सांसद ने डिप्टी सीएम सह नगर विकास मंत्री से की जांच की मांग
पूर्णिया. सांसद पप्पू यादव ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जमकर बरसे. कहा कि पूर्णिया नगर निगम नरक निगम बन गया है. ठेकेदार, पट्टेदार व प्रतिनिधि भ्रष्टाचार में लिप्त है. मीडिया से बात करते हुए सांसद ने कहा कि शहर में जितने भी नालों का निर्माण हो रहा है, उसके पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गयी. पानी की निकासी की व्यवस्था किये बगैर आखिर किस प्रकार नालों का धड़ल्ले से निर्माण हो रहा है. उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि आखिर ऐसा कर किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शिड्यूल पर टेंडर क्यों नहीं होता है? उन्होंने कहा कि नगर निगम अंतर्गत जितने भी सड़कों का निर्माण हुआ है, उस सड़क की हालत कुछ ही दिनों में जर्जर हो गयी है. सड़क से कुछ ही दिनों के बाद गिट्टी उखड़ने लगता है. टैक्सी स्टैंड रोड, नाला रोड व मधुबनी में बनी सड़कों का गिट्टी उखड़ने लगा है. ठीकेदार ने उसपर अलकतरा डाल कर लोगों का आइवाश करने की कोशिश की है. सांसद ने कहा कि नगर निगम समेत पूर्णिया के 11 नगर निकायों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं.
सांसद ने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा कुछ लोगों की जेब में चला जा रहा है. बाजार में जो सामान दो रुपये मिलता है, उसे नगर निगम 200 रुपये में खरीदता है. इन सभी की जांच होनी चाहिए. उन्होंने पूर्णिया नगर निगम को नरक निगम बताते हुए कहा कि व्याप्त भ्रष्टाचार में ठेकेदार, पट्टेदार व प्रतिनिधि शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर विकास मंत्री और पूर्णिया डीएम से अलग-अलग बात कर उनसे इस मामले की जांच की मांग की है. इस मौके पर प्रवक्ता राजेश यादव, संजय सिंह, बबलू भगत, वैश खान, सुड्डू यादव, सशीला हिंदुस्तानी, अभिषेक आनंद, सयूब आलम आदि मौजूद थे. ………………..
पलटवार : सांसद का बयान तथ्यों पर आधारित नहीं : स्थायी समिति
कहा- जिम्मेवार जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेवारी से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं
पूर्णिया. सांसद पप्पू यादव द्वारा पूर्णिया नगर निगम को नरक निगम और लूट निगम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगर निगम सशक्त स्थायी समिति के सदस्य स्वपन घोष, ममता सिंह, आशा महतो, कुमारी खुशबू, मुर्शीदा खातुन, कमली देवी व प्रदीप जायसवाल ने संयुक्त रूप से कहा है कि सांसद का बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है. नगर निगम के क्रियाकलाप पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन जो यहां के जिम्मेवार जनप्रतिनिधि हैं वे अपनी जिम्मेवारी से अनभिज्ञ हैं. निगम की आलोचना करने की बजाय सांसद अगर एक बार भी बुडको द्वारा निर्माणाधीन नाला को झांकने की जहमत उठाते तो शहरवासियों के यह हित में होता. कहा कि शहर में 87 करोड़ रुपये की लागत से स्ट्राम वाटर ड्रेनेज सिस्टम के तहत पांच महत्वपूर्ण नाला का निर्माण हो रहा है. नाला का निर्माण गुणवत्ता विहीन है और धीमी गति से हो रहा है. इस बात की शिकायत नगर निगम की महापौर विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से लिखित रूप से कर चुकी है. क्या इसकी सुधि लेने की जरूरत सांसद जी को महसूस नहीं होती है. सदस्यों ने कहा कि सच तो यह है कि किसी भी बड़े जनप्रतिनिधि को नगर निगम वासियों की चिंता नहीं है. इस कार्यकाल में निगम द्वारा 36 नालों के निर्माण की मांग राज्य प्रशासन से की गयी थी इसमें मात्र 5 नालों की स्वीकृति प्रदान की गयी जिसका निर्माण कार्य चल रहा है. अगर सभी 36 नालों की स्वीकृति मिल जाये तो पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र में जल जमाव की समस्या सदा के लिए दूर हो जायेगा. सांसद से आग्रह है कि बिहार प्रशासन से अन्य 31 नाले की स्वीकृति दिलवाने का प्रयास करें, शहरवासी उनका सदैव ऋणी रहेगा. सदस्यों ने कहा कि यहां लूट की कोई स्कीम नहीं चलती है, निर्माण कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है. सांसद चाहें तो जांच करवा सकते हैं, नगर निगम पूरा-पूरा सहयोग करेगा.
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