा, ओडिशा में छत्तीसगढ़ के 22 नक्सलियों ने किया समर्पण, 2014 से 2025 तक ऐसे टूटी नक्सलवाद की कमर

Naxal Surrender: ओडिशा के मलकानगिरी में मंगलवार (23 दिसंबर) को 22 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने नौ बंदूक, 150 कारतूस, 20 किलोग्राम विस्फोटक, 13 आईईडी, जिलेटिन छड़ें और अन्य सामग्री अधिकारियों को सौंपी. ओडिशा के DGP योगेश बहादुर खुराना ने कहा- आज 22 नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. सरेंडर किए गए हथियारों में AK सीरीज की राइफलें और INSAS राइफल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि दूसरे नक्सली भी सरेंडर करेंगे और मुख्यधारा में शामिल होंगे. मैं सभी नक्सलियों से हिंसा छोड़ने की अपील करता हूं, क्योंकि प्रशासन ने उनके पुनर्वास के लिए सभी इंतजाम किए हैं.

ओडिशा में सक्रिय थे छत्तीसगढ़ के नक्सली

पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले अधिकतर माओवादी पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हैं. लेकिन, ये ओडिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में सुकमा जिले के संभागीय समिति सदस्य लिंगे उर्फ ​​मायरे मड़कम और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के एसीएम कमांडर बामन मड़कम शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में स्त्री नक्सली भी शामिल हैं.

नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी

केंद्र प्रशासन की विभिन्न एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई के तहत 92 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर नक्सलियों की आर्थिक जीवन रेखाओं को काफी हद तक संकुचित कर दिया है. मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सल-मुक्त बनाने के दृढ़ लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) में एक समर्पित प्रकोष्ठ का गठन किया है. इस प्रकोष्ठ ने 40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है, जबकि राज्य के प्राधिकारियों ने अतिरिक्त 40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. वहीं ईडी ने 12 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है.

2014 से 2025 तक ऐसे टूटी नक्सलियों की कमर

माओवादी उग्रवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की डिटेल रिपोर्ट देते हुए प्रशासन ने बताया कि 2014 में जहां 36 जिले नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित थे, वहीं 2025 में ऐसे केवल तीन जिले बाकी रह गए हैं. प्रशासन ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 317 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है, 862 को गिरफ्तार किया गया है और 1,973 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. बयान के मुताबिक कुल 28 टॉप नक्सली नेताओं का अंत किया गया है. साल 2024 में एक केंद्रीय समिति का सदस्य और 2025 में ऐसे पांच सदस्यों का खात्मा किया गया. सुरक्षा बलों की प्रमुख सफलताओं को गिनाते हुए प्रशासन ने कहा कि ब्लैक फॉरेस्ट अभियान के तहत 27 कट्टर नक्सली मारे गए.

2014 से 2015 तक घटी नक्सलियों की संख्या

प्रशासन ने कहा- नक्सल प्रभावित जिलों की कुल संख्या 2014 में 126 से घटकर 2025 में मात्र 11 रह गई है. किलाबंद पुलिस थानों की संख्या 2014 तक केवल 66 थी, जो पिछले 10 सालों में बढ़कर 586 हो गई है. नक्सली घटनाओं की संख्या वर्ष 2013 में 76 जिलों में 330 थी, लेकिन जून 2025 तक यह संख्या घटकर केवल 52 रह गई है जिनका संबंध 22 जिलों से है. (इनपुट भाषा)

Also Read: विकास को मिलेगी रफ्तार, खाली जमीन पर उद्योग लगाएगी प्रशासन, इन जिलों में बन रहा लैंड बैंक

The post लाल आतंक से किनारा, ओडिशा में छत्तीसगढ़ के 22 नक्सलियों ने किया समर्पण, 2014 से 2025 तक ऐसे टूटी नक्सलवाद की कमर appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top